{"_id":"607c720d8ebc3e245801d244","slug":"froud-bulandshahr-news-gbd2173987181","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जीवाड़े में फंसे तीन सचिवों पर एफआईआर के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जीवाड़े में फंसे तीन सचिवों पर एफआईआर के आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जीवाड़े में फंसे तीन सचिवों पर एफआईआर के आदेश
बुलंदशहर। अरनिया ब्लॉक क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों में बन रहे पंचायत भवनों पर खर्च की जाने वाली करीब 22 लाख रुपये की राशि के फर्जीवाड़े में फंसे तीन ग्राम सचिवों पर सीडीओ ने एफआईआर के आदेश जारी कर दिए हैं। आरोप है कि उक्त तीनों सचिवों ने मनरेगा का काम दिखाते हुए यह राशि निकाल ली थी। मौके पर जब निरीक्षण हुआ तो कार्य ठीक प्रकार से नहीं मिला था। शासन ने जनपद की जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन नहीं थे। उनमें पंचायत भवन बनवाने के आदेश जारी किए गए थे। इसके लिए एक ग्राम पंचायत को करीब 25 लाख रुपए तक की राशि दी गई है। बताया गया इसमें मनरेगा से भी कार्य होना है, लेकिन अरनिया ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायत भवन के निर्माण कराने में सचिवों ने गत दिनों बड़े स्तर पर राशि में खेल कर दिया। मनरेगा से कार्य हुआ नहीं और तीन ग्राम पंचायतों में शामिल पारसौल, मेनताबाद और गेंदा फरीदपुर के बैंक खाते से 22 लाख की राशि निकालकर ठेकेदारों को हैंड ओवर कर दी गई। मौके पर जब निरीक्षण किया गया तो यह पूरा फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। अफसरों के अनुसार एक ग्राम पंचायत में तो खाली भूमि पर कार्य दिखाते हुए सचिव ने रकम निकाल ली थी। इसके अलावा जिन दो ग्राम पंचायत भवनों में कार्य होना था। वहां पर 20 फीसदी कार्य हुआ भी नहीं मिला था। यहां के सचिवों ने नियम विरुद्ध तरीके से राशि निकाल ली। जांच होने के बाद सीडीओ ने अरनिया बीडीओ पारस नाथ यादव को तीनों सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
अरनिया क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवों ने 22 लाख से अधिक की राशि नियम विरुद्ध तरीके से निकाली है। इनके खिलाफ एफआईआर के आदेश बीडीओ को दिए हैं। रकम की रिकवरी भी होगी। - अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
शिक्षक को अटैच करने पर एबीएसए से मांगा स्पष्टीकरण
बुलंदशहर। बेसिक खंड शिक्षा कार्यालय पर एक शिक्षक को अटैच करने के मामले में बीएसए ने एबीएसए से स्पष्टीकरण मांग लिया है। आरोप है कि एबीएसए ने इस शिक्षक को सस्पेंड होने के बाद एक स्कूल में बहाल किया था। शिक्षक पर अन्य शिक्षकों से अवैध उगाही के आरोप भी लगे थे। जवाब न देने पर बीएसए ने कार्रवाई करने की बात कही है।
विज्ञापन
बुलंदशहर ब्लॉक के एबीएसए पर गत दिनों समायोजन में शामिल शिक्षकों ने स्कूल में ज्वाइनिंग के नाम पर राशि मांगने का आरोप लगाया था। वहीं, शिक्षक और शिक्षक नेताओं ने बीएसए से मिलकर खुलासा किया था कि एबीएसए ने अपने चहेते एक शिक्षक को कार्यालय में अटैच कर दिया है। उसे एक स्कूल में भी नियम विरुद्ध तैनाती दे दी है। जबकि यह शिक्षक पिछले दिनों संस्पेंड भी हो चुका था। यह शिकायत सीडीओ से भी की गई थी। इस मामले में अब बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी से जवाब तलब कर स्पष्टीकरण मांग लिया है। एबीएसए से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि शिक्षक को बिना अनुमति के कैसे कार्यालय में अटैच करने के साथ स्कूल में तैनाती दी गई। अब बताया जा रहा है कि शिक्षक को उसके मूल विद्यालय के लिए भेज दिया गया है। सीडीओ ने भी बीएसए को निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई शिक्षक दफ्तर या बीआरसी पर रहता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित एबीएसए को नोटिस जारी किया जाए।
