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दो माह में तैयार हो जाएगा कृषक प्रशिक्षण छात्रावास
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राजकीय कृषि विद्यालय के पास बन रहा कृषक प्रशिक्षण छात्रावास।
- फोटो : BULANDSHAHR
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दो माह में तैयार हो जाएगा कृषक प्रशिक्षण छात्रावास
बुलंदशहर। राजकीय कृषि विद्यालय के पास 18 करोड़ की लागत से बन रहे कृषक प्रशिक्षण छात्रावास का निर्माण अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है इसमें अब विद्युतीकरण और रंगाई-पुताई का काम शेष रह गया है। यह कार्य भी आगामी लगभग दो माह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद इसका संचालन होने से विभागीय अधिकारियों और किसानों को कई तरह की सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
राजकीय कृषि विद्यालय के समीप करीब 100 वर्ष पुरानी बिल्डिंग में कृषक प्रशिक्षण छात्रावास संचालित किया जा रहा था। इसका जनपद के अधिकारियों और किसानों को ही लाभ मिल पाता था। छात्रावास के जर्जर भवन की विभाग की ओर से शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। इस पर शासन ने करीब दो वर्ष पहले यहां पर नया कृषक प्रशिक्षण छात्रावास का निर्माण करने का निर्णय लिया था। इसके लिए 18 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई और निर्माण शुरू करवा दिया गया था। दिसंबर 2020 में ही छात्रावास का निर्माण कार्य पूरा हो जाना था लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। जिला प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी के बाद भी अब तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। छात्रावास में 50 कमरे हैं। इसके साथ प्रशिक्षण कक्ष, कांफ्रेंस हॉल और मेस जैसी जरूरी सुविधाएं भी होंगी।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जनपदों को छात्रावास का मिलेगा लाभ
कृषक प्रशिक्षण छात्रावास का लाभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जनपदों को मिलेगा। मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ और आगरा मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के ए-वन ग्रेड वाले कृषि अधिकारियों को यहां प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही कृषि विभाग में आने वाले नए अधिकारियों और कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एकमात्र ऐसा छात्रावास होगा, जहां पर कृषि अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों को प्रशिक्षण मिलेगा।
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कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी किसानों को देंगे प्रशिक्षण
छात्रावास के संचालन से जनपद के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जनपदों के किसानों को भी लाभ मिलेगा। यहां पर किसानों को आधुनिक खेती, बागवानी आदि करने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के समय किसानों को ठहरने और उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी यहीं की जाएगी। कृषि मेलों का आयोजन भी किया जाएगा।
कृषक प्रशिक्षण छात्रावास का निर्माण अंतिम चरण में है। अब इसमें विद्युतीकरण और रंगाई-पुताई का काम ही शेष रह गया है। यह सब कार्य लगभग दो माह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद छात्रावास का संचालन होते ही विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आने वाले 22 जनपदों के किसानों को भी लाभ मिलेगा। - जेएस राठौर, प्रधानाचार्य, राजकीय कृषि विद्यालय।
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बुलंदशहर। राजकीय कृषि विद्यालय के पास 18 करोड़ की लागत से बन रहे कृषक प्रशिक्षण छात्रावास का निर्माण अंतिम चरण में है। अधिकारियों का कहना है इसमें अब विद्युतीकरण और रंगाई-पुताई का काम शेष रह गया है। यह कार्य भी आगामी लगभग दो माह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद इसका संचालन होने से विभागीय अधिकारियों और किसानों को कई तरह की सुविधाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
राजकीय कृषि विद्यालय के समीप करीब 100 वर्ष पुरानी बिल्डिंग में कृषक प्रशिक्षण छात्रावास संचालित किया जा रहा था। इसका जनपद के अधिकारियों और किसानों को ही लाभ मिल पाता था। छात्रावास के जर्जर भवन की विभाग की ओर से शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। इस पर शासन ने करीब दो वर्ष पहले यहां पर नया कृषक प्रशिक्षण छात्रावास का निर्माण करने का निर्णय लिया था। इसके लिए 18 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई और निर्माण शुरू करवा दिया गया था। दिसंबर 2020 में ही छात्रावास का निर्माण कार्य पूरा हो जाना था लेकिन कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका। जिला प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी के बाद भी अब तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। छात्रावास में 50 कमरे हैं। इसके साथ प्रशिक्षण कक्ष, कांफ्रेंस हॉल और मेस जैसी जरूरी सुविधाएं भी होंगी।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जनपदों को छात्रावास का मिलेगा लाभ
कृषक प्रशिक्षण छात्रावास का लाभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जनपदों को मिलेगा। मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ और आगरा मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के ए-वन ग्रेड वाले कृषि अधिकारियों को यहां प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही कृषि विभाग में आने वाले नए अधिकारियों और कर्मचारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एकमात्र ऐसा छात्रावास होगा, जहां पर कृषि अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों को प्रशिक्षण मिलेगा।
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कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी किसानों को देंगे प्रशिक्षण
छात्रावास के संचालन से जनपद के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जनपदों के किसानों को भी लाभ मिलेगा। यहां पर किसानों को आधुनिक खेती, बागवानी आदि करने के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के समय किसानों को ठहरने और उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी यहीं की जाएगी। कृषि मेलों का आयोजन भी किया जाएगा।
कृषक प्रशिक्षण छात्रावास का निर्माण अंतिम चरण में है। अब इसमें विद्युतीकरण और रंगाई-पुताई का काम ही शेष रह गया है। यह सब कार्य लगभग दो माह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद छात्रावास का संचालन होते ही विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आने वाले 22 जनपदों के किसानों को भी लाभ मिलेगा। - जेएस राठौर, प्रधानाचार्य, राजकीय कृषि विद्यालय।