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विलुप्त होने की कगार पर जीवनदायिनी ‘नीम’
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खानपुर स्थित नीम नदी में पड़ा कूड़ा।
- फोटो : BULANDSHAHR
विलुप्त होने की कगार पर जीवनदायिनी ‘नीम’
खानपुर। शासन से लेकर प्रशासन तक नहरों और नदियों को साफ-सुथरा बनाने के साथ ही उनके अस्तित्व को बचाने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, नगर पंचायत ने क्षेत्र से गुजरने वाली कभी जीवनदायिनी रही नीम नदी को डंपिंग ग्राउंड बना दिया है। कूड़-कचरे और अतिक्रमण के कारण नदी अब गंदे नाले के रूप में तब्दील हो गई है। इससे स्थानीय लोगों में खासा गुस्सा है। उन्होंने नदी को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की है।
खानपुर क्षेत्र में कभी नीम नदी फसलों की सिंचाई का महत्वपूर्ण स्रोत थी। नीम नदी एक बरसाती नदी के रूप में जानी जाती है जो हापुड़ से होती हुई जनपद बुलंदशहर में प्रवेश करती है। यह नदी जनपद में बीबीनगर के पोटा कबूलपुर गांव से होती हुई स्याना से गिनौरा नगली, लड़ाना होती हुई खानपुर नगर में प्रवेश करती है। नगर से नदी क्षेत्र के गांव ढलना और चठेरा से होते हुए अमरगढ़ के रास्ते जहांगीराबाद की सीमा में प्रवेश करती है। जनपद बुलंदशहर में नदी की लंबाई लगभग 150 किलोमीटर है। बीते कुछ वर्षों से अतिक्रमण और नगर पंचायत द्वारा कूड़ा डालने से नदी अब विलुप्त होने की कगार पर है। कूड़ा डालने के कारण नदी का अस्तित्व समाप्त हो गया है। यहां पर नदी कूड़े के ढेर के रूप में दिखाई देती है। किसान समर पाल सिंह, दारा सिंह, सुमेर सिंह ने बताया कि पूर्व में यह नदी फसलों के लिए संजीवनी का कार्य करती थी। अब नदी के संकुचित हो जाने के कारण किसानों को बारिश के मौसम में नदी में पानी आने के कारण फसलों के डूबने का खतरा मंडराने लगता है। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है।
नीम नदी सिंचाई का महत्वपूर्ण साधन होती थी। नदी की सफाई न होने के कारण किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए खासी समस्या झेलनी पड़ती है। बारिश के मौसम में प्रत्येक वर्ष किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि डूब जाती है। - शैलू आर्य, युवा जिला अध्यक्ष, भाकियू।
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बीते वर्ष किसानों की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग के खिलाफ धरना दिया गया था। सिंचाई विभाग न दो किलोमीटर नदी की सफाई करवा कर इतिश्री कर ली। इस वर्ष भी सिंचाई विभाग आंखों पर पट्टी बांधे बैठा है। - सूर्य प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष, किसान मोर्चा आम आदमी पार्टी
खानपुर में नगर पंचायत ने नदी को डंपिंग ग्राउंड में तब्दील कर दिया है। इसके कारण पिछले साल नदी में अचानक पानी आने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल डूब गई थी। इसके बाद भी विभाग ने इस तरफ ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा। - राजकरण सिंह, किसान
पांच वर्षों से नदी की सफाई नहीं हुई है। विभाग नदी की सफाई के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये डकार जाता है। नदी पर जगह-जगह हो रहे अतिक्रमण के कारण नदी विलुप्त होने की कगार पर है। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। - उपेंद्र वर्मा, प्रधान गांव जवासा
नदी में कूड़ा डालने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर जो भी संबंधित कर्मचारी नदी में कूड़ा डाल रहा है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - नवीन कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत, खानपुर।
यदि नीम नदी को डंपिंग ग्राउंड बना दिया है तो नगर पंचायत के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नदी की साफ-सफाई न होने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी जानकारी ली जाएगी। किसी को भी नदी पर अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा। जो भी ऐसा करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नदी की सफाई के लिए संबंधित विभाग को आदेश जारी किया जाएगा। - अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
