{"_id":"6786a0eafea386a832080688","slug":"dauj-wali-pond-will-be-rejuvenated-with-rs-939-crore-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-128082-2025-01-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: 9.39 करोड़ से होगा दौज वाली पोखर का कायाकल्प","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: 9.39 करोड़ से होगा दौज वाली पोखर का कायाकल्प
विज्ञापन
शिकारपुर। कस्बा के मोहल्ला मुफ्ती वाड़ा स्थित दौज वाली पोखर का 9.39 करोड़ से अधिक की राशि से कायाकल्प होगा। नगर पालिका की ओर से 57 लाख से अधिक की राशि से पोखर की साफ-सफाई व अन्य काम चल रहे हैं। अब नगर पालिका ने पोखर को नया रूप देने के लिए प्रस्ताव बनाया है।
नगर पालिका अध्यक्ष राजबाला सैनी ने बताया कि प्राचीन समय से बूढ़े बाबा की दौज का मेला लगता है। यहां पर बूढ़े बाबा की दौज पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा करने के लिए आते हैं। साथ ही यहां पर मेला भी लगता है। इसी महत्व को देखते हुए नगर पालिका द्वारा इसका सौंदर्यीकरण और कायाकल्प करने का फैसला किया गया।
इसके अंतर्गत पोखर के चारों ओर रास्ता बनाया जाएगा। पोखर के दोनों तरफ घाट बनाए जाएंगे। पोखर की सफाई करने के बाद चारों ओर रास्ता बनाया जाएगा। साथ ही पोखर में नगर का गंदा पानी नहीं जाएगा। केवल नलकूप या बरसात का पानी ही जाएगा।
विज्ञापन
पोखर के दो तरफ बनाए जाने वाले घाटों पर बूढ़े बाबा की दौज के अवसर पर लगने वाले मेले के दौरान भक्तजन पूजा पाठ कर सकेंगे। पोखर के चाराें ओर पेड़-पौधे और फूलों की क्यारियां बनाई जाएंगी। इसके साथ ही बैठने के बेंच भी उपलब्ध कराई जाएंगी। जल्द ही यह पोखर एक अलग स्वरूप में दिखाई देगा।
विज्ञापन
नगर पालिका अध्यक्ष राजबाला सैनी ने बताया कि प्राचीन समय से बूढ़े बाबा की दौज का मेला लगता है। यहां पर बूढ़े बाबा की दौज पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा करने के लिए आते हैं। साथ ही यहां पर मेला भी लगता है। इसी महत्व को देखते हुए नगर पालिका द्वारा इसका सौंदर्यीकरण और कायाकल्प करने का फैसला किया गया।
विज्ञापन
इसके अंतर्गत पोखर के चारों ओर रास्ता बनाया जाएगा। पोखर के दोनों तरफ घाट बनाए जाएंगे। पोखर की सफाई करने के बाद चारों ओर रास्ता बनाया जाएगा। साथ ही पोखर में नगर का गंदा पानी नहीं जाएगा। केवल नलकूप या बरसात का पानी ही जाएगा।
विज्ञापन
पोखर के दो तरफ बनाए जाने वाले घाटों पर बूढ़े बाबा की दौज के अवसर पर लगने वाले मेले के दौरान भक्तजन पूजा पाठ कर सकेंगे। पोखर के चाराें ओर पेड़-पौधे और फूलों की क्यारियां बनाई जाएंगी। इसके साथ ही बैठने के बेंच भी उपलब्ध कराई जाएंगी। जल्द ही यह पोखर एक अलग स्वरूप में दिखाई देगा।