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गले मिले चारो भाई तो गूंज उठे श्रीराम के जयकारे
सार
गले मिले चारो भाई तो गूंज उठे श्रीराम के जयकारेबुलंदशहर।बताया कि राजतिलक के बाद कलाकारों और व्यवस्था में लगे लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।राजतिलक के साथ हुआ रामलीला का समापन बुगरासी।
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विस्तार
गले मिले चारो भाई तो गूंज उठे श्रीराम के जयकारे
बुलंदशहर। दशहरा पर रावण के पुतले का दहन होने के बाद बृहस्पतिवार की रात्रि को राम प्रसंग के दौरान श्रीराम के राजतिलक का आयोजन हुआ। श्रीराम और भरत समेत चारों भाइयों के मिलते ही पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। राजतिलक के साथ राम प्रसंग और रामलीला का समापन हो गया।
नगर के नुमाइश मैदान में श्री रामलीला सभा की ओर से पिछले 12 दिन से रामलीला चल रही थी। रामलीला मंचन की शुरूआत गणेश पूजन के साथ 23 सितंबर से शुरू हुई थी। रामलीला का मंचन चार अक्टूबर तक जारी रहा। पांच अक्टूबर को दशहरा मनाया गया। इसके बाद बृहस्पतिवार की रात्रि को राम-भरत मिलाप की लीला के बाद राज तिलक का आयोजन हुआ। बताया कि राजतिलक के बाद कलाकारों और व्यवस्था में लगे लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सभा के अध्यक्ष नीरज जिंदल, नगर पालिका परिषद के चेयरमैन मनोज गर्ग, सुधीर गोयल, ऋषभ तोमर, अमित कुमार मित्तल, दिनेश अग्रवाल, मनमोहन गुप्ता, तरुण मित्तल, वैभव गुप्ता महावीर प्रसाद सिंघल योगेश वर्मा, सौरव अग्रवाल, सुशील कंसल सुखदेव शर्मा उमेश शर्मा और उमेश चतुर्वेदी आदि लोगों ने सपरिवार भगवान का तिलक किया।
नगर में देर रात निकली शोभायात्रा
डिबाई। रामलीला के चलते रावण वीरगति को प्राप्त हो गया। उसके बाद राम जी का भरत मिलाप हुआ। रामलीला मैदान से नगर में देर शाम शोभायात्रा निकाली गई। राम-भरत मिलन कार्यक्रम बाजार बड़ा बाजार में सूत वालों की दुकान पर लीला मंचन किया गया। काफी संख्या में लोग लीला को देखने पहुंचे। उसके उपरांत शोभायात्रा देर रात रामलीला मैदान में समाप्त हुई। इस दौरान कमेटी के महामंत्री विकास गोस्वामी, अरुण अग्रवाल, रवि, अमित पापा आदि लोग साथ चल रहे थे।
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श्रीराम-भरत की लीला का मंचन किया
गुलावठी। रामलीला में श्रीराम-भरत की लीला का मंचन किया गया। रावण का वध करने के बाद भगवान श्रीराम, सीता व लक्ष्मण आदि के साथ अयोध्या लौटे। जहां पर श्रीराम व भरत का मिलन हुआ। उसके बाद भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ। मुख्य अतिथि समाज सेविका डॉ.सविता तेवतिया रही। इस मौके पर रामलीला में सहयोग करने वालों को सम्मानित किया गया। रामलीला मंडल के संचालक हीरालाल शर्मा, रामलीला समिति के संरक्षक रमेश चंद जैन आदि को भी सम्मानित किया गया।
गंगातट पर हुआ राम-भरत मिलाप
अनूपशहर। बबस्टरंगज गंगातट स्थित पवलन गोयल के प्रतिष्ठान पर भगवान श्रीराम-भरत मिलाप लीला का बहुत सुंदर मंचन किया गया। लंका विजय के बाद भगवान, श्रीराम, माता सीता व भ्राता लक्ष्मण एवं हनुमान आदि वानर सेना नायकों के साथ अयोध्या के लिए वापस लौटे। इस दौरान सभी स्वरूप पक्के घाट से सुसज्जित नावों से गंगा में होते हुए बबस्टरगंज घाट पहुंचे। जहां श्रीरामलाला सेवा समिति व आढ़ती यूनियन के पदाधिकारियों एवं नगरवासियों ने पुष्प वर्षा व आतिशबाजी छोड़कर भव्य स्वागत किया गया। पवन कुमार अजीत गोयल के प्रतिष्ठान पर भरत मिलाप लीला का मंचन किया गया। इस दौरान अभय गर्ग, विपिन बंसल, सतीशचंद वार्ष्णेय, अजय किशोर, राधेलाल गर्ग, छेदालाल, सीपीसिंह भूपेंद्र लोधी, विनीत बंसल, महेंद्रसिंह लोधी, गोविंद वार्ष्णेय, किशन अरोरा, डॉ. आलाके गोविल, सुबोध बंसल आदि मौजूद रहे।
राजतिलक के साथ हुआ रामलीला का समापन
बुगरासी। कस्बे में चल रही रामलीला का बृहस्पतिवार की रात भगवान राम के राजतिलक के साथ समापन कर दिया गया। समापन के मुख्य अतिथि ने भगवान राम के आदर्श पर चलने का आह्वान किया। बृहस्पतिवार की रात रामलीला के मंचन में भगवान राम का राजतिलक किया गया। समापन के मुख्य अतिथि सुभाष चंद वर्मा ने कहा कि भगवान श्रीराम की लीला जीवन के सही जीने की शिक्षा देती है। उनके बताए मार्ग पर चलने से जीवन सफल हो जाएगा।
