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Bulandshahar News: राम और कृष्ण जन्मलीला की सुनाई कथा
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गुलावठी में श्रीमद् भागवत कथा सुनाते कथावाचक। संवाद
गुलावठी। नगर के मोहल्ला करनपुरी में सात दिवसीय भागवत कथा के पांचवे दिन कथावाचक अजय कृष्ण वशिष्ठ ने श्री राम जन्म और श्री कृष्ण जन्म की लीला का वर्णन किया। कथावाचक अजय कृष्ण वशिष्ठ ने कहा कि भगवान राम का जन्म हुआ।
भगवान राम के जन्म के साथ राजा दशरथ के द्वारा अयोध्या वासियों को सोने चांदी, हीरे आदि के आभूषण बधाई स्वरूप दिए गए। पूरे अयोध्या में प्रभुराम के जन्म की खुशी छाई हुई थी। गुरु वशिष्ठ ने चारों पुत्रों का नामकरण किया। बक्सर में विश्वामित्र द्वारा यज्ञ किया जा रहा था।
यज्ञ को ताड़का, मारीच, सुबाहु आदि संपन्न नहीं होने दे रहे थे। यज्ञ में विघ्न डाल रहे थे। विश्वामित्र को पता चला कि अयोध्या में भगवान नारायण का जन्म हुआ है। इसी के साथ विश्वामित्र का अयोध्या में प्रवेश होता है। भगवान राम लक्ष्मण को दशरथ से मांगने के लिए आते हैं।
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राम लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए अपने साथ ले जाते हैं। श्रीराम लीला में कृष्ण जन्म से लेकर नन्दोत्सव की लीला का मंचन किया गया। दिग्विजय का प्रसंग अत्यंत ही मनमोहक ढंग से मधुर संगीत के साथ मंचित किया गया। इस दौरान मीना, मधु, भरत शर्मा, सुनीता, अनिता, मुकेश कुमार शर्मा, सुदीप, रिंकू समेत अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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भगवान राम के जन्म के साथ राजा दशरथ के द्वारा अयोध्या वासियों को सोने चांदी, हीरे आदि के आभूषण बधाई स्वरूप दिए गए। पूरे अयोध्या में प्रभुराम के जन्म की खुशी छाई हुई थी। गुरु वशिष्ठ ने चारों पुत्रों का नामकरण किया। बक्सर में विश्वामित्र द्वारा यज्ञ किया जा रहा था।
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यज्ञ को ताड़का, मारीच, सुबाहु आदि संपन्न नहीं होने दे रहे थे। यज्ञ में विघ्न डाल रहे थे। विश्वामित्र को पता चला कि अयोध्या में भगवान नारायण का जन्म हुआ है। इसी के साथ विश्वामित्र का अयोध्या में प्रवेश होता है। भगवान राम लक्ष्मण को दशरथ से मांगने के लिए आते हैं।
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राम लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए अपने साथ ले जाते हैं। श्रीराम लीला में कृष्ण जन्म से लेकर नन्दोत्सव की लीला का मंचन किया गया। दिग्विजय का प्रसंग अत्यंत ही मनमोहक ढंग से मधुर संगीत के साथ मंचित किया गया। इस दौरान मीना, मधु, भरत शर्मा, सुनीता, अनिता, मुकेश कुमार शर्मा, सुदीप, रिंकू समेत अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।