फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Development

तीस फीसदी से भी कम मिली राशि, कैसे पूरा विकास का खाका

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2021 11:14 PM IST
विज्ञापन
Development
विकास भवन। - फोटो : BULANDSHAHR
तीस फीसदी से भी कम मिली राशि, कैसे पूरा विकास का खाका
विज्ञापन

बुलंदशहर। जनपद की जिला योजना के तहत शासन से गत दिसंबर माह तक 442 करोड़ के सापेक्ष 121 करोड़ की राशि ही मिल सकी है। इसमें से भी अभी तक 99.95 करोड़ की राशि ही खर्च हो सकी है। अधिकारी यह संभावना जता रहे हैं कि यह वित्तीय वर्ष पूरा होने से पहले शेष राशि जारी हो सकती है।
शासन के आदेश पर जनपद में विकास कार्यों को पूरा करने के लिए प्रत्येक वर्ष जिला योजना बनाई जाती है। जिला योजना का काम जिला अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2020-21 की जिला योजना में 38 सरकारी विभागों को शामिल किया गया। इसके लिए सभी विभागों से राशि की जरूरत का ब्योरा एकत्रित किया गया था। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने 442.21 करोड़ की जिला योजना बनाकर तैयार की थी। इसके बाद इसे जनपद के प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में बैठक कर पास करने के बाद शासन को भेज दिया था। सभी विभागों को संभावना थी कि जिला योजना में शामिल राशि जल्द मिल जाएगी, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। अभी तक 22 सरकारी विभागों को ही 121.05 करोड़ की राशि ही मिल चुकी हैं। यह राशि भी अधिकतर विभागों को जिला योजना में शामिल से कहीं कम मिली है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जिला योजना के तहत जिन विभागों को दिसंबर तक राशि मिली है। उसमें से 99.95 करोड़ की राशि ही खर्च हो सकी है। इस बार अभी तक जिला योजना के तहत शासन से मांगी गई कुल राशि में से मात्र 27.37 फीसदी ही राशि मिली है। अधिकारी यह भी संभावना जता रहे हैं कि अभी वित्तीय वर्ष पूरा होने में काफी समय है। ऐसे में शासन से जिला योजना की और भी राशि मिल सकती है। शासन के आदेश पर आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 की जिला योजना तैयार करने का भी काम शुरू हो गया है। इसके लिए सभी विभागों से विकास पर खर्च होने वाली राशि का ब्योरा भी मांग लिया है।
विज्ञापन

इन विभागों को मिली है राशि
जिला योजना में शामिल इन 22 विभागों को ही शासन से राशि मिली है। इनमें कृषि विभाग, गन्ना विभाग, पशुपालन विभाग, दुग्ध विभाग, वन विभाग, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम, रोजगार कार्यक्रम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम, राजकीय लघु सिंचाई-नलकूप विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, प्रादेशिक विकास दल, एलोपैथी चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति कल्याण, समाज कल्याण-सामान्य जाति, पिछड़ी जाति कल्याण, सेवा योजन, दिव्यांगजन सशक्तीकरण और महिला कल्याण विभाग शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अभी तक 16 विभागों को नहीं मिली राशि
जिला योजना में शामिल 39 सरकारी विभागों में से अभी तक 16 विभागों को एक भी रुपये की राशि नहीं मिल सकी है। इनमें सहकारिता, पर्यावरण, ग्रामीण आवास, सामुदायिक विकास ग्राम्य विकास, निजी लघु सिंचाई, अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, सड़क एवं पुल, पर्यटन विभाग, प्राविधिक शिक्षा, खेलकूद, होम्योपैथी चिकित्सा, आयुर्वेदिक, यूनानी, पंचायत राज, नगर विकास और शिल्पकार प्रशिक्षण विभाग शामिल हैं।

जिला योजना के तहत 442 करोड़ की राशि की शासन से डिमांड की गई थी। लेकिन अभी तक 121 करोड़ की राशि ही प्राप्त हुई है। अभी वित्तीय वर्ष पूरा होने में काफी समय है। शासन से योजना में शामिल शेष राशि भी जल्द मिलने की संभावना है।
- अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed