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Bulandshahar News: दिनभर बारिश से थमी जिले की रफ्तार, आठ डिग्री लुढ़का पारा
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नगर के मानसरोवर द्वितीय में बारिश से बचने के लिए छाता लगाकर ट्यूशन जाते बच्चे। संवाद
बुलंदशहर/बुगरासी/नरसेना/ऊंचागांव/सलेमपुर। कभी बूंदाबांदी तो कभी झमाझम बारिश... आसमान से बरसती बूंदों ने शनिवार को जिले की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। सुबह से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। ठंडी हवाओं के साथ हुई बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत तो मिली लेकिन आमजन की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई। कहीं, सड़कों पर पानी भर गया तो कहीं कीचड़ और गड्ढों ने राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दीं। दोपहिया वाहन चालक पानी से भरे गड्ढों में हिचकोले खाते रहे। स्कूल जाने वाले बच्चे और जरूरी काम से घरों से निकले लोग बारिश में भीगते नजर आए। बाजारों में भी आवाजाही कम रही। उधर, खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल पर बारिश और आंधी का खतरा मंडराने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने आंधी और झमाझम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
शनिवार की सुबह आसमान में घने बादल छाए रहे। कुछ ही देर बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। अधिकतम तापमान आठ डिग्री गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह 21 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शनिवार को हवा की गति 18 किलोमीटर प्रति घंटा और आर्द्रता 94 फीसदी रही। बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जनजीवन प्रभावित कर दिया। सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
एक ओर बारिश से गर्मी से राहत मिली तो दूसरी ओर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। खेतों में धान की फसल पककर तैयार है। ऐसे समय में लगातार बारिश और तेज हवाएं फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं। किसानों को आशंका है कि बारिश के साथ आंधी चलने पर धान की फसल गिर सकती है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ कटाई में भी देरी हो सकती है। खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान और सब्जियों तथा दलहन की फसलों के प्रभावित होने का भी खतरा है।
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किसान मूलचंद राणा, प्रशांत चौहान और केपी सिंह ने बताया कि धान की फसल इस समय कटाई के करीब है। ऐसे में तेज बारिश और आंधी से फसल गिरने की आशंका बनी हुई है। यदि बारिश लगातार जारी रही तो खेतों में पानी भरने से नुकसान हो सकता है। फसल गिरने से कटाई में परेशानी होगी और उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि इस समय मौसम का बिगड़ना उनकी मेहनत पर पानी फेर सकता है। वहीं, सब्जियों और दलहन की खेती करने वाले किसानों को भी बारिश से नुकसान की चिंता सता रही है। जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि इस समय धान की फसल पककर तैयार है। अधिक बारिश होने से किसानों को नुकसान हो सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक डॉ. रेशु सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते मौसम विभाग ने आंधी और झमाझम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जिले में बारिश की संभावना बनी हुई है।
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शनिवार की सुबह आसमान में घने बादल छाए रहे। कुछ ही देर बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। अधिकतम तापमान आठ डिग्री गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, न्यूनतम तापमान में भी चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह 21 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शनिवार को हवा की गति 18 किलोमीटर प्रति घंटा और आर्द्रता 94 फीसदी रही। बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जनजीवन प्रभावित कर दिया। सड़कों पर बने गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
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एक ओर बारिश से गर्मी से राहत मिली तो दूसरी ओर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं। खेतों में धान की फसल पककर तैयार है। ऐसे समय में लगातार बारिश और तेज हवाएं फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं। किसानों को आशंका है कि बारिश के साथ आंधी चलने पर धान की फसल गिर सकती है। इससे दाने की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ कटाई में भी देरी हो सकती है। खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान और सब्जियों तथा दलहन की फसलों के प्रभावित होने का भी खतरा है।
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किसान मूलचंद राणा, प्रशांत चौहान और केपी सिंह ने बताया कि धान की फसल इस समय कटाई के करीब है। ऐसे में तेज बारिश और आंधी से फसल गिरने की आशंका बनी हुई है। यदि बारिश लगातार जारी रही तो खेतों में पानी भरने से नुकसान हो सकता है। फसल गिरने से कटाई में परेशानी होगी और उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि इस समय मौसम का बिगड़ना उनकी मेहनत पर पानी फेर सकता है। वहीं, सब्जियों और दलहन की खेती करने वाले किसानों को भी बारिश से नुकसान की चिंता सता रही है। जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि इस समय धान की फसल पककर तैयार है। अधिक बारिश होने से किसानों को नुकसान हो सकता है। कृषि विज्ञान केंद्र की मौसम वैज्ञानिक डॉ. रेशु सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते मौसम विभाग ने आंधी और झमाझम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जिले में बारिश की संभावना बनी हुई है।

नगर के मानसरोवर द्वितीय में बारिश से बचने के लिए छाता लगाकर ट्यूशन जाते बच्चे। संवाद