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किसी भी ग्रंथ का प्रकाश में आना महत्वपूर्ण बात : प्रो. त्यागी
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गुलावठी के डीएनपीजी कॉलेज में हिन्दी साहित्य में राम ग्रंथ का विमोचन करते हुए कॉलेज प्राचार्य ए
गुलावठी। डीएन पीजी कॉलेज में शनिवार को हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रो. डॉ. हरीश कसाना द्वारा संपादित ग्रंथ हिंदी साहित्य में राम का विमोचन किया गया। कॉलेज प्राचार्य प्रो. योगेश कुमार त्यागी ने कहा कि किसी भी ग्रंथ का प्रकाश में आना बहुत महत्वपूर्ण बात होती है।
इसके पीछे लेखक एवं संपादक की गूढ़ तपस्या, मेहनत एवं लग्न होती है। राम शब्द सनातन है। हिंदी साहित्य ही नहीं वरन अन्य भाषा साहित्य में भी भगवान राम के चरित्र को लेकर विपुल साहित्य लिखा गया है।
ग्रंथ के संपादक डॉ. हरीश कसाना ने बताया कि इस ग्रंथ की पूर्णता में उनके सहयोगी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बिलासपुर गौतमबुद्धनगर के हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. समित कुमार नागर और भूमिका कॉलेज के हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. संदीप कुमार सिंह ने लिखी है।
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इस ग्रंथ में हिंदी साहित्य के मर्मज्ञ 14 विद्वानों के हिंदी साहित्य के सर्वाेत्तम अनुकरणीय पात्र राम विषयी शोधालेख संकलित हैं। यह ग्रंथ हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा शिक्षकों की भावी पीढ़ी का निश्चित रूप से मार्गदर्शन करेगा। इस ग्रंथ द्वारा शोध के यथानुरूप विविध प्रश्नों का समाधान भी प्राप्त होगा, साथ ही शोध की विविध शाखाएं भी विकसित होंगी।
यह ग्रंथ निश्चित रूप से हिंदी साहित्य में सर्व अनुशासित, सर्व पूज्य, सर्व अनुकरणीय, सर्व आदर्श राम को समर्पित है। कार्यक्रम में डॉ. पुष्पेंद्र मिश्र, प्रो. नरेश कुमार डॉ. अवधेश कुमार सिंह, प्रो. हरिदत्त शर्मा, डॉ. विनय कुमार सिंह, प्रो. कृष्ण कुमार, प्रो. शशि कपूर, प्रो. श्याम प्रकाश, डॉ. अमित कुमार आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर योगेश कुमार त्यागी ने की।
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इसके पीछे लेखक एवं संपादक की गूढ़ तपस्या, मेहनत एवं लग्न होती है। राम शब्द सनातन है। हिंदी साहित्य ही नहीं वरन अन्य भाषा साहित्य में भी भगवान राम के चरित्र को लेकर विपुल साहित्य लिखा गया है।
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ग्रंथ के संपादक डॉ. हरीश कसाना ने बताया कि इस ग्रंथ की पूर्णता में उनके सहयोगी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बिलासपुर गौतमबुद्धनगर के हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. समित कुमार नागर और भूमिका कॉलेज के हिंदी विभाग प्रभारी डॉ. संदीप कुमार सिंह ने लिखी है।
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इस ग्रंथ में हिंदी साहित्य के मर्मज्ञ 14 विद्वानों के हिंदी साहित्य के सर्वाेत्तम अनुकरणीय पात्र राम विषयी शोधालेख संकलित हैं। यह ग्रंथ हिंदी साहित्य के विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा शिक्षकों की भावी पीढ़ी का निश्चित रूप से मार्गदर्शन करेगा। इस ग्रंथ द्वारा शोध के यथानुरूप विविध प्रश्नों का समाधान भी प्राप्त होगा, साथ ही शोध की विविध शाखाएं भी विकसित होंगी।
यह ग्रंथ निश्चित रूप से हिंदी साहित्य में सर्व अनुशासित, सर्व पूज्य, सर्व अनुकरणीय, सर्व आदर्श राम को समर्पित है। कार्यक्रम में डॉ. पुष्पेंद्र मिश्र, प्रो. नरेश कुमार डॉ. अवधेश कुमार सिंह, प्रो. हरिदत्त शर्मा, डॉ. विनय कुमार सिंह, प्रो. कृष्ण कुमार, प्रो. शशि कपूर, प्रो. श्याम प्रकाश, डॉ. अमित कुमार आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर योगेश कुमार त्यागी ने की।