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नहीं मिली धनराशि, कैसे बनेगा लड्डू, हलवा और खीर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 06 Aug 2022 10:27 PM IST
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mid day meal
नहीं मिली धनराशि, कैसे बनेगा लड्डू, हलवा और खीर
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बुलंदशहर। बेसिक स्कूलों में बच्चों को मिड-डे-मील के तहत दोपहर के समय भोजन दिए जाने की व्यवस्था है। अप्रैल माह से इसके संचालन के धनराशि नहीं मिली है। ऐसे में शिक्षक अपने स्तर से किसी तरह इसका संचालन कर रहे हैं। अब आजादी के अमृत महोत्सव पर हर घर तिरंगा कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूलों में छात्रों को मध्याह्न भोजन के साथ लड्डु, हलवा और खीर देने के निर्देश दिए हैं लेकिन इसके लिए अलग से कोई बजट जारी नहीं किया गया है। बिना बजट के लड्डू, खीर और हलवा कहां से दिया जाएगा, यह किसी को भी समझ नहीं आ रहा है।
मिड-डे-मील में छात्र-छात्राओं को लिए सप्ताह में खाने का मेन्यू निर्धारित किया गया है। छात्रों को मेन्यू के आधार पर सब्जी-रोटी, दाल, चावल, तहरी, दूध और फल का वितरण किया जाता है। शासन स्तर से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर के छात्रों के लिए अलग-अलग कन्वर्जन कॉस्ट निर्धारित की गई है। अब शासन ने 11 से 17 अगस्त तक छात्रों को मेन्यू के अनुसार भोजन के साथ लड्डू, खीर और हलवा का वितरण करने के निर्देश दिए है। शिक्षकों का कहना है कि पिछले दो साल से कन्वर्जन कॉस्ट नहीं बढ़ाई गई है। बच्चों को लड्डू, हलवा और खीर उपलब्ध कराने के लिए अलग से बजट भी जारी नहीं किया गया है, ऐसे छात्रों को मेन्यू के आधार पर भोजन उपलब्ध कराने में परेशानी होगी।
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दो साल से नहंी बढ़ी धनराशि
सरकार की ओर से प्राथमिक स्कूल स्तर पर प्रति छात्र 4.97 रुपये और उच्च प्राथमिक स्कूल स्तर पर 8.45 रुपये प्रति छात्र मिलते हैं। नियम है कि स्कूलों में अध्ययनरत छात्र संख्या के आधार पर प्रत्येक माह 80 प्रतिशत छात्रों की कन्वर्जन कॉस्ट की राशि प्रबंध समिति के खाते में स्थानांतरित की जाती है। शिक्षकों का कहना है कि पिछले दो साल से कर्न्वजन कॉस्ट नहीं बढ़ी है। जबकि सब कुछ महंगा हो गया है। ऐसे में इसका संचालन करना भी मुश्किल हो रहा है।
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बोले शिक्षक
शासन ने भोजन के अलावा खीर, हलवा और लड्डू वितरण के निर्देश दिए हैं, लेकिन बजट जारी नहीं किया है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पहले से ही कन्वर्जन कॉस्ट न मिलने के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है। - कौशिल किशोर, शिक्षक नेता।
हलवा, खीर और लड्डू देने का नया निर्देश मिला है। जबकि अप्रैल माह से कन्वर्जन कॉस्ट नहीं मिली है। शासन को मेन्यू जारी करने से पहले कन्वर्जन कॉस्ट बढ़ानी चाहिए थी। - वेदप्रकाश गौतम, शिक्षक नेता।
एमडीएम के तहत मिलने वाली लागत दो साल से नहीं बढ़ाई गई है, जबकि दूध, फल और गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। सब कुछ महंगा होने के कारण भोजन उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है। - विनोद कुमार, शिक्षक नेता।
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एमडीएम के संचालन के लिए स्कूलों में पैसा नहीं है। किसी तरह शिक्षक अपनी जेब से खाना बनवा रहे हैं। हलवा, खीर और लड्डू तैयार करवाना काफी महंगा पड़ेगा। शासन को कन्वर्जन कास्ट जारी करनी चाहिए, ताकि परेशानी न हो। - सुरेंद्र यादव, शिक्षक नेता।

11 से 17 अगस्त तक छात्रों को एमडीएम के मेन्यू के अलावा लड्डू, खीर और हलवा का वितरण करने के निर्देश दिए हैं। बजट के बारे में कोई निर्देश नहीं मिले हैं। फिर भी इस निर्देश का पालन करवाया जाएगा। इससे सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को अवगत करवा दिया गया है। - बीके शर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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