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शहीद की अंतिम विदाई में यूपी पुलिस बदला लो के लगे नारे

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 25 Mar 2021 11:30 PM IST
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inspector murder case
शहीद दरोगा का शव ले जाने के दौरान विलाप करते परिजन। - फोटो : KHURJA
शहीद की अंतिम विदाई में यूपी पुलिस बदला लो के लगे नारे
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बुलंदशहर/छतारी। आगरा जिले के नाहर्रा गांव में शहीद हुए यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर प्रशांत यादव को बृहस्पतिवार को बुलंदशहर में उनके पैतृक कस्बे छतारी में अंतिम विदाई देने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। प्रशांत यादव की गोली मारकर हत्या से आक्रोशित लोगों ने यूपी पुलिस बदला लो के लोगों ने नारे लगाए।
दरोगा प्रशांत यादव का शव आगरा से दोपहर करीब 12.30 बजे बुलंदशहर के छतारी कस्बे के मोहल्ला जनकपुरी स्थित उनके पैतृक घर पर लाया गया। प्रशांत का पार्थिव शरीर देखते ही लोगों की आंखें नम हो गईं। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12.30 बजे आगरा के एत्मादपुर सर्किल की सीओ अर्चना सिंह, इंस्पेक्टर सिकंदरा, खंदौली थाने के उपनिरीक्षक समेत अन्य पुलिसकर्मी प्रशांत का शव लेकर छतारी के मोहल्ला जनकपुरी स्थित उनके घर पहुंचे। यहां शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए गांव और आसपास क्षेत्र के लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। रोगा प्रशांत की मां-पत्नी और बहन रोते-रोते बेसुध हो गईं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी शोक संतप्त परिवार को संभालने और सांत्वना देने में लगे रहे।
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इसके बाद शहीद प्रशांत की शव यात्रा शुरू हुई जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। श्मशान घाट पर प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया, राज्यमंत्री अनिल शर्मा, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने शहीद प्रशांत को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद शोक सलामी देते हुई शहीद की अंतिम विदाई की गई। ढाई साल के बेटे पार्थ ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।जनपद के प्रभारी मंत्री अशोक कटारिया, राज्यमंत्री अनिल शर्मा, डीएम रविन्द्र कुमार और एसएसपी संतोष कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।
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बहन बोलीं- मेरे भाई की मौत का बदला लेना
शहीद प्रशांत के पार्थिव शरीर को देखकर बहन अलका चीख पड़ी। शव से लिपट कर रोने लगी। वहां मौजूद महिला पुलिस अफसर और अन्य लोगों ने किसी तरह सांत्वना देते हुए उन्हें वहां से उठाया। बहन अलका रोते हुए बार-बार पुलिस अफसरों से यही कह रही थी मुझे अपने भाई के पास जाना है। साहब मेरे भाई की मौत का बदला जरूर लेना। बहन की हालत देखकर वहां मौजूद हर किसी की आखें आंसुओं से भर गईं।

चिता पर लेट गए फुफेरी बहन के पति
श्मशान घाट पर शहीद के अंतिम संस्कार के लिए चिता तैयार करते समय शहीद के फुफेरी बहन के पति हुकुम सिंह रोते- बिलखते चिता पर लेट गए। चीखते हुए उन्होंने कहा कि मुझे भी जला दो। यह देखकर वहां मौजूद पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के हाथपांव फूल गए। दौड़कर अधिकारी और पुलिस कर्मी वहां पहुंच गए। उन्होंने हुकुम सिंह को वहां से उठाने की कोशिश की। बार-बार वह कहे जा रहे थे योगी जी को बुलाओ। पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाओ। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
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