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बुलंदशहर। दशहरा पर रावण के पुतले का दहन होने के बाद बृहस्पतिवार की रात्रि को राम प्रसंग के दौरान श्रीराम के राजतिलक का आयोजन हुआ। श्रीराम और भरत समेत चारों भाइयों के मिलते ही पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। राजतिलक के साथ राम प्रसंग और रामलीला का समापन हो गया।
नगर के नुमाइश मैदान में श्री रामलीला सभा की ओर से पिछले 12 दिन से रामलीला चल रही थी। रामलीला मंचन की शुरूआत गणेश पूजन के साथ 23 सितंबर से शुरू हुई थी। रामलीला का मंचन चार अक्टूबर तक जारी रहा। पांच अक्टूबर को दशहरा मनाया गया। इसके बाद बृहस्पतिवार की रात्रि को राम-भरत मिलाप की लीला के बाद राज तिलक का आयोजन हुआ। बताया कि राजतिलक के बाद कलाकारों और व्यवस्था में लगे लोगों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सभा के अध्यक्ष नीरज जिंदल, नगर पालिका परिषद के चेयरमैन मनोज गर्ग, सुधीर गोयल, ऋषभ तोमर, अमित कुमार मित्तल, दिनेश अग्रवाल, मनमोहन गुप्ता, तरुण मित्तल, वैभव गुप्ता महावीर प्रसाद सिंघल योगेश वर्मा, सौरव अग्रवाल, सुशील कंसल सुखदेव शर्मा उमेश शर्मा और उमेश चतुर्वेदी आदि लोगों ने सपरिवार भगवान का तिलक किया।
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नगर में देर रात निकली शोभायात्रा
डिबाई। रामलीला के चलते रावण वीरगति को प्राप्त हो गया। उसके बाद राम जी का भरत मिलाप हुआ। रामलीला मैदान से नगर में देर शाम शोभायात्रा निकाली गई। राम-भरत मिलन कार्यक्रम बाजार बड़ा बाजार में सूत वालों की दुकान पर लीला मंचन किया गया। काफी संख्या में लोग लीला को देखने पहुंचे। उसके उपरांत शोभायात्रा देर रात रामलीला मैदान में समाप्त हुई। इस दौरान कमेटी के महामंत्री विकास गोस्वामी, अरुण अग्रवाल, रवि, अमित पापा आदि लोग साथ चल रहे थे।
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श्रीराम-भरत की लीला का मंचन किया
गुलावठी। रामलीला में श्रीराम-भरत की लीला का मंचन किया गया। रावण का वध करने के बाद भगवान श्रीराम, सीता व लक्ष्मण आदि के साथ अयोध्या लौटे। जहां पर श्रीराम व भरत का मिलन हुआ। उसके बाद भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ। मुख्य अतिथि समाज सेविका डॉ.सविता तेवतिया रही। इस मौके पर रामलीला में सहयोग करने वालों को सम्मानित किया गया। रामलीला मंडल के संचालक हीरालाल शर्मा, रामलीला समिति के संरक्षक रमेश चंद जैन आदि को भी सम्मानित किया गया।
गंगातट पर हुआ राम-भरत मिलाप
अनूपशहर। बबस्टरंगज गंगातट स्थित पवलन गोयल के प्रतिष्ठान पर भगवान श्रीराम-भरत मिलाप लीला का बहुत सुंदर मंचन किया गया। लंका विजय के बाद भगवान, श्रीराम, माता सीता व भ्राता लक्ष्मण एवं हनुमान आदि वानर सेना नायकों के साथ अयोध्या के लिए वापस लौटे। इस दौरान सभी स्वरूप पक्के घाट से सुसज्जित नावों से गंगा में होते हुए बबस्टरगंज घाट पहुंचे। जहां श्रीरामलाला सेवा समिति व आढ़ती यूनियन के पदाधिकारियों एवं नगरवासियों ने पुष्प वर्षा व आतिशबाजी छोड़कर भव्य स्वागत किया गया। पवन कुमार अजीत गोयल के प्रतिष्ठान पर भरत मिलाप लीला का मंचन किया गया। इस दौरान अभय गर्ग, विपिन बंसल, सतीशचंद वार्ष्णेय, अजय किशोर, राधेलाल गर्ग, छेदालाल, सीपीसिंह भूपेंद्र लोधी, विनीत बंसल, महेंद्रसिंह लोधी, गोविंद वार्ष्णेय, किशन अरोरा, डॉ. आलाके गोविल, सुबोध बंसल आदि मौजूद रहे।
राजतिलक के साथ हुआ रामलीला का समापन
बुगरासी। कस्बे में चल रही रामलीला का बृहस्पतिवार की रात भगवान राम के राजतिलक के साथ समापन कर दिया गया। समापन के मुख्य अतिथि ने भगवान राम के आदर्श पर चलने का आह्वान किया। बृहस्पतिवार की रात रामलीला के मंचन में भगवान राम का राजतिलक किया गया। समापन के मुख्य अतिथि सुभाष चंद वर्मा ने कहा कि भगवान श्रीराम की लीला जीवन के सही जीने की शिक्षा देती है। उनके बताए मार्ग पर चलने से जीवन सफल हो जाएगा।