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15 मिनट से ज्यादा नहीं कटेगी बिजली
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
Updated Thu, 03 Nov 2016 10:46 PM IST
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पॉवर कट
- फोटो : अमर उजाला
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बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की बड़ी खबर है। जिला मुख्यालय समेत किसी भी नगरीय और ग्रामीण क्षेत्र में रोस्टर के दौरान 15 मिनट से ज्यादा का पावर कट नहीं होगा। जिला मुख्यालय, तहसील, कस्बों और गांवों में रोस्टर के अनुसार ही बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
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ऊर्जा सचिव संजय अग्रवाल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हुई बैठक में सभी बिजली अफसरों को निर्देश दिए कि किसी भी हाल में लोकल स्तर पर 15 मिनट से ज्यादा का पावर कट नहीं किया जाएगा। बिजली फाल्ट से संबंधित सभी काम रोस्टरिंग के दौरान किए जाएंगे। जिला मुख्यालय को 24 घंटे, तहसील और कस्बों को 20 घंटे तथा गांवों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
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ऊर्जा सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कोई अफसर रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित नहीं करा पाएगा और लोकल स्तर पर कटौती करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई का विकल्प भी खुला हुआ रहेगा।
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नहीं भेजे जाएंगे फर्जी आंकड़े
ऊर्जा सचिव ने अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि थ्रू रेट मेंटेन करने की कोशिश में लोकल स्तर पर अधिक कटौती की जाती है। बिजली कटौती के फर्जी आंकड़े तैयार किए जाते हैं। ऐसे में जितनी बिजली आपूर्ति क्षेत्र में होगी, वहीं आंकड़ा प्रस्तुत करना होगा। यदि आंकड़ों में हेराफेरी की गई तो संबंधित एक्सईएन पर कार्रवाई की जाएगी।
एक्सईएन को दिए निर्देश
अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा ने बताया कि ऊर्जा सचिव के निर्देश हैं कि लोकल स्तर पर 15 मिनट से ज्यादा का पावर कट नहीं किया जाएगा। गांव हो या शहर, सभी जगह रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति की जाएगी। सभी एक्सईएन को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अब गांवों में मिलेगा हाथों-हाथ बिल
शहरों की तर्ज पर अब गांवों में भी हाथों-हाथ बिजली का बिल मिल सकेगा। पावर कारपोरेशन ने गांवों में शहरी तर्ज पर बिलिंग की योजना की शुरुआत कर दी है। जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सिकंदराबाद खंड को चुना गया है। अगले माह से यहां बिलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। पावर कारपोरेशन अभी तक सिर्फ नगरीय क्षेत्रों और आईपीडीएस टाउनों में ही हैंड बिलिंग करता है।
गांवों में बिजली के बिल फिक्स होते हैं और यह मेरठ से छपकर आते हैं। अब गांवों में भी एसबीएम (स्पॉट बिलिंग मशीन) की मदद से हैंड बिलिंग की जाएगी। आई क्लाउड नामक सर्वर से बिलिंग का काम किया जाएगा। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र के सभी घरेलू और ट्यूबवेल कनेक्शन की बिलिंग एसबीएम के तहत ही की जाएगी।
अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा ने बताया कि अब गांवों में भी हैंडबिलिंग की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सिकंदराबाद खंड को चुना गया है। अगले माह से इस खंड के अंतर्गत सभी गांवों में हैंडबिलिंग की जाएगी।
नगरों में हैंड बिलिंग नहीं होने पर फ्रेंचाइजी को फटकार
आईपीडीएस में चयनित पांच नगरीय क्षेत्रों में हैंडबिलिंग होने में देरी पर अधीक्षण अभियंता ने फ्रेंचाइजी अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है। फ्रेंचाइजी को लिखे पत्र में एसई राकेश कुशवाहा ने कहा कि यदि आईपीडीएस में चयनित ककोड़, बीबीनगर, खानपुर, बुगरासी और दौलतपुर में इस माह से हैंडबिलिंग नहीं कराई गई तो फ्रेंचाइजी पर कार्रवाई की जाएगी।