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शहर से लेकर देहात तक झमाझम बरसे बदरा
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शहर से लेकर देहात तक झमाझम बरसे बदरा
बुलंदशहर। मानसून की मेहरबानी दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। दोपहर बाद झमाझम बारिश के कारण शहर से लेकर गांव और खेत-खलिहान पानी से लबालब हो गए। इससे गर्मी से सभी ने राहत पाई। दो दिन में 50 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी कई दिन तक बारिश संभावना बन रही है।
जिले में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 12 किलोमीटर प्रति घंटा रही और आद्रता 80 फीसदी तक पहुंच गई। मानसून की पहली बारिश बृहस्पतिवार को हुई थी। पहले दिन 32.5 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद बादल छाए रहे और दिन के समय बादल छाने और धूप निकलने का भी सिलसिला जारी रहा। दोपहर बाद अचानक फिर से बादल मंडराए और झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान शहर की सड़कें पूरी तरह पानी लबालब हो गई। नालियों का पानी बहकर सड़क पर आ गया। कई स्थानों पर गलियों के अलावा घरों व दुकानों में भी पानी भर गया। इसके चलते इससे वाहन चालक और राहगीरों को भी परेशानी हुई।
वहीं, दूसरी ओर अधिकतर गांव की गलियों में भी जलभराव की समस्या बन गई। खेत-खलिहान भी पानी से लबालब हो गए। इससे किसान खुश हैं और उनका कहना है कि अब फसलों को कुछ दिन तक सिंचाई करने की जरूरत नहीं है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डा. रामानंद पटेल ने बताया कि मानसून की बारिश आगामी कई दिन तक जारी रहने की संभावना है। शुक्रवार को 20 एमएम से अधिक बारिश हुई, जबकि दो दिन में 50 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है। शनिवार को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 28 डिग्री तापमान रहने की संभावना है।
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खेतों की मेड़बंदी शुरू, होने लगी धान की रोपाई
पिछले दोन दिनों से बरसात होने से खेती किसानी का काम तेज हो गया है। झमाझम बारिश होते ही किसान खेतों की ओर निकल पड़े। कोई खेत की मेड़बंदी करने लगा है तो कोई तैयार हो रही धान की पौध को सहेजने में लग गया। जिनके पास ट्यूबवेल का इंतजाम है उन्होंने धान की पौध पहले तैयार कर ली है। वैसे दूसरे किसानों को बारिश का इंतजार था। बुजुर्ग हो चुके किसानों के अनुसार, कई साल बाद आषाढ़ में ऐसी झमाझम बारिश देखने को मिली है। इससे धान के बेरन को तो फायदा होगा ही रोपाई भी शुरू हो जाएगी। अभी तक जो किसान अपनी धान की रोपाई कर चुके हैं, उसके लिए यह बारिश संजीवनी का काम करेगी।
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बुलंदशहर। मानसून की मेहरबानी दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। दोपहर बाद झमाझम बारिश के कारण शहर से लेकर गांव और खेत-खलिहान पानी से लबालब हो गए। इससे गर्मी से सभी ने राहत पाई। दो दिन में 50 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी कई दिन तक बारिश संभावना बन रही है।
जिले में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति 12 किलोमीटर प्रति घंटा रही और आद्रता 80 फीसदी तक पहुंच गई। मानसून की पहली बारिश बृहस्पतिवार को हुई थी। पहले दिन 32.5 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद बादल छाए रहे और दिन के समय बादल छाने और धूप निकलने का भी सिलसिला जारी रहा। दोपहर बाद अचानक फिर से बादल मंडराए और झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश के दौरान शहर की सड़कें पूरी तरह पानी लबालब हो गई। नालियों का पानी बहकर सड़क पर आ गया। कई स्थानों पर गलियों के अलावा घरों व दुकानों में भी पानी भर गया। इसके चलते इससे वाहन चालक और राहगीरों को भी परेशानी हुई।
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वहीं, दूसरी ओर अधिकतर गांव की गलियों में भी जलभराव की समस्या बन गई। खेत-खलिहान भी पानी से लबालब हो गए। इससे किसान खुश हैं और उनका कहना है कि अब फसलों को कुछ दिन तक सिंचाई करने की जरूरत नहीं है। कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डा. रामानंद पटेल ने बताया कि मानसून की बारिश आगामी कई दिन तक जारी रहने की संभावना है। शुक्रवार को 20 एमएम से अधिक बारिश हुई, जबकि दो दिन में 50 एमएम से अधिक बारिश हो चुकी है। शनिवार को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 28 डिग्री तापमान रहने की संभावना है।
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खेतों की मेड़बंदी शुरू, होने लगी धान की रोपाई
पिछले दोन दिनों से बरसात होने से खेती किसानी का काम तेज हो गया है। झमाझम बारिश होते ही किसान खेतों की ओर निकल पड़े। कोई खेत की मेड़बंदी करने लगा है तो कोई तैयार हो रही धान की पौध को सहेजने में लग गया। जिनके पास ट्यूबवेल का इंतजाम है उन्होंने धान की पौध पहले तैयार कर ली है। वैसे दूसरे किसानों को बारिश का इंतजार था। बुजुर्ग हो चुके किसानों के अनुसार, कई साल बाद आषाढ़ में ऐसी झमाझम बारिश देखने को मिली है। इससे धान के बेरन को तो फायदा होगा ही रोपाई भी शुरू हो जाएगी। अभी तक जो किसान अपनी धान की रोपाई कर चुके हैं, उसके लिए यह बारिश संजीवनी का काम करेगी।