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Bulandshahar News: बाग में सूख रहे आम के पेड़, बागान किसान चिंतित
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सूखा आम का पेड़।
बुलंदशहर। इस समय जिले में जगह-जगह बाग में आम के पेड़ सूख रहे हैं। यह समस्या सबसे अधिक ऊंचागांव क्षेत्र में आ रही है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की समस्या डाई बैक व उकता रोग के साथ फलों को बढ़ाने वाली कलतार दवा से भी होती है। इसकी जांच कराई जाएगी।
जिले में 14 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में आम के बाग हैं। स्याना क्षेत्र को फल पट्टी के नाम से जाना जाता है। यहां पर कई तरह के आम की फसल होती है और देश-विदेश तक बागान किसान अपने रिश्तेदार व जानकारों को आम भेजते हैं। वहीं, इस समय ऊंचागांव क्षेत्र के कुछ बागों में आम के पेड़ सूखने की समस्या सामने आ रही है। इसे लेकर किसान चिंतित हैं।
जिला उद्यान अधिकारी जगदीश प्रसाद का कहना है कि आम के पेड़ किस कारण सूख रहे हैं, इसका पता जांच के बाद ही चलेगा। इसकी विभाग जांच कराएगा। उन्होंने यह भी बताया कि डाई बैक रोग से भी आम के पेड़ ऊपरी हिस्से से सूखना शुरू हो जाते है। इसी तरह उकता रोग लगने पर आम के पेड़ नीचे से सूखना शुरू हो जाता है। दूसरी ओर किसान फलों को बढ़ाने वाली कलतार दवा का अत्याधिक छिड़काव कर देते हैं। इससे भी पेड़ सूख जाता है। इसलिए इस दवा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। पेड़ सूखने के कारणों का पता कर बचाव करने के उपाय कराए जाएंगे।
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जिले में 14 हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि में आम के बाग हैं। स्याना क्षेत्र को फल पट्टी के नाम से जाना जाता है। यहां पर कई तरह के आम की फसल होती है और देश-विदेश तक बागान किसान अपने रिश्तेदार व जानकारों को आम भेजते हैं। वहीं, इस समय ऊंचागांव क्षेत्र के कुछ बागों में आम के पेड़ सूखने की समस्या सामने आ रही है। इसे लेकर किसान चिंतित हैं।
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जिला उद्यान अधिकारी जगदीश प्रसाद का कहना है कि आम के पेड़ किस कारण सूख रहे हैं, इसका पता जांच के बाद ही चलेगा। इसकी विभाग जांच कराएगा। उन्होंने यह भी बताया कि डाई बैक रोग से भी आम के पेड़ ऊपरी हिस्से से सूखना शुरू हो जाते है। इसी तरह उकता रोग लगने पर आम के पेड़ नीचे से सूखना शुरू हो जाता है। दूसरी ओर किसान फलों को बढ़ाने वाली कलतार दवा का अत्याधिक छिड़काव कर देते हैं। इससे भी पेड़ सूख जाता है। इसलिए इस दवा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। पेड़ सूखने के कारणों का पता कर बचाव करने के उपाय कराए जाएंगे।
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