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एनआरसी में मिले तीन बच्चे, सीएमएस-सीएमओ का वेतन रोका
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जिला अस्पताल का निरीक्षण करते डीएम।
- फोटो : BULANDSHAHR
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एनआरसी में मिले तीन बच्चे, सीएमएस-सीएमओ का वेतन रोका
बुलंदशहर। जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र का डीएम ने सोमवार को निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में मात्र तीन बच्चे भर्ती मिलने पर नाराजगी जता सीएमएस और सीएमओ का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला अस्पताल के कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के लिए बने पुनर्वास केंद्र पर बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी लेने के लिए सोमवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में मात्र तीन बच्चे भर्ती होने की जानकारी मिलने पर नाराजगी जताई।
डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि एनआरसी वार्ड में 10 बच्चों को एक साथ भर्ती कर उपचार दिए जाने की व्यवस्था के निर्देश के बावजूद बच्चों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। जबकि, जिले में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इसके बावजूद संबंधित चिकित्साधिकारियों द्वारा उन्हें एनआरसी भेजने में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। सीएमएस और सीएमओ का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। साथ ही सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा है।
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पांच दिन पूर्व निरीक्षण कर दिए थे निर्देश
11 अगस्त को जिलाधिकारी ने पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर सीएमएस और सीएमओ को स्वास्थ्य केंद्रवार रोस्टर बनाकर कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों को वार्ड में भर्ती कर सामान्य श्रेणी में लाने के लिए उपचार दिलाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद अफसरों द्वारा लापरवाही बरती गई।
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बुलंदशहर। जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र का डीएम ने सोमवार को निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में मात्र तीन बच्चे भर्ती मिलने पर नाराजगी जता सीएमएस और सीएमओ का वेतन रोकने के साथ स्पष्टीकरण मांगा है।
जिला अस्पताल के कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के लिए बने पुनर्वास केंद्र पर बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी लेने के लिए सोमवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र में मात्र तीन बच्चे भर्ती होने की जानकारी मिलने पर नाराजगी जताई।
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डीएम रविंद्र कुमार ने कहा कि एनआरसी वार्ड में 10 बच्चों को एक साथ भर्ती कर उपचार दिए जाने की व्यवस्था के निर्देश के बावजूद बच्चों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। जबकि, जिले में कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ रही है। इसके बावजूद संबंधित चिकित्साधिकारियों द्वारा उन्हें एनआरसी भेजने में कोई रुचि नहीं ली जा रही है। सीएमएस और सीएमओ का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। साथ ही सीएमएस से स्पष्टीकरण मांगा है।
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पांच दिन पूर्व निरीक्षण कर दिए थे निर्देश
11 अगस्त को जिलाधिकारी ने पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर सीएमएस और सीएमओ को स्वास्थ्य केंद्रवार रोस्टर बनाकर कुपोषित, अतिकुपोषित बच्चों को वार्ड में भर्ती कर सामान्य श्रेणी में लाने के लिए उपचार दिलाने के निर्देश दिए। इसके बावजूद अफसरों द्वारा लापरवाही बरती गई।