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50 फीसदी गेहूं की फसल हुई तबाह
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 14 Mar 2016 12:34 AM IST
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फसल
- फोटो : अमर उजाला
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शनिवार की रात्रि ओलावृष्टि और आंधी-बारिश किसानों पर मुसीबत बनकर टूटी। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि भी हुई, जिसके चलते गेहूं, सरसों, आलू और आम सहित मटर और गाजर की फसल को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं की करीब 50 फीसदी फसल गिर गई।
पानी भरने से गेहूं के पौधे में सड़न की संभावना बढ़ गई है। हवा के झोकों से सरसों की पकी फसल करीब 25 फीसदी तक खेत में ही झड़ गई। बागों में आम का बोर आधे से अधिक हवा में उड़ गया।
वहीं बरसात से खेतों में पानी भरने से आलू दागी होने का खतरा है। इसी तरह मटर और गाजर भी खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
अरनिया, पहासू, छतारी, जहांगीरपुर आदि क्षेत्रों में आलू, सरसो, गेहूं, जौ आदि की हजारों बीघा फसल बर्बाद हो गई। माचड़ के धीरेन्द्र प्रधान, डासौली के सुल्तान, कल्याण, धर्मेन्द्र सिंह, जीतू, गंगेरुआ के किसान राकेश आदि किसानों ने कहा कि पिछले साल हुई बर्बाद से अभी वह उबर भी नहीं पाए थे, इस साल फिर से वहीं हाल हो गया।
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बीबीनगर और बुगरासी क्षेत्र में 70 प्रतिशत फसल के गिरने की आशंका जताई जा रही है। डिबाई में किसान विमल शर्मा, रूप किशोर, कुंवरपाल, राकेश कुमार आदि का कहना है कि दो दिन की हुई वर्षा से खेती में 30 से 40 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
शिकारपुर में सलेमपुर निवासी चौधरी जुगेन्द्र सिंह का कहना है कि अंधड़ के साथ आई बारिश ने गेहूं बर्बाद कर दिया । मुकैरा निवासी किसान मुंशी सिंह ने बताया कि आंधी से उसकी 25 बीघा गेहूं की फसल गिर गई।
औरंगाबाद में किसान कुंवरपाल लोधी, बिजेन्द्र सिंह लोधी, रूपचंद कपासिया, रंजीत ठेकेदार ने बताया कि क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान हुआ है।सरकार सही से आंकलन कराकर किसानों को जल्द ही मुआवजा दे।
गुलावठी में ग्राम देवली, भटौना, कुरली, बरमदपुर, खुशहालपुर आदि गांवों में गेहूं, सरसों व जौ की खड़ी फसलें करीब 40 प्रतिशत तबाह हो गई। सिकंदराबाद के गांव सहपानी निवासी किसान अशोक चौहान, सुधीर कुमार, विरेंद्र सिंह, इस्माईलपुर निवासी बिजेंद्र सिंह, भास्करण यादव, मूलचंद, हंसी, दादूपुर नीला निवासी सत्यपाल,लक्ष्मण ककोड़ के ग्राम झाझर,कपना, कुतवाया, आकलपुर, भीषमपुर, वैलाना, के किसान भीमा ठेकेदार, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण कटाई के लिए तैयार सरसों की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। अनूपशहर में गेहूं व सरसों की करीब 20 प्रतिशत फसल को नुकसान है। आम के बौर को भी मामूली तौर पर नुकसान हुआ है।
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पानी भरने से गेहूं के पौधे में सड़न की संभावना बढ़ गई है। हवा के झोकों से सरसों की पकी फसल करीब 25 फीसदी तक खेत में ही झड़ गई। बागों में आम का बोर आधे से अधिक हवा में उड़ गया।
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वहीं बरसात से खेतों में पानी भरने से आलू दागी होने का खतरा है। इसी तरह मटर और गाजर भी खराब होने की आशंका जताई जा रही है।
अरनिया, पहासू, छतारी, जहांगीरपुर आदि क्षेत्रों में आलू, सरसो, गेहूं, जौ आदि की हजारों बीघा फसल बर्बाद हो गई। माचड़ के धीरेन्द्र प्रधान, डासौली के सुल्तान, कल्याण, धर्मेन्द्र सिंह, जीतू, गंगेरुआ के किसान राकेश आदि किसानों ने कहा कि पिछले साल हुई बर्बाद से अभी वह उबर भी नहीं पाए थे, इस साल फिर से वहीं हाल हो गया।
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बीबीनगर और बुगरासी क्षेत्र में 70 प्रतिशत फसल के गिरने की आशंका जताई जा रही है। डिबाई में किसान विमल शर्मा, रूप किशोर, कुंवरपाल, राकेश कुमार आदि का कहना है कि दो दिन की हुई वर्षा से खेती में 30 से 40 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
शिकारपुर में सलेमपुर निवासी चौधरी जुगेन्द्र सिंह का कहना है कि अंधड़ के साथ आई बारिश ने गेहूं बर्बाद कर दिया । मुकैरा निवासी किसान मुंशी सिंह ने बताया कि आंधी से उसकी 25 बीघा गेहूं की फसल गिर गई।
औरंगाबाद में किसान कुंवरपाल लोधी, बिजेन्द्र सिंह लोधी, रूपचंद कपासिया, रंजीत ठेकेदार ने बताया कि क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान हुआ है।सरकार सही से आंकलन कराकर किसानों को जल्द ही मुआवजा दे।
गुलावठी में ग्राम देवली, भटौना, कुरली, बरमदपुर, खुशहालपुर आदि गांवों में गेहूं, सरसों व जौ की खड़ी फसलें करीब 40 प्रतिशत तबाह हो गई। सिकंदराबाद के गांव सहपानी निवासी किसान अशोक चौहान, सुधीर कुमार, विरेंद्र सिंह, इस्माईलपुर निवासी बिजेंद्र सिंह, भास्करण यादव, मूलचंद, हंसी, दादूपुर नीला निवासी सत्यपाल,लक्ष्मण ककोड़ के ग्राम झाझर,कपना, कुतवाया, आकलपुर, भीषमपुर, वैलाना, के किसान भीमा ठेकेदार, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि ओलावृष्टि के कारण कटाई के लिए तैयार सरसों की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। अनूपशहर में गेहूं व सरसों की करीब 20 प्रतिशत फसल को नुकसान है। आम के बौर को भी मामूली तौर पर नुकसान हुआ है।