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Bulandshahar News: रिश्वत लेकर मेडिकल बनाने के मामले में जांच करेगी चार सदस्यीय टीम
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बुलंदशहर। रिश्वत लेकर फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र बनाने के मामले में डीएम सीपी सिंह ने चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। इसके लिए डीएम ने मेडिकल काॅलेज की प्राचार्या की अध्यक्षता में टीम को जल्द जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए हैं।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मेडिकल बनाने के नाम पर चिकित्सक और फार्मासिस्ट द्वारा रुपये लेने की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में ईएमओ और फार्मासिस्ट मेडिकल बनाने के नाम पर रुपये लेने के लिए सौदा कर रहे थे। मामले में एक शिकायत पीड़ित ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त समेत अन्य अधिकारियों को भेजी थी। साथ ही आरोप लगाया था कि उसकी पुत्रवधू का फर्जी मेडिकल बनाया गया था। इसके बाद जब उसने अपनी बेटी का फर्जी मेडिकल बनाने के लिए संपर्क किया तो आरोपियों ने उससे रुपये की मांग की और फर्जी मेडिकल बनाने की हामी भर दी। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच की बात कर रहे थे और आरोपी चिकित्सक व फार्मासिस्ट अवकाश पर चले गए थे। अब वायरल वीडियो के आधार पर डीएम सीपी सिंह ने मेडिकल काॅलेज की प्राचार्या डाॅ. मनीषा जिंदल, सीएमओ डाॅ. विनय कुमार, महिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. अजय पटेल और सिटी मजिस्ट्रेट चंद्रप्रकाश प्रियदर्शी की टीम बनाते हुए शीघ्र स्पष्ट जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ के स्टेनो के खिलाफ भी शिकायत
पीड़ित अनिल कुमार ने मामले में उच्चाधिकारियों को शिकायत देते हुए सीएमओ के एक स्टेनो पर फर्जी मेडिकल कराने का आरोप लगाया है। आरोप है कि जब उसने बोर्ड से मेडिकल कराने की मांग की तो आरोपी स्टेनो ने मामले में अयोग्य चिकित्सक को शामिल करते हुए उससे जांच पूरी करा ली। अब सीएमओ के स्टेनो के खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मेडिकल बनाने के नाम पर चिकित्सक और फार्मासिस्ट द्वारा रुपये लेने की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में ईएमओ और फार्मासिस्ट मेडिकल बनाने के नाम पर रुपये लेने के लिए सौदा कर रहे थे। मामले में एक शिकायत पीड़ित ने मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त समेत अन्य अधिकारियों को भेजी थी। साथ ही आरोप लगाया था कि उसकी पुत्रवधू का फर्जी मेडिकल बनाया गया था। इसके बाद जब उसने अपनी बेटी का फर्जी मेडिकल बनाने के लिए संपर्क किया तो आरोपियों ने उससे रुपये की मांग की और फर्जी मेडिकल बनाने की हामी भर दी। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी जांच की बात कर रहे थे और आरोपी चिकित्सक व फार्मासिस्ट अवकाश पर चले गए थे। अब वायरल वीडियो के आधार पर डीएम सीपी सिंह ने मेडिकल काॅलेज की प्राचार्या डाॅ. मनीषा जिंदल, सीएमओ डाॅ. विनय कुमार, महिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. अजय पटेल और सिटी मजिस्ट्रेट चंद्रप्रकाश प्रियदर्शी की टीम बनाते हुए शीघ्र स्पष्ट जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
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सीएमओ के स्टेनो के खिलाफ भी शिकायत
पीड़ित अनिल कुमार ने मामले में उच्चाधिकारियों को शिकायत देते हुए सीएमओ के एक स्टेनो पर फर्जी मेडिकल कराने का आरोप लगाया है। आरोप है कि जब उसने बोर्ड से मेडिकल कराने की मांग की तो आरोपी स्टेनो ने मामले में अयोग्य चिकित्सक को शामिल करते हुए उससे जांच पूरी करा ली। अब सीएमओ के स्टेनो के खिलाफ भी कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
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