{"_id":"4672f93b80cf1323ccc717cbebeedcad","slug":"student-compelled-to-appear-in-exam-on-another-roll-number-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दूसरे का रोल नंबर लिखवाकर दिलाई परीक्षा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दूसरे का रोल नंबर लिखवाकर दिलाई परीक्षा
अमर उजाला, खुर्जा
Updated Wed, 24 Feb 2016 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा दे रही छात्रा का रोल नंबर बदलवाकर कक्ष निरीक्षक ने छात्रा के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।
प्रवेश पत्र में बोर्ड की ओर से जारी अनुक्रमांक नंबर को गलत बताते हुए कक्ष निरीक्षक ने दूसरा नंबर लिखकर छात्रा को परीक्षा दिलवाई। दूसरे दिन परीक्षा देने पहुंची छात्रा से प्रवेश पत्र पर कटे नंबर के बारे में पूछताछ करने के बाद घटना का खुलासा हुआ। वहीं, घटना के खुलासे के बाद छात्रा काफी आहत है।
मुरारी नगर निवासी सतेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी बेटी रितू चौहान चौधरी वीरपाल सिंह इंटर कॉलेज बाढ़ा में 12वीं की छात्रा है। रितू के स्कूल का परीक्षा सेंटर जीआईसी बादशाहपुर है।
आरोप है कि बोर्ड परीक्षा के पहले दिन 18 फरवरी को दूसरी पाली में रितू हिंदी प्रथम प्रशभनपत्र की परीक्षा देने गई थी। अपनी सीट पर बैठने के लिए वह कक्ष नंबर 15 में पहुंची तो उस कक्ष के निरीक्षक ने सीटिंग प्लान की जांच किए बिना बोर्ड द्वारा जारी प्रवेश पत्र पर अंकित अनुक्रमांक 0441744 को गलत बताते हुए उसे रेड पेन से काटकर उसकी जगह 0441746 लिख दिया।
विज्ञापन
वही रोल नंबर कॉपी और पेपर पर भी रितू से लिखवाया। यही नहीं रितू के वास्तविक अनुक्रमांक पर अनुपस्थिति दिखा दी। अगला पेपर देने के लिए 20 फरवरी को जब रितू अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंची तो दूसरे कक्ष निरीक्षक ने प्रवेश पत्र पर रेड पेन से कटे नंबर के बारे में पूछा।
रितू ने सारा वाकया बता दिया। कक्ष निरीक्षक ने इसे गलत बताते हुए फिर से पुराना रोल नंबर लिखकर दुरुस्त किया। इस घटना के बारे में रितू के परिजनों ने परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक आदि से शिकायत की लेकिन को संतोष जनक जवाब नहीं मिला। उधर, इस घटना से छात्रा रितू का भविष्य अधर में लटक गया है।
विज्ञापन
प्रवेश पत्र में बोर्ड की ओर से जारी अनुक्रमांक नंबर को गलत बताते हुए कक्ष निरीक्षक ने दूसरा नंबर लिखकर छात्रा को परीक्षा दिलवाई। दूसरे दिन परीक्षा देने पहुंची छात्रा से प्रवेश पत्र पर कटे नंबर के बारे में पूछताछ करने के बाद घटना का खुलासा हुआ। वहीं, घटना के खुलासे के बाद छात्रा काफी आहत है।
मुरारी नगर निवासी सतेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी बेटी रितू चौहान चौधरी वीरपाल सिंह इंटर कॉलेज बाढ़ा में 12वीं की छात्रा है। रितू के स्कूल का परीक्षा सेंटर जीआईसी बादशाहपुर है।
विज्ञापन
आरोप है कि बोर्ड परीक्षा के पहले दिन 18 फरवरी को दूसरी पाली में रितू हिंदी प्रथम प्रशभनपत्र की परीक्षा देने गई थी। अपनी सीट पर बैठने के लिए वह कक्ष नंबर 15 में पहुंची तो उस कक्ष के निरीक्षक ने सीटिंग प्लान की जांच किए बिना बोर्ड द्वारा जारी प्रवेश पत्र पर अंकित अनुक्रमांक 0441744 को गलत बताते हुए उसे रेड पेन से काटकर उसकी जगह 0441746 लिख दिया।
विज्ञापन
वही रोल नंबर कॉपी और पेपर पर भी रितू से लिखवाया। यही नहीं रितू के वास्तविक अनुक्रमांक पर अनुपस्थिति दिखा दी। अगला पेपर देने के लिए 20 फरवरी को जब रितू अपने परीक्षा केंद्र पर पहुंची तो दूसरे कक्ष निरीक्षक ने प्रवेश पत्र पर रेड पेन से कटे नंबर के बारे में पूछा।
रितू ने सारा वाकया बता दिया। कक्ष निरीक्षक ने इसे गलत बताते हुए फिर से पुराना रोल नंबर लिखकर दुरुस्त किया। इस घटना के बारे में रितू के परिजनों ने परीक्षा केंद्र व्यवस्थापक आदि से शिकायत की लेकिन को संतोष जनक जवाब नहीं मिला। उधर, इस घटना से छात्रा रितू का भविष्य अधर में लटक गया है।