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अस्पताल में लड़का भर्ती कराया, डिस्चार्ज करते समय लड़की मिली
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अस्पताल में लड़का भर्ती कराया, डिस्चार्ज करते समय लड़की मिली
बुलंदशहर। कालाआम चौराहा स्थित एक अस्पताल पर नवजात बच्चा बदलने का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने लड़का भर्ती कराया था, जबकि बृहस्पतिवार रात डिस्चार्ज करते समय उन्हें लड़की थमा दी गई है। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस से भी बेटा दिलाने की मांग की है। पुलिस ने बच्चे को भर्ती करने से पूर्व और डिस्चार्ज करने तक का सभी ब्यौरा अस्पताल संचालक से मांगा है।
गांव कैलावन निवासी हरिओम शर्मा ने बताया कि 20 दिसंबर को उनकी पुत्रवधू शिल्पी शर्मा शास्त्रीनगर स्थित नवजीवन अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। पोते की हालत गंभीर होने पर उसे कालाआम स्थित किलकारी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया गया। पिछले तीन दिन से बच्चे को दूर से ही देखने दिया जा रहा था। बृहस्पतिवार को शिशु के स्वस्थ्य होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। बच्चे को उसकी मां के पास ले गए। तब पता चला कि बालक की जगह बालिका है। इसके बाद वह नर्सिंग होम आ गए और चिकित्सक से अपने बच्चे की मांग की। चिकित्सक ने कहा कि बालिका ही भर्ती कराई गई थी। परिजनों का कहना है कि अस्पताल के सभी दस्तावेजों में बालक दर्ज है।
डिलीवरी वाले स्थान पर झोल की आशंका
जिस अस्पताल में डिलीवरी की गई, वहां से परिजनों को कोई भी दस्तावेज नहीं दिया गया। ऐसे में वहां के स्टाफ और संचालक की लापरवाही भी सामने आ रही है। परिजनों का कहना है कि बच्चे का लिंग देखकर भर्ती किया गया।
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पूर्व में भी आ चुके हैं ऐसे मामले
नर्सिंग होम में बच्चा बदलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। एक साल पूर्व जिला महिला अस्पताल में भी बच्चा बदलने का आरोप लग चुका है। इस दौरान परिजनों के दस्तावेजों में लड़का और हाथ मे लड़की थमा दी गई। यह मामला भी काफी दिन सुर्खियों में बना रहा।
भर्ती कराया गया शिशु लड़की अथवा लड़का था इसकी जांच की जा रही है। पुलिस को 20 दिसंबर से 23 दिसंबर तक का ब्यौरा दे दिया गया है। बच्चा बदलने का सवाल ही नहीं उठता। जांच में पूरी तरह सहयोग किया जाएगा। - डा. योगेंद्र सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ
नवजीवन अस्पताल की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। मामले में दोनों अस्पताल के स्टाफ से वार्ता की जा रही है। - डॉ. संजीव अग्रवाल, आईएमए अध्यक्ष
मामले की कोई जानकारी नहीं है और न ही किसी प्रकार की शिकायत मिली है। शिकायत मिलने पर जांच करवाई जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। कालाआम चौराहा स्थित एक अस्पताल पर नवजात बच्चा बदलने का आरोप लगा है। परिजनों का कहना है कि उन्होंने लड़का भर्ती कराया था, जबकि बृहस्पतिवार रात डिस्चार्ज करते समय उन्हें लड़की थमा दी गई है। इसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस से भी बेटा दिलाने की मांग की है। पुलिस ने बच्चे को भर्ती करने से पूर्व और डिस्चार्ज करने तक का सभी ब्यौरा अस्पताल संचालक से मांगा है।
गांव कैलावन निवासी हरिओम शर्मा ने बताया कि 20 दिसंबर को उनकी पुत्रवधू शिल्पी शर्मा शास्त्रीनगर स्थित नवजीवन अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। पोते की हालत गंभीर होने पर उसे कालाआम स्थित किलकारी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया गया। पिछले तीन दिन से बच्चे को दूर से ही देखने दिया जा रहा था। बृहस्पतिवार को शिशु के स्वस्थ्य होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया। बच्चे को उसकी मां के पास ले गए। तब पता चला कि बालक की जगह बालिका है। इसके बाद वह नर्सिंग होम आ गए और चिकित्सक से अपने बच्चे की मांग की। चिकित्सक ने कहा कि बालिका ही भर्ती कराई गई थी। परिजनों का कहना है कि अस्पताल के सभी दस्तावेजों में बालक दर्ज है।
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डिलीवरी वाले स्थान पर झोल की आशंका
जिस अस्पताल में डिलीवरी की गई, वहां से परिजनों को कोई भी दस्तावेज नहीं दिया गया। ऐसे में वहां के स्टाफ और संचालक की लापरवाही भी सामने आ रही है। परिजनों का कहना है कि बच्चे का लिंग देखकर भर्ती किया गया।
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पूर्व में भी आ चुके हैं ऐसे मामले
नर्सिंग होम में बच्चा बदलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। एक साल पूर्व जिला महिला अस्पताल में भी बच्चा बदलने का आरोप लग चुका है। इस दौरान परिजनों के दस्तावेजों में लड़का और हाथ मे लड़की थमा दी गई। यह मामला भी काफी दिन सुर्खियों में बना रहा।
भर्ती कराया गया शिशु लड़की अथवा लड़का था इसकी जांच की जा रही है। पुलिस को 20 दिसंबर से 23 दिसंबर तक का ब्यौरा दे दिया गया है। बच्चा बदलने का सवाल ही नहीं उठता। जांच में पूरी तरह सहयोग किया जाएगा। - डा. योगेंद्र सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ
नवजीवन अस्पताल की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। मामले में दोनों अस्पताल के स्टाफ से वार्ता की जा रही है। - डॉ. संजीव अग्रवाल, आईएमए अध्यक्ष
मामले की कोई जानकारी नहीं है और न ही किसी प्रकार की शिकायत मिली है। शिकायत मिलने पर जांच करवाई जाएगी। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