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खानपुर। शासन से लेकर प्रशासन तक नहरों और नदियों को साफ-सुथरा बनाने के साथ ही उनके अस्तित्व को बचाने के लिए कई तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, नगर पंचायत ने क्षेत्र से गुजरने वाली कभी जीवनदायिनी रही नीम नदी को डंपिंग ग्राउंड बना दिया है। कूड़-कचरे और अतिक्रमण के कारण नदी अब गंदे नाले के रूप में तब्दील हो गई है। इससे स्थानीय लोगों में खासा गुस्सा है। उन्होंने नदी को अतिक्रमण मुक्त करवाने की मांग की है।
खानपुर क्षेत्र में कभी नीम नदी फसलों की सिंचाई का महत्वपूर्ण स्रोत थी। नीम नदी एक बरसाती नदी के रूप में जानी जाती है जो हापुड़ से होती हुई जनपद बुलंदशहर में प्रवेश करती है। यह नदी जनपद में बीबीनगर के पोटा कबूलपुर गांव से होती हुई स्याना से गिनौरा नगली, लड़ाना होती हुई खानपुर नगर में प्रवेश करती है। नगर से नदी क्षेत्र के गांव ढलना और चठेरा से होते हुए अमरगढ़ के रास्ते जहांगीराबाद की सीमा में प्रवेश करती है। जनपद बुलंदशहर में नदी की लंबाई लगभग 150 किलोमीटर है। बीते कुछ वर्षों से अतिक्रमण और नगर पंचायत द्वारा कूड़ा डालने से नदी अब विलुप्त होने की कगार पर है। कूड़ा डालने के कारण नदी का अस्तित्व समाप्त हो गया है। यहां पर नदी कूड़े के ढेर के रूप में दिखाई देती है। किसान समर पाल सिंह, दारा सिंह, सुमेर सिंह ने बताया कि पूर्व में यह नदी फसलों के लिए संजीवनी का कार्य करती थी। अब नदी के संकुचित हो जाने के कारण किसानों को बारिश के मौसम में नदी में पानी आने के कारण फसलों के डूबने का खतरा मंडराने लगता है। किसानों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से शिकायत की है।
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नीम नदी सिंचाई का महत्वपूर्ण साधन होती थी। नदी की सफाई न होने के कारण किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए खासी समस्या झेलनी पड़ती है। बारिश के मौसम में प्रत्येक वर्ष किसानों की सैकड़ों बीघा भूमि डूब जाती है। - शैलू आर्य, युवा जिला अध्यक्ष, भाकियू।
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बीते वर्ष किसानों की समस्या को देखते हुए सिंचाई विभाग के खिलाफ धरना दिया गया था। सिंचाई विभाग न दो किलोमीटर नदी की सफाई करवा कर इतिश्री कर ली। इस वर्ष भी सिंचाई विभाग आंखों पर पट्टी बांधे बैठा है। - सूर्य प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष, किसान मोर्चा आम आदमी पार्टी
खानपुर में नगर पंचायत ने नदी को डंपिंग ग्राउंड में तब्दील कर दिया है। इसके कारण पिछले साल नदी में अचानक पानी आने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल डूब गई थी। इसके बाद भी विभाग ने इस तरफ ध्यान देना मुनासिब नहीं समझा। - राजकरण सिंह, किसान
पांच वर्षों से नदी की सफाई नहीं हुई है। विभाग नदी की सफाई के नाम पर हर वर्ष लाखों रुपये डकार जाता है। नदी पर जगह-जगह हो रहे अतिक्रमण के कारण नदी विलुप्त होने की कगार पर है। प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए। - उपेंद्र वर्मा, प्रधान गांव जवासा
नदी में कूड़ा डालने की जानकारी नहीं है। मामले की जांच कराकर जो भी संबंधित कर्मचारी नदी में कूड़ा डाल रहा है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - नवीन कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत, खानपुर।
यदि नीम नदी को डंपिंग ग्राउंड बना दिया है तो नगर पंचायत के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नदी की साफ-सफाई न होने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी जानकारी ली जाएगी। किसी को भी नदी पर अतिक्रमण नहीं करने दिया जाएगा। जो भी ऐसा करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नदी की सफाई के लिए संबंधित विभाग को आदेश जारी किया जाएगा। - अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी