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अब अपात्रों से बाजार मूल्य पर होगी राशन की रिकवरी
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अब अपात्रों से बाजार मूल्य पर होगी राशन की रिकवरी
बुलंदशहर। लग्जरी वाहन व शस्त्र लाइसेंस के स्वामी होने के बाद भी यदि पात्र गृहस्थी या फिर अंत्योदय राशनकार्ड के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ ले रहे हैं, तो तत्काल राशनकार्ड को वापस करें। यदि संबंधित तहसील मुख्यालय या फिर पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर राशनकार्ड समर्पित नहीं किया और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ लेते रहे, तो जांच में अपात्र पाए जाने पर न सिर्फ कार्रवाई की जाएगी, बल्कि उनसे बाजार मूल्य पर रिकवरी भी की जाएगी।
पात्र गृहस्थी व अंत्योदय राशनकार्ड के माध्यम से कोटे से सस्ते दर पर राशन लेने वाले अपात्रों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। शासन ने अब ऐसे राशन कार्डधारकों पर कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी हे, जो अपात्र हैं, लेकिन इसके बाद भी कोटे से राशन का लाभ ले रहे हैं। मौजूदा समय में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 1350 कोटे की दुकान संचालित हैं। इनसे छह लाख राशन कार्डधारक संबद्ध हैं। इसमें 26,802 अंत्योदय राशन कार्डधारक शामिल हैं। संबंधित कोटों से निशुल्क राशन कार्डधारक ले रहे हैं। इन राशन कार्डधारकों में कुछ ऐसे भी कार्डधारक हैं, जो अपात्र होने के बाद भी योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब ऐसे ही अपात्र राशन कार्डधारकों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी शासन ने शुरू कर दी है। शासन ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देशित किया कि अपात्र राशन कार्डधारकों को निर्देशित करें कि वे स्वयं ही संबंधित तहसील मुख्यालय या फिर पूर्ति अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर राशन कार्ड समर्पित कर दें। यदि ऐसा नहीं करते और जांच के बाद अपात्र पाए जाते हैं, तो न सिर्फ उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए, बल्कि उनके बाजार मूल्य पर रिकवरी भी कराई जाए।
यह है ग्रामीण क्षेत्रों में अपात्र की श्रेणी
ग्रामीण क्षेत्रों में आयकर दाता, ऐसा परिवार जिसमें किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन अथवा ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, वातानुकूलित यंत्र, पांच केवी या इससे अधिक क्षमता का जनरेटर है, वह अपात्र होगा। ऐसा परिवार जिनके किसी सदस्य के पास अकेले या अन्य सदस्यों के स्वामित्व में पांच एकड़ से अधिक भूमि हो, ऐसा परिवार जिनके समस्त सदस्यों की आय दो लाख प्रतिवर्ष से अधिक हो, ऐसा परिवार जिनके किसी सदस्य के शस्त्र हो, वह अपात्र की श्रेणी में आएगा।
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यह है नगरीय क्षेत्र में अपात्र श्रेणी
नगरीय क्षेत्र में आयकर दाता ऐसा परिवार जिसके स्वामित्व में चार पहिया वाहन, वातानुकूलित यंत्र व पांच केवीए व उससे अधिक क्षमता का जनरेटर हो, वह अपात्र होगा। ऐसा परिवार जिसके किसी सदस्य के स्वामित्व में अकेले या अन्य सदस्य के साथ 100 वर्ग मीटर से अधिक या स्वार्जित आवासीय प्लाट या स्वनिर्मित मकान अथवा 100 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट एरिया का फ्लैट हो, जिनके सदस्यों के पास एक से अधिक शस्त्र का लाइसेंस हो और ऐसा परिवार जिनके समस्त सदस्यों की प्रतिवर्ष आय 3 लाख रुपये हो, वह अपात्र की श्रेणी में आएगा।
अपात्र होते हुए भी यदि कोई पात्र गृहस्थी या फिर अंत्योदय राशनकार्ड के माध्यम से सस्ते दर पर राशन ले रहा है, तो उसे चाहिए कि वह अपना राशनकार्ड तहसील मुख्यालय या पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर जमा कर दे। यदि ऐसा नहीं किया और जांच में अपात्र मिला, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही बाजार मूल्य पर रिकवरी की जाएगी। - अखंड प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।
