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बुलंदशहर के धनौरा गांव में पुलिस सुरक्षा में रंजिशन हत्या
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स्थानीय पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी लेते एडीजी, आईजी।
- फोटो : SIKANDRABAD
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बुलंदशहर के धनौरा गांव में पुलिस सुरक्षा में रंजिशन हत्या
ककोड़/ बुलंदशहर। ककोड़ थाना क्षेत्र के गांव धनौरा में रविवार सुबह पुलिस सुरक्षा में कार में जा रहे एक परिवार पर गांव के ही दूसरे पक्ष के लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। हमले में पुलिस कांस्टेबल समेत चार लोगों को गोलियां लगीं। इनमें से एक की मौत हो गई जबकि कांस्टेबल समेत तीन की हालत गंभीर है। एसएसपी पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस दोपहर को एडीजी मेरठ, आईजी मेरठ जोन ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और अफसरों को दिशानिर्देश दिए। मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने चार नामजद और सात अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार धनौरा निवासी धर्मपाल के परिवार की गांव के ही अमित के परिवार से वर्ष 1990 से रंजिश चल रही है। रविवार सुबह धर्मपाल अपनी इनोवा कार से पशुओं का चारा लेकर पत्नी रविंद्री, बेटे संदीप, जितेंद्र उर्फ जीतू पुलिस कांस्टेबल (गनर) पुष्पेंद्र की सुरक्षा में खेतों से घर वापस लौट रहे थे। कार जीतू उर्फ जितेंद्र चला रहा था। जितेंद्र के पास की सीट पर कांस्टेबल पुष्पेंद्र बैठा हुआ था। जैसे ही यह परिवार धनौरा में मुख्य मार्ग से घर के रास्ते पर पहुंचा तो वहां पहले से ही घात लगाए बैठे एक कार और बाइक सवार करीब छह बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। तभी धर्मपाल की कार का पहिया नाली में फंस गया। पुष्पेंद्र ने भी कार से बाहर निकलकर आरोपियों पर अपनी सरकारी कार्बाइन से फायरिंग की। कार में बैठे धर्मपाल ने भी अपने लाइसेंसी हथियार से आरोपियों पर फायरिंग की। गोलियां चलाते हुए बदमाश मौके से भाग निकले लेकिन हमले में कार सवार धर्मपाल की रीढ़ की हड्डी और पैरों में गोली लग गई। जबकि उनके बेटे संदीप के सिर पर और पुलिसकर्मी पुष्पेंद्र के पेट में गोली लगी। घटना स्थल के पास में ही खड़े गांव निवासी युवक पवन के हाथ में गोली लगने के कारण वह भी घायल हो गया। जीतू उर्फ जितेंद्र और उनकी मां रविंद्री बाल-बाल बच गए। दिनदहाड़े फायरिंग की घटना से गांव में दहशत फैल गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर सभी घायलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान धर्मपाल के पुत्र संदीप (30वर्ष) की मौत हो गई। एसएसपी संतोष कुमार सिंह, एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी, एसपी क्राइम कमलेश बहादुर, सीओ नम्रता श्रीवास्तव समेत कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दोपहर करीब 12 बजे एडीजी राजीव सब्बरवाल, आईजी प्रवीन कुमार भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। गांव में भारी पुलिस तैनात है। धर्मपाल और कांस्टेबल पुष्पेंद्र की हालत गंभीर बनी हुई है। एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि मामले में अमित, राजेंद्र, हरेंद्र और देवेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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जल्द पकड़े जाएंगे हमलावर
मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। हमले में एक युवक संदीप की मौत हुई है, जबकि धर्मपाल, कांस्टेबल पुष्पेंद्र और गांव निवासी युवक पवन घायल है। इनका उपचार चल रहा है। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। जल्द ही हमलावरों को पकड़ लिया जाएगा।
संतोष कुमार सिंह, एसएसपी
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ककोड़/ बुलंदशहर। ककोड़ थाना क्षेत्र के गांव धनौरा में रविवार सुबह पुलिस सुरक्षा में कार में जा रहे एक परिवार पर गांव के ही दूसरे पक्ष के लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। हमले में पुलिस कांस्टेबल समेत चार लोगों को गोलियां लगीं। इनमें से एक की मौत हो गई जबकि कांस्टेबल समेत तीन की हालत गंभीर है। एसएसपी पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस दोपहर को एडीजी मेरठ, आईजी मेरठ जोन ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और अफसरों को दिशानिर्देश दिए। मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने चार नामजद और सात अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस के अनुसार धनौरा निवासी धर्मपाल के परिवार की गांव के ही अमित के परिवार से वर्ष 1990 से रंजिश चल रही है। रविवार सुबह धर्मपाल अपनी इनोवा कार से पशुओं का चारा लेकर पत्नी रविंद्री, बेटे संदीप, जितेंद्र उर्फ जीतू पुलिस कांस्टेबल (गनर) पुष्पेंद्र की सुरक्षा में खेतों से घर वापस लौट रहे थे। कार जीतू उर्फ जितेंद्र चला रहा था। जितेंद्र के पास की सीट पर कांस्टेबल पुष्पेंद्र बैठा हुआ था। जैसे ही यह परिवार धनौरा में मुख्य मार्ग से घर के रास्ते पर पहुंचा तो वहां पहले से ही घात लगाए बैठे एक कार और बाइक सवार करीब छह बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। तभी धर्मपाल की कार का पहिया नाली में फंस गया। पुष्पेंद्र ने भी कार से बाहर निकलकर आरोपियों पर अपनी सरकारी कार्बाइन से फायरिंग की। कार में बैठे धर्मपाल ने भी अपने लाइसेंसी हथियार से आरोपियों पर फायरिंग की। गोलियां चलाते हुए बदमाश मौके से भाग निकले लेकिन हमले में कार सवार धर्मपाल की रीढ़ की हड्डी और पैरों में गोली लग गई। जबकि उनके बेटे संदीप के सिर पर और पुलिसकर्मी पुष्पेंद्र के पेट में गोली लगी। घटना स्थल के पास में ही खड़े गांव निवासी युवक पवन के हाथ में गोली लगने के कारण वह भी घायल हो गया। जीतू उर्फ जितेंद्र और उनकी मां रविंद्री बाल-बाल बच गए। दिनदहाड़े फायरिंग की घटना से गांव में दहशत फैल गई।
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर सभी घायलों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान धर्मपाल के पुत्र संदीप (30वर्ष) की मौत हो गई। एसएसपी संतोष कुमार सिंह, एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी, एसपी क्राइम कमलेश बहादुर, सीओ नम्रता श्रीवास्तव समेत कई थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दोपहर करीब 12 बजे एडीजी राजीव सब्बरवाल, आईजी प्रवीन कुमार भी मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। गांव में भारी पुलिस तैनात है। धर्मपाल और कांस्टेबल पुष्पेंद्र की हालत गंभीर बनी हुई है। एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि मामले में अमित, राजेंद्र, हरेंद्र और देवेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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जल्द पकड़े जाएंगे हमलावर
मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। हमले में एक युवक संदीप की मौत हुई है, जबकि धर्मपाल, कांस्टेबल पुष्पेंद्र और गांव निवासी युवक पवन घायल है। इनका उपचार चल रहा है। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज की जाएगी। जल्द ही हमलावरों को पकड़ लिया जाएगा।
संतोष कुमार सिंह, एसएसपी