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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Glucose and refined found in milk-khoya samples

Bulandshahar News: दूध-खोया के नमूनों की जांच में मिला ग्लूकोज और रिफाइंड

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 08 Feb 2025 10:39 PM IST
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दूध, खोया के नमूनों की जांच में रिफाइंड और ग्लूकोज की मिलावट होने की पुष्टि हुई है। कुल 99 खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच में 20 असुरक्षित और 30 अधोमानक पाए गए हैं। डाबर गांव में नकली पनीर बनाने वाले पर 10 हजार रुपये समेत कुल नौ वादों में 2.73 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने अक्तूबर से लेकर दिसंबर तक मिलावटखोरी के खिलाफ अभियान चलाया था। 22 अक्तूबर को गुलावठी के गांव कोटा में राजेंद्र सिंह उर्फ गौरव के जय ढूला बाबा मिल्क चिलिंग सेंटर पर छापा मारा गया था। जांच में पता चला था कि प्रतिदिन 10 हजार लीटर सिंथेटिक दूध की आपूर्ति यहां से की जा रही है। यहां से लिए गए दूध के नमूने की जांच में रिफाइंड और ग्लूकोज मिले होने की पुष्टि हुई है। डिबाई के गांव बनवारीपुर से लिए गए दूध के नमूने में भी ग्लूकोज और रिफाइंड पाया गया है।
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अगौता के गांव जौलीगढ़, जहांगीरपुर के गांव भुन्ना जाटान से लिए गए खोया के नमूनों की जांच में स्टार्च और रिफाइंड मिले होने की पुष्टि हुई है। औरंगाबाद से बरामद साढ़े चार क्विंटल बदबूदार सॉस के नमूने में सिंथेटिक रंग, चोला के गांव गांगरौल से लिए गए समा के चावल के नमूने में कीड़े पाए गए हैं। गांव मदनपुर से लिया गया छेना का नमूना भी असुरक्षित पाया गया है। ततारपुर से लिया गया सोनपापड़ी के नमूने में सिंथेटिक रंग, आठ अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने में हानिकारक तत्व पाए गए हैं।
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इन 20 नमूनों को असुरक्षित घोषित किया गया है। इन खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक सेवन करने वाले लोगों के किडनी और दिल पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। जांच में अधोमानक और असुरक्षित पाए गए खाद्य पदार्थों की बिक्री और बनाने वाले व्यापारियों के खिलाफ एडीएम प्रशासन न्यायालय और सीजेएम न्यायालय में वाद दायर किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से व्यापारियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है।
नकली खाद्य सामग्री बनाने वालों पर 2.73 लाख का जुर्माना

मिलावटखोरी पाए जाने पर नौ वादों में अपना फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने 2.73 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। एडीएम प्रशासन की अदालत ने अरनिया के गांव डाबर में प्रतिदिन 10 क्विंटल नकली पनीर बनाने वाले अभियुक्त पर 10 हजार रुपये समेत कुल आठ वादों में 1.98 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। सिविल न्यायालय ने एक वाद में सुनवाई करते हुए 75 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

वित्त वर्ष में 592 खाद्य पदार्थों के नमूनों की हुई जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से जांच के लिए भेजे गए दूध के 11, घी का एक, मिठाई के दो, वनस्पति घी का एक, मसाले और दाल के तीन-तीन व अन्य के चार नमूने जांच में अधोमानक पाए गए हैं। दूध के नमूने में पर्याप्त फैट नहीं पाया गया है। मसाले और दाल में पॉलिस होने की पुष्टि हुई है। इस वित्त वर्ष अभी तक मिली कुल 592 खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट में से 195 अधोमानक, 83 असुरक्षित पाए गए हैं। सबसे अधिक दूध के 98 अधोमानक पाए गए हैं। असुरक्षित पाए गए नमूनों में भी सबसे अधिक 15 पनीर, 12 दूध, 12 मसाले के नमूने शामिल हैं।




I99 खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट मिली है। इनमें दूध व खोया के दो-दो नमूने समेत कुल 20 असुरक्षित पाए गए हैं। 30 नमूने अधोमानक पाए गए हैं। सभी व्यापारियों को नोटिस जारी करते हुए वाद दायर करने की तैयारी की जा रही है। नकली दूध, पनीर व अन्य खाद्य पदार्थ बनाने व बेचने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। - विनीत कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासनI
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