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अब बिना मानक पूरे किए नहीं चलेंगी कीटनाशक की दुकानें
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अब बिना मानक पूरे किए नहीं चलेंगी कीटनाशक की दुकानें
बुलंदशहर। अब बिना मानक पूरे किए कीटनाशक की दुकानें नहीं चल पाएंगी। अभी तक गांव व कस्बों में कोई भी बड़ी आसानी से कीटनाशक की दुकान खोल लेता था। इसके लिए दुकानदार के पास कोई भी डिग्री या डिप्लोमा नहीं होता था। अब नया नियम लागू होने के बाद जिले के करीब 700 लाइसेंस धारकों को डिप्लोमा कोर्स करना होगा।
विभागीय अफसरों के अनुसार नए नियम के मुताबिक अब दुकानदार के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कृषि विज्ञान, रसायन विज्ञान, प्राणी विज्ञान या वनस्पति विज्ञान से संबंधित स्नातक डिग्री आवश्यक होगी। जिन दुकानदारों के पास डिग्री नहीं है, उन्हें एक वर्ष का डिप्लोमा कोर्स करना होगा। विभाग के मुताबिक कई कारोबारियों का लाइसेंस नए नियम में फंस सकता है। जिले में करीब 700 कीटनाशक बिक्री लाइसेंस धारक हैं। उन्हें अब किसी सरकारी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कृषि या बागवानी में संबद्ध विषय से, जिसमें वनस्पति संरक्षण व नाशक जीवमार प्रबंध के संबंध में विषय वस्तु पाठ्यक्रम शामिल हो, एक वर्षीय डिप्लोमा करना होगा अन्यथा उनका लाइसेंस रद्द होगा।
ऐसे लाइसेंस धारकों को कृषि मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर एनआईपीएसएम हैदराबाद द्वारा संचालित कोर्स ऑन इंसेक्टीसाइड मैनेजमेंट (सीसीआईएम) योजना के तहत शार्ट टर्म डिप्लोमा करना होगा। एक जनवरी 2022 के बाद विक्रेता बिना शैक्षिक योग्यता के रासायनों की बिक्री नहीं कर सकेेंगे। यदि वह ऐसा करते पाए जाते हैं तो उनका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। - धनंजय सिंह, कृषि उप निदेशक एवं जिला कृषि रक्षा अधिकारी
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बुलंदशहर। अब बिना मानक पूरे किए कीटनाशक की दुकानें नहीं चल पाएंगी। अभी तक गांव व कस्बों में कोई भी बड़ी आसानी से कीटनाशक की दुकान खोल लेता था। इसके लिए दुकानदार के पास कोई भी डिग्री या डिप्लोमा नहीं होता था। अब नया नियम लागू होने के बाद जिले के करीब 700 लाइसेंस धारकों को डिप्लोमा कोर्स करना होगा।
विभागीय अफसरों के अनुसार नए नियम के मुताबिक अब दुकानदार के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कृषि विज्ञान, रसायन विज्ञान, प्राणी विज्ञान या वनस्पति विज्ञान से संबंधित स्नातक डिग्री आवश्यक होगी। जिन दुकानदारों के पास डिग्री नहीं है, उन्हें एक वर्ष का डिप्लोमा कोर्स करना होगा। विभाग के मुताबिक कई कारोबारियों का लाइसेंस नए नियम में फंस सकता है। जिले में करीब 700 कीटनाशक बिक्री लाइसेंस धारक हैं। उन्हें अब किसी सरकारी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से कृषि या बागवानी में संबद्ध विषय से, जिसमें वनस्पति संरक्षण व नाशक जीवमार प्रबंध के संबंध में विषय वस्तु पाठ्यक्रम शामिल हो, एक वर्षीय डिप्लोमा करना होगा अन्यथा उनका लाइसेंस रद्द होगा।
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ऐसे लाइसेंस धारकों को कृषि मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर एनआईपीएसएम हैदराबाद द्वारा संचालित कोर्स ऑन इंसेक्टीसाइड मैनेजमेंट (सीसीआईएम) योजना के तहत शार्ट टर्म डिप्लोमा करना होगा। एक जनवरी 2022 के बाद विक्रेता बिना शैक्षिक योग्यता के रासायनों की बिक्री नहीं कर सकेेंगे। यदि वह ऐसा करते पाए जाते हैं तो उनका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। - धनंजय सिंह, कृषि उप निदेशक एवं जिला कृषि रक्षा अधिकारी
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