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भवनों की होगी जांच, जीर्ण-शीर्ण भवनों की भी होगी मरम्मत
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भवनों की होगी जांच, जीर्ण-शीर्ण भवनों की भी होगी मरम्मत
बुलंदशहर। मुरादनगर की घटना के बाद से जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। डीएम रविंद्र कुमार ने सभी निकायों के अफसरों को आदेश जारी किए हैं। नवनिर्मित भवनों की जांच के साथ-साथ जीर्ण-शीर्ण भवनों को निष्प्रोज्य घोषित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही निष्प्रोज्य भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
मुरादनगर में श्मशान घाट का लिंटर गिरने से कई लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद से जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। डीएम रविंद्र कुमार ने सभी निकायों के अधिशासी अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020-21 में बनाए गए सभी प्रकार के भवन संबंधी निर्माण कार्यों की जांच/परीक्षण कर लिया जाए। साथ ही उनकी गुणवत्ता के संबंध में प्रमाण पत्र दो दिन में प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय को उपलब्ध कराएं। यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता निम्नकोटि की है तो उचित कार्रवाई करते हुए उनकी मरम्मत का कार्य कराया जाए। इसके अलावा पुराने भवन जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, उनकी वास्तविक स्थिति की सूचना भी दो दिन के अंदर दी जाए। जो भवन मरम्मत योग्य नहीं हैं उन्हें नियमानुसार निष्प्रोज्य घोषित करवाते हुए आगे की कार्रवाई की जाए।
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बुलंदशहर। मुरादनगर की घटना के बाद से जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। डीएम रविंद्र कुमार ने सभी निकायों के अफसरों को आदेश जारी किए हैं। नवनिर्मित भवनों की जांच के साथ-साथ जीर्ण-शीर्ण भवनों को निष्प्रोज्य घोषित करने के आदेश दिए हैं। साथ ही निष्प्रोज्य भवनों पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
मुरादनगर में श्मशान घाट का लिंटर गिरने से कई लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद से जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। डीएम रविंद्र कुमार ने सभी निकायों के अधिशासी अधिकारियों को आदेश जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 और 2020-21 में बनाए गए सभी प्रकार के भवन संबंधी निर्माण कार्यों की जांच/परीक्षण कर लिया जाए। साथ ही उनकी गुणवत्ता के संबंध में प्रमाण पत्र दो दिन में प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय को उपलब्ध कराएं। यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता निम्नकोटि की है तो उचित कार्रवाई करते हुए उनकी मरम्मत का कार्य कराया जाए। इसके अलावा पुराने भवन जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, उनकी वास्तविक स्थिति की सूचना भी दो दिन के अंदर दी जाए। जो भवन मरम्मत योग्य नहीं हैं उन्हें नियमानुसार निष्प्रोज्य घोषित करवाते हुए आगे की कार्रवाई की जाए।
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