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Bulandshahar News: 10 बीघा जमीन के लालच में हुई दुष्यंत चौधरी की हत्या
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जहांगीराबाद। कोतवाली क्षेत्र के गांव शेखूपुर रौरा निवासी दुष्यंत चौधरी की हत्या के पीछे 10 बीघा जमीन का लालच सामने आया है। पुलिस की तफ्तीश में खुलासा हुआ कि इस जमीन पर कब्जा जमाने के लिए दुष्यंत के ही बेहद करीबियों ने हत्या की साजिश रचकर सुपारी किलरों को काम पर लगाया। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पूरे मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को गांव चांदौक में दुष्यंत का लहूलुहान शव मिला था। उसकी कनपटी पर गोली मारकर हत्या की गई थी। माता-पिता के निधन के बाद दुष्यंत अपने ताऊ के साथ रह रहा था। जांचकर्ता कोतवाली प्रभारी ने बताया कि घटना के बाद जब परिजनों से बात की गई तो उनकी उदासीनता ने शक को गहरा कर दिया। न उन्होंने तहरीर दी और न ही जांच में रुचि दिखाई। इस पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कई अहम तथ्य सामने आए।
जांच में स्पष्ट हुआ कि दुष्यंत के दो करीबी, जो परिवार से भी जुड़े हैं, वो ही इस हत्या की जड़ में है। साजिशकर्ता ने नशे का लालच देकर दुष्यंत को चांदौक बुलाया, जहां पहले से भाड़े के शूटर मौजूद थे। जांच में यह भी सामने आया कि दुष्यंत के हिस्से में 10 बीघा जमीन आने वाली थी। यदि वह रास्ते से हट जाता है तो यह जमीन साजिशकर्ताओं के हाथ लग जाएगी। इसी लालच में उन्होंने पूरी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सुपारी की रकम कैसे दी गई कैश में या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से। ऑनलाइन भुगतान होने पर पुलिस को मजबूत डिजिटल सबूत मिलने की संभावना है। पुलिस के पास पुख्ता सुराग हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
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बृहस्पतिवार को गांव चांदौक में दुष्यंत का लहूलुहान शव मिला था। उसकी कनपटी पर गोली मारकर हत्या की गई थी। माता-पिता के निधन के बाद दुष्यंत अपने ताऊ के साथ रह रहा था। जांचकर्ता कोतवाली प्रभारी ने बताया कि घटना के बाद जब परिजनों से बात की गई तो उनकी उदासीनता ने शक को गहरा कर दिया। न उन्होंने तहरीर दी और न ही जांच में रुचि दिखाई। इस पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो कई अहम तथ्य सामने आए।
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जांच में स्पष्ट हुआ कि दुष्यंत के दो करीबी, जो परिवार से भी जुड़े हैं, वो ही इस हत्या की जड़ में है। साजिशकर्ता ने नशे का लालच देकर दुष्यंत को चांदौक बुलाया, जहां पहले से भाड़े के शूटर मौजूद थे। जांच में यह भी सामने आया कि दुष्यंत के हिस्से में 10 बीघा जमीन आने वाली थी। यदि वह रास्ते से हट जाता है तो यह जमीन साजिशकर्ताओं के हाथ लग जाएगी। इसी लालच में उन्होंने पूरी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि सुपारी की रकम कैसे दी गई कैश में या ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से। ऑनलाइन भुगतान होने पर पुलिस को मजबूत डिजिटल सबूत मिलने की संभावना है। पुलिस के पास पुख्ता सुराग हैं और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
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