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सरकारी नौकरी में चयन होने का दिया झांसा, चार माह में ठगे पांच लाख

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 10:33 PM IST
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सरकारी नौकरी में चयन होने का दिया झांसा, चार माह में ठगे पांच लाख
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बुलंदशहर। नगर निवासी मनीष कुमार से शातिर ठग ने उत्तर प्रदेश सरकार खाद्य एवं रसद विभाग में नौकरी के लिए दी गई परीक्षा में चयन होने का झांसा देकर पांच लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने वर्ष 2015 में नौकरी के लिए परीक्षा दी थी। लेकिन, आरोपी ने गत वर्ष पीड़ित से ठगी की। वहीं, अब आरोपी रुपये मांगने पर पीड़ित को हत्या की धमकी दे रहा है।
नगर के मोहल्ला कृष्णा नगर गौड़ कंपाउंड निवासी मनीेष कुमार ने गत 22 मार्च को एसएसपी को शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें उन्होंने बताया था कि वर्ष 2015 में उसने उत्तर प्रदेश सरकार खाद्य एवं रसद विभाग में कनिष्क सहायक पद पर नौकरी के लिए परीक्षा दी थी। जिसके करीब छह वर्ष बाद गत 30 जून 2021 को पीड़ित के मोबाइल नंबर पर एक अन्य मोबाइल नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले जिनेश ने खुद को उक्त विभाग में पीआरओ के पद पर तैनात बताया। साथ ही कहा कि पीड़ित ने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है और उसका लिस्ट में 96वां नंबर है।
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आरोपी ने उसकी फाइल को आगे चलाने के लिए पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी। पीड़ित द्वारा यह रकम एक साथ न देने की बात कहने पर आरोपी ने टुकड़ों में रकम देने को कहा। जिस पर पीड़ित ने आरोपी को 30 जून 2021 से 16 अक्तूबर 2021 तक आरोपी के खाते में फोन पे के माध्यम से पांच लाख रुपये अलग-अलग समय पर ट्रांसफर कर दिए। लेकिन, तय समय बीतने के बावजूद पीड़ित की न तो नौकरी लगवाई और न ही उसके रुपये वापस किए। पहले तो आरोपी जल्द ही रकम लौटाने का आश्वासन देता रहा। लेकिन, अब आरोपी ने रकम देने से इंकार कर दिया है। साथ ही पीड़ित को हत्या की धमकी दे रहा है। बीते दिनों आरोपी ने उसके साथ अभद्रता करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग भी किया। पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी ने थाना पुलिस को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जिस पर नगर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। सीओ सिटी शशांक सिंह ने बताया कि मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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युवती के खाते से निकाले 24 हजार रुपये, दी तहरीर
बुलंदशहर। नगर के मोहल्ला देवीपुरा निवासी शिवानी शर्मा ने शुक्रवार को एसएसपी को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसका नगर के ही एक बैंक में खाता है। गत 21 मार्च को उसके फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। आरोपी ने खुद को बैंक का अधिकारी बताते हुए पीड़िता के खाते की जानकारी हासिल कर ली। पीड़िता ने भी आरोपी के झांसे में आकर उसे अपने खाते की पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी। कुछ देर बाद पीड़िता के खाते से तीन बार में 24 हजार रुपये आरोपी के द्वारा अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए गए। पीड़िता को बैंक से आए मेसेज के माध्यम से इसकी जानकारी हुई। जिसके बाद उसने बैंक जाकर जानकारी हासिल की। पीड़िता ने एसएसपी से मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।
केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य से ठगी रकम खाते में कराई वापस
बुलंदशहर। नगर कोतवाली क्षेत्र निवासी केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य के खाते से ऑनलाइन ठगी किए गए 49,900 रुपये साइबर क्राइम सेल ने उनके बैंक खाते में वापस कराए हैं। एसपी क्राइम कमलेश बहादुर ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य सत्यपाल सिंह निवासी- 22/502 डीएवी डिग्री कॉलेज के सामने राधानगर ने बीते दिनों तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि उनके बैंक खाते से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा कम्पनी का फर्जी अधिकारी बनकर 49,900 रुपयों की आनलाइन ठगी कर ली गई है। जानकारी मिलते ही साइबर सेल की टीम मामले की जांच पड़ताल में जुट गई। साथ ही जांच पड़ताल के बाद अज्ञात आरोपी का खाता फ्रीज कराकर प्रधानाचार्य की रकम उनके खाते में वापस करा दी गई है।
खोई हुई रकम 40 हजार पीड़ित को छतारी पुलिस ने लौटाए
बुलंदशहर। छतारी थाना क्षेत्र के गांव सहार निवासी चुन्नीलाल ने बृहस्पतिवार को तहरीर देकर बताया था कि दोपहर में वह सेंट्रल बैंक छतारी से 40 हजार रुपये निकालने गया था। जहां से रुपये लेकर वापस अपने गांव जा रहा था। लेकिन, रास्ते में उसके रुपये कहीं गिर गए। मामले की जानकारी होते ही थाना पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान सीसीटीवी आदि के माध्यम से थाना पुलिस को जानकारी हुई उसकी रकम कहीं गिर गई थी। जिसे एक युवक ने अपने पास रख लिया था। पुलिस ने आरोपी युवक से संपर्क कर जानकारी की तो उसने भी बताया कि रकम उसे रास्ते में मिली। जिसके बाद पुलिस ने युवक से रकम लेकर पीड़ित को वापस करा दी है।

साइबर ठगी से बचने के लिए लोगों को जागरूक होने की आवश्यकता है। किसी भी व्यक्ति को अपना खाता नंबर या निजी जानकारी उपलब्ध न कराएं। बैंक कभी भी आपके खाते की जानकारी आपसे फोन पर नहीं लेता है। सावधान रहें, जिससे साइबर ठगी का शिकार होने से बचा जा सकता है। - कमलेश बहादुर, एसपी क्राइम
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