{"_id":"635ea7f968a80c448a4e1d38","slug":"paddy-bulandshahr-news-gbd246887739","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने दान की पांच हजार क्विंटल पराली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने दान की पांच हजार क्विंटल पराली
विज्ञापन
किसानों ने दान की पांच हजार क्विंटल पराली
बुलंदशहर। जिले में संचालित गोशालाओं में अभी तक करीब सात हजार क्विंटल पराली एकत्रित कर ली गई है। इससे चारे की कमी न होने की संभावना जताई जा रही है। सीवीओ ने किसानों से गोशालाओं में पराली दान करने का आह्वान किया है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार सिंह ने बताया कि जिले में संचालित गोशालाओं में चारे की कमी न रहे। इसके लिए किसानों से पराली दान करने का आह्वान किया गया था। अभी तक गोशालाओं में सात हजार क्विंटल पराली एकत्रित कर ली गई है। इसमें पांच हजार क्विंटल पराली किसानों ने दान में दी है। जबकि करीब दो हजार क्विंटल पराली की खरीद की गई है। पराली की खरीद संबंधित गोशाला वाली ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान की ओर से की गई है। अभी भी पराली एकत्रित करने का काम जारी है। बता दें कि जिले में 169 गोशालाएं संचालित हैं। इनमें 17 नगर निकाय तो सात वृहद गोशालाएं शामिल हैं। जबकि शेष निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल हैं। जहां पर 17 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनके चारे आदि के लिए भी शासन से समय-समय पर राशि जारी की जाती है। इस राशि से चारे के अलावा गोशाला का संचालन भी किया जाता है।
विज्ञापन
बुलंदशहर। जिले में संचालित गोशालाओं में अभी तक करीब सात हजार क्विंटल पराली एकत्रित कर ली गई है। इससे चारे की कमी न होने की संभावना जताई जा रही है। सीवीओ ने किसानों से गोशालाओं में पराली दान करने का आह्वान किया है।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार सिंह ने बताया कि जिले में संचालित गोशालाओं में चारे की कमी न रहे। इसके लिए किसानों से पराली दान करने का आह्वान किया गया था। अभी तक गोशालाओं में सात हजार क्विंटल पराली एकत्रित कर ली गई है। इसमें पांच हजार क्विंटल पराली किसानों ने दान में दी है। जबकि करीब दो हजार क्विंटल पराली की खरीद की गई है। पराली की खरीद संबंधित गोशाला वाली ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान की ओर से की गई है। अभी भी पराली एकत्रित करने का काम जारी है। बता दें कि जिले में 169 गोशालाएं संचालित हैं। इनमें 17 नगर निकाय तो सात वृहद गोशालाएं शामिल हैं। जबकि शेष निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल हैं। जहां पर 17 हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। इनके चारे आदि के लिए भी शासन से समय-समय पर राशि जारी की जाती है। इस राशि से चारे के अलावा गोशाला का संचालन भी किया जाता है।
विज्ञापन