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सीएमओ का छापा, पांच अस्पताल मिले खाली
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 12 Dec 2015 11:10 PM IST
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आशीर्वाद योजना में भारी फर्जीवाड़ा सामने आने से गुस्साए सीएमओ ने जिले के सरकारी अस्पतालों में ताबड़तोड़ छापेमारी की।
इसके चलते अधिकारियों से लेकर कर्मियों में हड़कंप मच गया। छापेमारी में सभी अस्पतालों की हालत भगवान भरोसे मिली।
कहीं कर्मी गायब थे तो कहीं चिकित्सकों का पता ही नहीं था। गुस्साए सीएमओ ने चिकित्सकों और कर्मियों का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
जिले में अस्पतालों के कर्मियों की लापरवाही से परेशान सीएमओ ने सिकंदराबाद, बैर, धरपा, सिकंदराबाद शहरी, ककोड़ आदि अस्पतालों पर छापेमारी की।
इस दौरान धरपा प्रभारी डॉ. हांडा, डॉ. संजू, फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले। इनका वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं। इस दौरान आशीर्वाद टीम की कर्मी हिमानी राखी की संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।
सिकंदराबाद देहात अस्पताल की स्टाफ नर्स मंजू रानी, और छेरी डेनियल भी नदारद मिली। इसके अलावा अर्बन अस्पताल में फार्मासिस्ट भगत सिंह, स्टाफ नर्स ममता, चौकीदार ब्रजवीर सिंह, स्टाफ नर्स निगार फातिमा अनुपस्थित मिलीं।
वहीं, बैर अस्पताल में डॉ. जगवीर, डॉ. अनिल गुप्ता और ककोड़ में डॉ. चारुलता, वार्ड आया गंगावती, स्वीपर बिजेंद्र सिंह, स्टाफ नर्स प्रीति परिहार अनुपस्थित मिलीं।
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इन कर्मियों का वेतन रोक दिया गया है। प्रभारी अधिकारियों को तलब किया गया है।
चिकित्सकों और स्टाफ की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुपस्थित चिकित्सक और कर्मियों का वेतन रोक दिया गया है। प्रभारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। आशीर्वाद टीम की कर्मी की संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।
डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
पूरी आशीर्वाद टीम की संविदा होगी समाप्त
आशीर्वाद टीम के फर्जीवाड़े की कहानी आंकड़े खुद बांया कर रहे हैं। गोपनीय जांच के बाद छापेमारी हुई तो हकीकत सामने आ गई।
ड्यूटी से पूरी आशीर्वाद टीमें गायब मिलीं। प्रभारियों की सांठगांठ उजागर हो चुकी है। प्रभारी एसीएमओ की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
बता दें कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के लिए गठित की गई आशीर्वाद टीमों का फर्जीवाड़ा सामने आ गया है। छापेमारी में बैर अस्पताल पर कार्यरत आशीर्वाद टीम गायब मिलीं।
टीम के चिकित्सक डॉ. अनुज, डॉ. विमल कुमार, डॉ. प्रकाश सिंह, एएनएम संगीता, संगीता, डॉ. दीपिका कौशिक, डॉ. अनिल कुमार को संविदा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया गया है।
सीएचसी जहांगीराबाद, ऊंचागांव, दानपुर, अनूपशहर, शिकारपुर आदि अस्पतालों पर कार्यरत आशीर्वाद टीमों का फर्जीवाड़ा भी सामने आ चुका है। इन अस्पतालों के 15 चिकित्सक चिह्नित किए गए हैं, जिनको संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया जाना तय है।
आशीर्वाद ने कुपोषितों की संख्या बढ़ाई
इन टीमों के चिकित्सक कुपोषण के आंकड़े को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारियों की सांठगांठ तो उजागर हुई है, साथ ही एसीएमओ की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जनपद में 27 हजार बच्चे कुपोषण का शिकार हैं।
आशीर्वाद टीमों का फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी अनुपस्थित चिकित्सकों और स्टाफ की संविदा समाप्ति की संस्तुति की जाएगी। गोपनीय जांच में पता चला है कि आशीर्वाद के चिकित्सक लगातार अनुपस्थित रह रहे हैं। चिह्नित चिकित्सकों के खिलाफ संविदा समाप्ति की कार्रवाई होगी।
डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
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इसके चलते अधिकारियों से लेकर कर्मियों में हड़कंप मच गया। छापेमारी में सभी अस्पतालों की हालत भगवान भरोसे मिली।
कहीं कर्मी गायब थे तो कहीं चिकित्सकों का पता ही नहीं था। गुस्साए सीएमओ ने चिकित्सकों और कर्मियों का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं।
जिले में अस्पतालों के कर्मियों की लापरवाही से परेशान सीएमओ ने सिकंदराबाद, बैर, धरपा, सिकंदराबाद शहरी, ककोड़ आदि अस्पतालों पर छापेमारी की।
इस दौरान धरपा प्रभारी डॉ. हांडा, डॉ. संजू, फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिले। इनका वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं। इस दौरान आशीर्वाद टीम की कर्मी हिमानी राखी की संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।
सिकंदराबाद देहात अस्पताल की स्टाफ नर्स मंजू रानी, और छेरी डेनियल भी नदारद मिली। इसके अलावा अर्बन अस्पताल में फार्मासिस्ट भगत सिंह, स्टाफ नर्स ममता, चौकीदार ब्रजवीर सिंह, स्टाफ नर्स निगार फातिमा अनुपस्थित मिलीं।
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वहीं, बैर अस्पताल में डॉ. जगवीर, डॉ. अनिल गुप्ता और ककोड़ में डॉ. चारुलता, वार्ड आया गंगावती, स्वीपर बिजेंद्र सिंह, स्टाफ नर्स प्रीति परिहार अनुपस्थित मिलीं।
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इन कर्मियों का वेतन रोक दिया गया है। प्रभारी अधिकारियों को तलब किया गया है।
चिकित्सकों और स्टाफ की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनुपस्थित चिकित्सक और कर्मियों का वेतन रोक दिया गया है। प्रभारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। आशीर्वाद टीम की कर्मी की संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।
डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
पूरी आशीर्वाद टीम की संविदा होगी समाप्त
आशीर्वाद टीम के फर्जीवाड़े की कहानी आंकड़े खुद बांया कर रहे हैं। गोपनीय जांच के बाद छापेमारी हुई तो हकीकत सामने आ गई।
ड्यूटी से पूरी आशीर्वाद टीमें गायब मिलीं। प्रभारियों की सांठगांठ उजागर हो चुकी है। प्रभारी एसीएमओ की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है।
बता दें कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की जांच के लिए गठित की गई आशीर्वाद टीमों का फर्जीवाड़ा सामने आ गया है। छापेमारी में बैर अस्पताल पर कार्यरत आशीर्वाद टीम गायब मिलीं।
टीम के चिकित्सक डॉ. अनुज, डॉ. विमल कुमार, डॉ. प्रकाश सिंह, एएनएम संगीता, संगीता, डॉ. दीपिका कौशिक, डॉ. अनिल कुमार को संविदा समाप्ति का नोटिस जारी कर दिया गया है।
सीएचसी जहांगीराबाद, ऊंचागांव, दानपुर, अनूपशहर, शिकारपुर आदि अस्पतालों पर कार्यरत आशीर्वाद टीमों का फर्जीवाड़ा भी सामने आ चुका है। इन अस्पतालों के 15 चिकित्सक चिह्नित किए गए हैं, जिनको संविदा समाप्ति का नोटिस जारी किया जाना तय है।
आशीर्वाद ने कुपोषितों की संख्या बढ़ाई
इन टीमों के चिकित्सक कुपोषण के आंकड़े को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारियों की सांठगांठ तो उजागर हुई है, साथ ही एसीएमओ की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जनपद में 27 हजार बच्चे कुपोषण का शिकार हैं।
आशीर्वाद टीमों का फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी अनुपस्थित चिकित्सकों और स्टाफ की संविदा समाप्ति की संस्तुति की जाएगी। गोपनीय जांच में पता चला है कि आशीर्वाद के चिकित्सक लगातार अनुपस्थित रह रहे हैं। चिह्नित चिकित्सकों के खिलाफ संविदा समाप्ति की कार्रवाई होगी।
डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