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Bulandshahar News: बंद खातों में अपना मोबाइल नंबर लगाकर ठगी करने वाले गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 26 Jun 2025 10:31 PM IST
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Those who cheated by putting their mobile numbers in closed accounts were arrested
साइबर थाना पुलिस की गिरफ्त में शातिर आरोपी। संवाद
बुलंदशहर। बंद खातों में अपने मोबाइल नंबर लगाकर धोखाधड़ी कर ठगी करने वाले मामले में साइबर थाना पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से छह मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। मुकदमा दर्ज कर चारों का चालान कर दिया है। इस प्रकरण में चार आरोपी पूर्व में जेल जा चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने संबंधित खातों से लगभग एक करोड़ 95 लाख रुपये जमा कराने के बाद निकाले हैं।
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एसपी क्राइम नरेश कुमार ने बताया कि पिछले माह 18 मई को शहर के देवीपुरा प्रथम शास्त्री पार्क निवासी असलम ने थाना साइबर क्राइम पर तहरीर दी। असलम वर्ष-2022 में फोल्डिंग बनाने का कार्य करता था। उसने बंधन बैंक में खाता खुलवाया था उसके बाद उसका काम बंद हो गया। 31 दिसंबर 2022 के बाद उसने बैंक खाते में कोई लेन देने नहीं किया। इसलिए बैंक खाता बंद हो गया। 21 अप्रैल 2025 को कुछ अज्ञात व्यक्ति उनके घर पर आए और कहा कि तुम्हारे बैंक खाते से अवैध लेनदेन किया गया है। इसके बाद उसने बैंक जाकर जानकारी की तो पाया कि उसके बैंक खाते में कोई अन्य मोबाइल नंबर लगा हुआ है और उससे लेन देन किया गया है।
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इस संबंध में साइबर थाने पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद पुलिस द्वारा की गई जांच में पता चला कि बलराम उर्फ बल्ले, अंकित शर्मा, जीतू उर्फ जितेन्द्र, शुभम कौशिक, नवल सैनी, डेविट गौतम व अनुज्ञय प्रताप सिंह, योगेश गोस्वामी का नाम प्रकाश में आया।
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बृहस्पतिवार को टीम ने नवल सैनी व अंकित सैनी, योगेश गोस्वारी और डेविड गौतम को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से छह मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इन अभियुक्तों का 11 राज्यों में नेटवर्क फैला है।

पुलिस के मुताबिक यह गिरोह बैंक कर्मचारियों से मिलकर ऐसे बैंक खातों की जानकारी करते थे, जिनमें काफी समय से लेन देन न हुआ हो या खाता धारक कहीं बाहर चला गया हो या उसकी मौत हो गई हो। ऐसे खातों में मोबाइल नंबर बदलवाने या हटवाने के लिए स्वयं ही प्रार्थना पत्र लिखकर व बैंक फार्म भरकर बैंक मैनेजर से स्वीकृत करा लेते और उसमें ट्रेडिंग के नाम पर धोखाधड़ी करके रकम मंगा लेते।
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