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कोठियों में गरीबों के शौचालय
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
Updated Fri, 26 May 2017 11:49 PM IST
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कोठियों में गरीबों के शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
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सूबे की सरकार भले ही बदल गई हो, लेकिन सिस्टम की कार्यप्रणाली वहीं पुरानी है। लूटखसोट करने वाले पुराने निजाम में भी थी और अब भी हंै। सिकंदराबाद के गांव मल्हापुर में शौचालय निर्माण की आड़ में खुलकर सरकारी खजाना लूटा गया।
अधिकारियों ने मिलीभगत कर के गांव मल्हापुर में 25-25 बीघा के जमींदारों की बहुमंजिला आलीशान कोठियों में गरीबों के हक के शौचालय बनवा दिए। सीडीओ जसजीत कौर ने जब गांव में जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। सीडीओ ने उक्त प्रकरण में ग्राम सचिव को सस्पेंड कर दिया है, वहीं एडीओ पंचायत को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की है।
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सिकंदराबाद तहसील के गांव मल्हापुर में शौचालय की आड़ में सरकारी खजाने की जमकर बंदरबाट की गई। सीडीओ जसजीत कौर ने बताया मल्हापुर में सत्तो पत्नी गजराज सिंह ने जिस समय मकान बनवाया था। उसी समय निजी खर्च पर शौचालय का निर्माण भी करवा लिया था।
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पंचायत सचिव ने पुराने शौचालय को सरकारी योजना में शामिल कर सत्तो को पात्र बना दिया। सत्तो का मकान दो मंजिला है। धीरज पुत्र प्रहलाद के पक्के मकान में बना ‘गरीबों को शौचालय’ भी गरीबों को मुंह चिढ़ा रहा है।
धीरज के पास सात भैंस और एक ट्रैक्टर है। संजीव पुत्र महिपाल के पक्के मकान में सरकारी योजना के तहत शौचालय बना मिला। संजीव के पास 6-7 भैंस हैं। घर में ट्रैक्टर, वॉशिंग मशीन एवं इनवर्टर भी है। प्रदीप पुत्र जगराम के घर सरकारी शौचालय बना हुआ है।
प्रदीप के पास आठ भैंस, मशीन, इंजन के साथ घर में सबमर्सिबल लगा हुआ है। मकान भी पक्का है। भीम पुत्र दामोदर के दो मंजिला मकान में शौचालय सरकारी खर्च पर बना हुआ पाया गया। भीम का मकान मारबल से बना हुआ है।
भीम के घर 11 भैंस, फ्रीज, ट्रैक्टर आदि हैं। संतोष पत्नी रूप के एक ही घर में दो शौचालय बनवा दिए गए। संतोष का मकान दो मंजिला है। घर में 7-8 भैंस बंधी हुई थी। अरुण कुमार का दो मंजिला बड़ा मकान है।
अरुण के पास 12 भैंस, 25 बीघा कृषि भूमि, ट्रैक्टर और कार है। इसी प्रकार अनिल पुत्र धर्मपाल के पास 20 बीघा जमीन, दो मंजिला आलीशान मकान है। अनिल को भी सरकारी शौचालय की सौगात मिली है।