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वायरल बुखार के मरीजों में 33 फीसदी बच्चे
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वायरल बुखार के मरीजों में 33 फीसदी बच्चे
बुलंदशहर। वायरल बुखार की चपेट में बड़े-बुजुर्गों के साथ बच्चे भी आ रहे हैं। जिला अस्पताल समेत सीएचसी खुर्जा में प्रतिदिन 80 से 100 बच्चों का उपचार किया जा रहा है। मंगलवार को वायरल बुखार के कुल मरीजों में 33 फीसदी बच्चे थे।
जिले में मात्र चार बाल रोग विशेषज्ञ तैनात है। इसमें एक पिछले 20 दिन से मेडिकल लीव पर चल रहे हैं। जिले में 80 से अधिक सरकारी चिकित्सालय है। इसमें मात्र चार बाल रोग विशेषज्ञ ही तैनात है। इसमें भी एक बाल रोग विशेषज्ञ पिछले 20 दिन पूर्व से मेडिकल लीव पर है। मात्र तीन बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा प्रतिदिन 300 से अधिक बच्चों का उपचार किया जा रहा है। सरकारी चिकित्सालयों की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से अधिक बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर सर्दी-जुकाम के साथ बुखार से पीड़ित हैं। डॉक्टरों का कहना है कि चार से पांच दिन की दवा लेने के बाद उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि बच्चों में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है।
मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1345 लोगों ने पंजीकरण कराया। इसमें 427 लोग बुखार के शामिल रहे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में करीब 82 लोग भर्ती है। इसमें 40 से अधिक बुखार के मरीज भी शामिल हैं।
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बच्चों में यह लक्षण:
- जुखाम संग बुखार
- नाक का बहना
- उल्टी, दस्त
- बदन दर्द व पेट दर्द की समस्या
यह बरतें सावधानी
बाहर का खाना न खिलाएं।
बच्चे को पानी उबालकर पिलायें।
लगातार एसी में न रखें।
ज्यादा ठंडी चीजें न खिलाएं।
सफाई का विशेष ध्यान रखें।
मास्क जरूर लगाएं।
तेज बुखार होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
झोलाछाप से न कराएं इलाज
सभी अस्पताल प्रभारियों को बुखार के मरीजों का गंभीरता से उपचार करने के निर्देश दिए हैं। लोग झोलाछाप से इलाज न कराए। डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। वायरल बुखार की चपेट में बड़े-बुजुर्गों के साथ बच्चे भी आ रहे हैं। जिला अस्पताल समेत सीएचसी खुर्जा में प्रतिदिन 80 से 100 बच्चों का उपचार किया जा रहा है। मंगलवार को वायरल बुखार के कुल मरीजों में 33 फीसदी बच्चे थे।
जिले में मात्र चार बाल रोग विशेषज्ञ तैनात है। इसमें एक पिछले 20 दिन से मेडिकल लीव पर चल रहे हैं। जिले में 80 से अधिक सरकारी चिकित्सालय है। इसमें मात्र चार बाल रोग विशेषज्ञ ही तैनात है। इसमें भी एक बाल रोग विशेषज्ञ पिछले 20 दिन पूर्व से मेडिकल लीव पर है। मात्र तीन बाल रोग विशेषज्ञ द्वारा प्रतिदिन 300 से अधिक बच्चों का उपचार किया जा रहा है। सरकारी चिकित्सालयों की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से अधिक बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकतर सर्दी-जुकाम के साथ बुखार से पीड़ित हैं। डॉक्टरों का कहना है कि चार से पांच दिन की दवा लेने के बाद उनकी सेहत में सुधार हो रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि बच्चों में वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है।
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मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1345 लोगों ने पंजीकरण कराया। इसमें 427 लोग बुखार के शामिल रहे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजीव प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में करीब 82 लोग भर्ती है। इसमें 40 से अधिक बुखार के मरीज भी शामिल हैं।
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बच्चों में यह लक्षण:
- जुखाम संग बुखार
- नाक का बहना
- उल्टी, दस्त
- बदन दर्द व पेट दर्द की समस्या
यह बरतें सावधानी
बाहर का खाना न खिलाएं।
बच्चे को पानी उबालकर पिलायें।
लगातार एसी में न रखें।
ज्यादा ठंडी चीजें न खिलाएं।
सफाई का विशेष ध्यान रखें।
मास्क जरूर लगाएं।
तेज बुखार होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
झोलाछाप से न कराएं इलाज
सभी अस्पताल प्रभारियों को बुखार के मरीजों का गंभीरता से उपचार करने के निर्देश दिए हैं। लोग झोलाछाप से इलाज न कराए। डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