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बुलंदशहर। लग्जरी वाहन व शस्त्र लाइसेंस के स्वामी होने के बाद भी यदि पात्र गृहस्थी या फिर अंत्योदय राशनकार्ड के माध्यम से सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ ले रहे हैं, तो तत्काल राशनकार्ड को वापस करें। यदि संबंधित तहसील मुख्यालय या फिर पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर राशनकार्ड समर्पित नहीं किया और सार्वजनिक वितरण प्रणाली का लाभ लेते रहे, तो जांच में अपात्र पाए जाने पर न सिर्फ कार्रवाई की जाएगी, बल्कि उनसे बाजार मूल्य पर रिकवरी भी की जाएगी।
पात्र गृहस्थी व अंत्योदय राशनकार्ड के माध्यम से कोटे से सस्ते दर पर राशन लेने वाले अपात्रों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। शासन ने अब ऐसे राशन कार्डधारकों पर कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी हे, जो अपात्र हैं, लेकिन इसके बाद भी कोटे से राशन का लाभ ले रहे हैं। मौजूदा समय में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 1350 कोटे की दुकान संचालित हैं। इनसे छह लाख राशन कार्डधारक संबद्ध हैं। इसमें 26,802 अंत्योदय राशन कार्डधारक शामिल हैं। संबंधित कोटों से निशुल्क राशन कार्डधारक ले रहे हैं। इन राशन कार्डधारकों में कुछ ऐसे भी कार्डधारक हैं, जो अपात्र होने के बाद भी योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब ऐसे ही अपात्र राशन कार्डधारकों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी शासन ने शुरू कर दी है। शासन ने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देशित किया कि अपात्र राशन कार्डधारकों को निर्देशित करें कि वे स्वयं ही संबंधित तहसील मुख्यालय या फिर पूर्ति अधिकारी कार्यालय में पहुंचकर राशन कार्ड समर्पित कर दें। यदि ऐसा नहीं करते और जांच के बाद अपात्र पाए जाते हैं, तो न सिर्फ उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए, बल्कि उनके बाजार मूल्य पर रिकवरी भी कराई जाए।
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यह है ग्रामीण क्षेत्रों में अपात्र की श्रेणी
ग्रामीण क्षेत्रों में आयकर दाता, ऐसा परिवार जिसमें किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन अथवा ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, वातानुकूलित यंत्र, पांच केवी या इससे अधिक क्षमता का जनरेटर है, वह अपात्र होगा। ऐसा परिवार जिनके किसी सदस्य के पास अकेले या अन्य सदस्यों के स्वामित्व में पांच एकड़ से अधिक भूमि हो, ऐसा परिवार जिनके समस्त सदस्यों की आय दो लाख प्रतिवर्ष से अधिक हो, ऐसा परिवार जिनके किसी सदस्य के शस्त्र हो, वह अपात्र की श्रेणी में आएगा।
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यह है नगरीय क्षेत्र में अपात्र श्रेणी
नगरीय क्षेत्र में आयकर दाता ऐसा परिवार जिसके स्वामित्व में चार पहिया वाहन, वातानुकूलित यंत्र व पांच केवीए व उससे अधिक क्षमता का जनरेटर हो, वह अपात्र होगा। ऐसा परिवार जिसके किसी सदस्य के स्वामित्व में अकेले या अन्य सदस्य के साथ 100 वर्ग मीटर से अधिक या स्वार्जित आवासीय प्लाट या स्वनिर्मित मकान अथवा 100 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट एरिया का फ्लैट हो, जिनके सदस्यों के पास एक से अधिक शस्त्र का लाइसेंस हो और ऐसा परिवार जिनके समस्त सदस्यों की प्रतिवर्ष आय 3 लाख रुपये हो, वह अपात्र की श्रेणी में आएगा।
अपात्र होते हुए भी यदि कोई पात्र गृहस्थी या फिर अंत्योदय राशनकार्ड के माध्यम से सस्ते दर पर राशन ले रहा है, तो उसे चाहिए कि वह अपना राशनकार्ड तहसील मुख्यालय या पूर्ति अधिकारी कार्यालय पर जमा कर दे। यदि ऐसा नहीं किया और जांच में अपात्र मिला, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही बाजार मूल्य पर रिकवरी की जाएगी। - अखंड प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी।