{"_id":"587274814f1c1b1929ba831d","slug":"just-as-mankind-has-witnessed","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिर्फ मानवता के नाते दी थी गवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिर्फ मानवता के नाते दी थी गवाही
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 08 Jan 2017 10:49 PM IST
विज्ञापन
अन्य
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
न कोई रिश्ता, न संबंध... मानवता के नाते बरारी नरसंहार में गवाही देेने वाला अमरपाल सिंह जानलेवा हमला होने के बाद भी पीछे नहीं हटे। उनकी गवाही पर हत्यारों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जा सका। उनके सराहनीय योगदान पर शनिवार को पुलिस महानिदेशक अभियोजन ने लखनऊ में उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
बता दें कि औरंगाबाद के गांव बरारी में 29 जुलाई 2008 को जमीनी रंजिश के चलते रनवीर ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर नौ लोगों की हत्या कर दी थी। हत्याकांड का एक मात्र गवाह गांव निवासी अमरपाल सिंह था। जान का खतरा होने के चलते अमरपाल सिंह गांव छोड़कर सिकंदराबाद में रहने लगा था।
विज्ञापन
अमरपाल ने बताया कि 2012 में जब वह गांव में अपने माता पिता से मिलने गया तो जान से मारने की नियत गोली मारी ग्रई। अमरपाल ने बताया कि जानलेवा हमला होने और बराबर धमकियां मिलने के बाद भी उसने गवाही देने से अपने कदम पीछे नहीं खींचे। अमरपाल की गवाही पर रनवीर को फांसी की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
अमरपाल ने बताया कि मानवता के आधार पर हत्यारोपियों को अंजाम तक पहुंचाने पर शनिवार को पुलिस महानिदेशक अभियोजन डॉ. सूर्य कुमार ने लखनऊ में उसे प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।