फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   The Ganga has assumed a furious form; floodwaters have reached the fields in Ahar, and soil erosion is ongoing.

Bulandshahar News: गंगा ने धारण किया रौद्र रूप, अहार में खेतों तक पहुंचा पानी, कटान जारी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 29 Sep 2026 11:14 PM IST
विज्ञापन
The Ganga has assumed a furious form; floodwaters have reached the fields in Ahar, and soil erosion is ongoing.
अनूपशहर में घाट को पार कर गया गंगा का बढ़ा जलस्तर। संवाद

विज्ञापन
अहार/नरसेना/अनूपशहर/नरौरा। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश के बाद गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। गंगा ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। अहार क्षेत्र में पानी खेतों तक पहुंच गया है और नदी किनारे कटान जारी है। वहीं, अनूपशहर में गंगा का पानी घाटों की सीढ़ियों को पार कर गया है।
खादर क्षेत्र के कई गांवों के जंगल में पानी पहुंचने से गन्ने और ज्वार की फसल को नुकसान की आशंका है। नरौरा बैराज पर पिछले 24 घंटे में एक लाख क्यूसेक पानी की वृद्धि दर्ज की गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन

गंगा का जलस्तर बढ़ने से अहार क्षेत्र में फिर से कटान शुरू हो गया है। क्षेत्र के सिद्ध बाबा गंगा घाट पर कटान अभी जारी है। फतेहपुर गुर्जर के किसान मेघपाल सिंह, विजेंद्र सिंह, अशोक व राजवीर सिंह की ईख की फसल कटकर गंगा में लगातार समा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गंगा तक जाने वाला सीसी मार्ग भी कट कर गंगा तेज प्रवाह में बह रहा है। गंगा का पानी खेतों तक पहुंच गया और कटान की जद में फसल व खेत आ रहे हैं।
वहीं, दूसरी ओर वन विभाग की जमीन और पेड़ भी कटान की जद में आ रहे हैं। पिछले दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटान के चलते सैकड़ों बीघा जमीन व फसल समा गईं। साथ ही सिद्ध बाबा को जाने वाला सीसी मार्ग और श्मशान समेत खादर का काफी हिस्सा गंगा में समा चुका है।
इससे काफी नुकसान हुआ। अब फिर एक बार गंगा का जलस्तर बढ़ने से हो रहे कटान से और नुकसान होगा। साथ ही चारे का संकट भी और गहरा जाएगा। एसडीएम स्याना लालजी विश्वकर्मा का कहना है कि अधिकारी भेज कर जांच कराई जाएगी।
अनूपशहर में गंगा का जलस्तर करीब ढाई फुट बढ़ने से लाल महादेव घाट की सभी सीढ़ियां जलमग्न हो गई हैं। पानी घाट तक पहुंच गया है। वहीं, बबस्टरगंज घाट पर गंगा का पानी आरती स्थल के प्लेटफार्म पर शनिदेव मंदिर के पास तक पहुंच गया है।
खादर क्षेत्र के बच्चीखेड़ा, तोरई, सिरौरा, हसनपुर और शेरपुर समेत कई गांवों के जंगल में पानी पहुंच गया है। इससे गन्ने और ज्वार की फसल को नुकसान होने की आशंका है। किसानों को पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता को लेकर भी चिंता सता रही है।
मंगलवार सुबह बिजनौर बैराज से 86 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया जबकि एक दिन पहले 1.73 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। एसडीएम अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन नजर रख रहा है। खादर क्षेत्र के लेखपालों को सतर्क कर दिया गया है ताकि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा सके।
नरौरा गंगा बैराज पर पिछले 24 घंटे में जलस्तर में एक लाख क्यूसेक पानी की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बाद मंगलवार को बैराज से नदी की डाउनस्ट्रीम में 1,63,181 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को यह मात्रा 62,398 क्यूसेक थी।
बैराज पर जलस्तर मीडियम फ्लैट की श्रेणी में पहुंच गया है। नरौरा गंगा बैराज के वरिष्ठ जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि मंगलवार को डाउनस्ट्रीम में 1,63,181 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

बैराज से निकलने वाली एलजीसी नहर बंद है, जबकि पीएलजीसी नहर में 3,423 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। गंगा में पानी की बढ़ती मात्रा को देखते हुए नदी किनारे बसे गांवों और खादर क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed