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प्रधान और शिक्षकों ने स्कूल को बना डाला गोदाम
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Thu, 22 Sep 2016 11:25 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पोंड्री के परिषदीय विद्यालय को ग्राम प्रधान और शिक्षकों ने गोदाम बना दिया है। डीएम के औचक निरीक्षण में बेसिक शिक्षा की पोल खुली है। इतना ही नहीं डीएम को शौचालय के सामने मिड-डे-मील पकता मिला। डीएम ने ग्राम प्रधान को वित्त एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करने की चेतावनी दी है। डीपीआरओ को अव्यवस्था की जांच सौंपी गई है।
विद्यालय में रूम क्लास के लिए होते हैं, मगर पोंड्री गांव स्थित परिषदीय विद्यालय में क्लास रूम को गोदाम बना दिया गया। क्लास रूम में प्रधान और शिक्षकों ने एमडीएम का खाद्यान भर दिया। गोदाम में भी बच्चों को फर्श पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। विद्यालय में शौचालय के सामने मिड-डे-मील पकाया जा रहा था। स्कूल में बालक बालिकाओं की तादाद अपेक्षाकृत अधिक थी।
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डीएम ने ग्राम प्रधान को स्कूल में बुलवाया और फटकार लगाई। डीएम ने प्रधान को वित्त एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करने की चेतावनी दी। चिरोरा में पीने के पानी की व्यवस्था बदहाल थी। बाकी व्यवस्था स्कूल में दुरूस्त मिली। सहकारी नगर स्थित परिषदीय विद्यालय में फर्श टूटे पाए गए। स्कूल में दरवाजे व खिड़की नहीं थे। बताया गया कि गांव वाले दरवाजे और खिड़की उखाड़ ले गए।
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गैस सिलेंडर और एमडीएम के बर्तन भी स्कूल से चोरी कर लिए गए। दोहली गांव में स्कूल के फर्श की हालत बेहद खस्ता थी। डीएम ने बीएसए और डीपीआरओ को व्यवस्था सुधारने का आदेश दे दिया है।
परिषदीय स्कूलों में अव्यवस्था से खफा डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने डीपीआरओ और बीएसए के पेंच कसे। डीएम ने दोनों अफसरों को नोटिस जारी कर दिया है।
बता दें कि बीएसए का फोकस शिक्षकों के स्थानांतरण और समायोजन की आड़ में अवैध वसूली पर रहता है। डीपीआरओ गांवों की कार्य योजना बिन कमीशन लिए आगे नहीं बढ़ाते। ऐसे में प्राइमरी स्कूलों की दुर्दशा अचंभा भरा नहीं है।