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Bulandshahar News: अब दवाओं की खरीद और बिक्री दर होगी सार्वजनिक
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दवा विक्रेताओं संग बैठक करते औषधि निरीक्षक। संवाद
- फोटो : ईसीएचएस पॉलिक्लीनिक का शुभारंभ करते जीओसी मेजर जनरल सुमित राना । संवाद
बुलंदशहर। जिलेभर के दवा विक्रेताओं के यहां एमआरपी के चल रहे खेल पर अब लगाम कसती नजर आ रही हैं। बृहस्पतिवार को औषधि निरीक्षक ने दवा के थोक विक्रेताओं संग एक रेस्तरां में बैठक की। औषधि निरीक्षक ने दवा विक्रेताओं को दवा की खरीद व बेचने की दर वेबसाइट पर दर्ज करने के निर्देश दिए। अब सभी रिटेल फार्मेसियों को सार्वजनिक वेबसाइट बनानी होगी। इस पर लाइसेंस, फार्मासिस्ट और दवाओं के साप्ताहिक स्टॉक का विवरण प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
मेडिकल स्टोरों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत में दवाई बिक रही है, जिससे मरीजों की जेब ढीली हो रही है। एमआरपी के इस खेल को लेकर अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में मरीजों से लूट : पांच हजार की दवा, एमआरपी 19 हजार शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया। समाचार प्रकाशित होने के बाद औषधि निरीक्षक ने दवाओं के थोक विक्रेताओं संग बैठक की।
औषधि निरीक्षक अनिल कुमार आनंद ने कहा कि अब महंगी दवा बेचने के खेल पर जनता की नजर होगी। सभी मेडिकल स्टोर संचालक को दवा की जानकारी सार्वजनिक वेबसाइट पर दिखानी होगी। एक नवंबर से यह आदेश लागू होगा। इसके लिए औषधि आयुक्त रोशन जैकब के जारी पत्र से सभी को अवगत कराया गया।
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यूपी पीएमआरयू के फील्ड इन्वेस्टिगेटर गोविंद राय ने कहा कि अस्पताल परिसरों की फार्मेसियों को भी दवाओं की खरीद दर और मरीजों को बेचे जाने वाले मूल्य की जानकारी भी वेबसाइट पर देनी होगी। उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाने का आदेश नहीं, बल्कि जनहित में फार्मेसियों की ओर से जरूरी जानकारियां सार्वजनिक करने की व्यवस्था है। ग्राहक भी फार्मा सही दाम एप का प्रयोग कर दवा के सही मूल्य की जानकारी आसानी से कर सकते हैं। यह एप दवा विक्रेताओं के लिए भी है।
बुलंदशहर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने कहा कि खुदरा मूल्य प्रदर्शित करना सही है। लेकिन दवा पर सही मूल्य अंकित कराना सरकार की जिम्मेदारी है। जिससे दवाओं पर अधिक एमआरपी न हो। बुलंदशहर औषधि विक्रेता समिति के जिला कोषाध्यक्ष अनिल गोयल ने कहा कि दवा विक्रेता तो यह नियम अपना लेंगे। लेकिन निजी अस्पतालों में भी इस नियम का पालन कराना चाहिए। इस दौरान एसोसिएशन महासचिव संजय साहनी, सहसचिव विशन आर्य व कोषाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल और समिति के अध्यक्ष राजेश शुक्ला, महामंत्री शरद अग्रवाल व राजकुमार वर्मा समेत सुशील गोयल, पंकज मलिक, मनीष अग्रवाल, हदेश अग्रवाल आदि दवा विक्रेता मौजूद रहे।
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मेडिकल स्टोरों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत में दवाई बिक रही है, जिससे मरीजों की जेब ढीली हो रही है। एमआरपी के इस खेल को लेकर अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में मरीजों से लूट : पांच हजार की दवा, एमआरपी 19 हजार शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया। समाचार प्रकाशित होने के बाद औषधि निरीक्षक ने दवाओं के थोक विक्रेताओं संग बैठक की।
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औषधि निरीक्षक अनिल कुमार आनंद ने कहा कि अब महंगी दवा बेचने के खेल पर जनता की नजर होगी। सभी मेडिकल स्टोर संचालक को दवा की जानकारी सार्वजनिक वेबसाइट पर दिखानी होगी। एक नवंबर से यह आदेश लागू होगा। इसके लिए औषधि आयुक्त रोशन जैकब के जारी पत्र से सभी को अवगत कराया गया।
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यूपी पीएमआरयू के फील्ड इन्वेस्टिगेटर गोविंद राय ने कहा कि अस्पताल परिसरों की फार्मेसियों को भी दवाओं की खरीद दर और मरीजों को बेचे जाने वाले मूल्य की जानकारी भी वेबसाइट पर देनी होगी। उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह दवाओं की कीमतों पर नियंत्रण लगाने का आदेश नहीं, बल्कि जनहित में फार्मेसियों की ओर से जरूरी जानकारियां सार्वजनिक करने की व्यवस्था है। ग्राहक भी फार्मा सही दाम एप का प्रयोग कर दवा के सही मूल्य की जानकारी आसानी से कर सकते हैं। यह एप दवा विक्रेताओं के लिए भी है।
बुलंदशहर केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष नीरज अग्रवाल ने कहा कि खुदरा मूल्य प्रदर्शित करना सही है। लेकिन दवा पर सही मूल्य अंकित कराना सरकार की जिम्मेदारी है। जिससे दवाओं पर अधिक एमआरपी न हो। बुलंदशहर औषधि विक्रेता समिति के जिला कोषाध्यक्ष अनिल गोयल ने कहा कि दवा विक्रेता तो यह नियम अपना लेंगे। लेकिन निजी अस्पतालों में भी इस नियम का पालन कराना चाहिए। इस दौरान एसोसिएशन महासचिव संजय साहनी, सहसचिव विशन आर्य व कोषाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल और समिति के अध्यक्ष राजेश शुक्ला, महामंत्री शरद अग्रवाल व राजकुमार वर्मा समेत सुशील गोयल, पंकज मलिक, मनीष अग्रवाल, हदेश अग्रवाल आदि दवा विक्रेता मौजूद रहे।