विज्ञापन
बुलंदशहर। अरनिया ब्लॉक क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों में बन रहे पंचायत भवनों पर खर्च की जाने वाली करीब 22 लाख रुपये की राशि के फर्जीवाड़े में फंसे तीन ग्राम सचिवों पर सीडीओ ने एफआईआर के आदेश जारी कर दिए हैं। आरोप है कि उक्त तीनों सचिवों ने मनरेगा का काम दिखाते हुए यह राशि निकाल ली थी। मौके पर जब निरीक्षण हुआ तो कार्य ठीक प्रकार से नहीं मिला था। शासन ने जनपद की जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन नहीं थे। उनमें पंचायत भवन बनवाने के आदेश जारी किए गए थे। इसके लिए एक ग्राम पंचायत को करीब 25 लाख रुपए तक की राशि दी गई है। बताया गया इसमें मनरेगा से भी कार्य होना है, लेकिन अरनिया ब्लॉक की तीन ग्राम पंचायत भवन के निर्माण कराने में सचिवों ने गत दिनों बड़े स्तर पर राशि में खेल कर दिया। मनरेगा से कार्य हुआ नहीं और तीन ग्राम पंचायतों में शामिल पारसौल, मेनताबाद और गेंदा फरीदपुर के बैंक खाते से 22 लाख की राशि निकालकर ठेकेदारों को हैंड ओवर कर दी गई। मौके पर जब निरीक्षण किया गया तो यह पूरा फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। अफसरों के अनुसार एक ग्राम पंचायत में तो खाली भूमि पर कार्य दिखाते हुए सचिव ने रकम निकाल ली थी। इसके अलावा जिन दो ग्राम पंचायत भवनों में कार्य होना था। वहां पर 20 फीसदी कार्य हुआ भी नहीं मिला था। यहां के सचिवों ने नियम विरुद्ध तरीके से राशि निकाल ली। जांच होने के बाद सीडीओ ने अरनिया बीडीओ पारस नाथ यादव को तीनों सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।
अरनिया क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिवों ने 22 लाख से अधिक की राशि नियम विरुद्ध तरीके से निकाली है। इनके खिलाफ एफआईआर के आदेश बीडीओ को दिए हैं। रकम की रिकवरी भी होगी। - अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
विज्ञापन
शिक्षक को अटैच करने पर एबीएसए से मांगा स्पष्टीकरण
बुलंदशहर। बेसिक खंड शिक्षा कार्यालय पर एक शिक्षक को अटैच करने के मामले में बीएसए ने एबीएसए से स्पष्टीकरण मांग लिया है। आरोप है कि एबीएसए ने इस शिक्षक को सस्पेंड होने के बाद एक स्कूल में बहाल किया था। शिक्षक पर अन्य शिक्षकों से अवैध उगाही के आरोप भी लगे थे। जवाब न देने पर बीएसए ने कार्रवाई करने की बात कही है।
विज्ञापन
बुलंदशहर ब्लॉक के एबीएसए पर गत दिनों समायोजन में शामिल शिक्षकों ने स्कूल में ज्वाइनिंग के नाम पर राशि मांगने का आरोप लगाया था। वहीं, शिक्षक और शिक्षक नेताओं ने बीएसए से मिलकर खुलासा किया था कि एबीएसए ने अपने चहेते एक शिक्षक को कार्यालय में अटैच कर दिया है। उसे एक स्कूल में भी नियम विरुद्ध तैनाती दे दी है। जबकि यह शिक्षक पिछले दिनों संस्पेंड भी हो चुका था। यह शिकायत सीडीओ से भी की गई थी। इस मामले में अब बेसिक शिक्षा अधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने खंड शिक्षा अधिकारी से जवाब तलब कर स्पष्टीकरण मांग लिया है। एबीएसए से स्पष्टीकरण मांगा गया है कि शिक्षक को बिना अनुमति के कैसे कार्यालय में अटैच करने के साथ स्कूल में तैनाती दी गई। अब बताया जा रहा है कि शिक्षक को उसके मूल विद्यालय के लिए भेज दिया गया है। सीडीओ ने भी बीएसए को निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई शिक्षक दफ्तर या बीआरसी पर रहता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही संबंधित एबीएसए को नोटिस जारी किया जाए।