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Bulandshahar News: लगातार खराब हो रही फसल देख किसानों की चिंता नहीं हो रही कम

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 18 Aug 2025 10:21 PM IST
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The farmers are not getting any less worried seeing their crops getting spoiled continuously
अहार क्षेत्र में गंगा का पानी भरने से सूखकर खराब होने लगी चारे की फसल। संवाद
अनूपशहर/अहार/नरौरा। गंगा का लगातार पानी कम हो रहा है। फिर भी नरौरा बैराज पर नजर रखी जा रही है। वहीं, खेतों व खादर में अभी भी पानी भरा है। इससे लगातार खराब हो रही फसलों को देख किसानों की चिंता कम नहीं हो रही। किसानों के अनुसार ज्वार, बाजरा, मक्का व सब्जी की फसल लगातार खराब हो रही हैं। सबसे ज्यादा चारे का संकट गहराने लगा है। जल्द पानी कम नहीं हुआ तो गन्ना व धान की फसल में भी नुकसान होने की संभावना है।
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नरौरा गंगा बैराज पर गंगा नदी का के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। बैराज के जल लेखा सहायक देवेश कुमार ने बताया कि सोमवार को नरौरा बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 1.20 लाख क्यूसेक पानी की जा रही है। बैराज से निकली एलजीसी नहर में 7030 व पीएलजीसी नहर 4939 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इस समय किसी तरह का कोई खतरा नहीं है और लगातार पानी कम हो रहा है। इसके साथ ही पानी पर लगातार नजर रखी जा रही है। दूसरी ओर अनूपशहर व अहार क्षेत्र में गंगा का जलस्तर कम होने लगा है।
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सोमवार को क्षेत्र के किसानों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी खेतों में पानी खड़ा है और खादर में जाने से सभी बच रहे हैं। पानी कम होने पर कटान होने से उनके खेत फसल समेत गंगा में समा गए। पिछले 15 दिन से अधिक होने के बाद भी फसलों में पानी खड़ा होने के कारण सब्जी की फसल लगभग बर्बाद हो चुकी है। मक्का, बाजारा व ज्वार की फसल लगातार खराब होती जा रही है। गन्ना व धान की फसल भी लगातार पानी भरने से प्रभावित होने लगी है।
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यदि जल्द ही फसलों से पानी कम नहीं हुआ तो किसानों को फसल की लागत का मूल्य भी नहीं मिलेगा। खराब हो रहीं फसलों को देख चिंता कम नहीं हो रही। किसानों ने शासन व प्रशासन से फसल नुकसान का मुआवजा देने की भी मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी आबादी से दूर खेतों में भरा है। इससे न तो मच्छर बढ़े और न ही अभी तक किसी संक्रमण का असर दिख रहा है।
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बोले किसान
औरंगाबाद ताहारपुर निवासी किसान जगवीर सिंह ने बताया कि उनकी सिद्ध बाबा गंगा घाट क्षेत्र में दस बीघा गन्ने की फसल है। इसमें गंगा का जलस्तर म होने के बाद भी करीब दो फीट पानी भरा हुआ है। खेत में यदि जल्द ही पानी कम नहीं हुआ तो गन्ने की फसल को नुकसान होगा।

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ताहारपुर निवासी किसान राजकुमार सिंह ने बताया कि गंगा के खादर क्षेत्र में करीब आठ बीघा खेत में लोभिया यानी रमास बोई गई थी। सोचा था लोभिया की फली बाजार में महंगी बेचकर अच्छी कमाई होगी। लेकिन गंगा का पानी खेत में भर जाने से सब फसल खराब हो गई और अरमानों पर पानी फिर गया है।

अहार क्षेत्र में गंगा का पानी भरने से सूखकर खराब होने लगी चारे की फसल। संवाद

अहार क्षेत्र में गंगा का पानी भरने से सूखकर खराब होने लगी चारे की फसल। संवाद

अहार क्षेत्र में गंगा का पानी भरने से सूखकर खराब होने लगी चारे की फसल। संवाद

अहार क्षेत्र में गंगा का पानी भरने से सूखकर खराब होने लगी चारे की फसल। संवाद

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