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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Vigilance opened in just two minutes

विजिलेंस ने महज दो मिनट में खोल दी भ्रष्टाचार की पोल

Fri, 23 Jun 2017 12:53 AM IST
शाहनवाज चौधरी, बुलंदशहर
शाहनवाज चौधरी, बुलंदशहर Updated Fri, 23 Jun 2017 12:53 AM IST
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Vigilance opened in just two minutes
क्राइम - फोटो : अमर उजाला

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सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार की लाइफ महज दो मिनट निकली। विजिलेंस के चक्रव्यूह में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ऐसे फंसे हैं कि जल्द निकला मुश्किल है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई इतनी फुल प्रूफ थी किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। विजिलेंस टीम ने महज दो मिनट की कार्रवाई में डीएमओ को उन्हीं के दफ्तर से धर दबोचा।

सब इतनी तेजी से हुआ कि डीएमओ को इतना समय भी नहीं मिला कि वह विजिलेंस टीम से कुछ कह पाते। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी करीब 10 माह पूर्व बुलंदशहर में डीएमओ के रूप में पोस्ट हुए थे। सरकारी सेवा में आने से पहले वह सॉफ्टवेयर और कंसलटेंसी कंपनी में सर्विस दे चुके थे।
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भ्रष्टाचार में फंसे अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल पर विभागीय कार्रवाई की तलवार भी लटक गई है।

यूं चली कार्रवाई, जिलाधिकारी को दी जानकारी
 विजिलेंस अफसरों ने शिकायत मिलने पर शासन को मामले से अवगत कराकर कार्रवाई की अनुमति मांगी। शासन से अनुमति मिलने के बाद विजिलेंस ने डीएम डॉ. रोशन जैकब को प्रकरण की जानकारी दी। डीएम ने बाकायदा विजिलेंस टीम के साथ दो अफसरों की ड्यूटी बतौर गवाह लगाई।
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बृहस्पतिवार को विजिलेंस अफसरों के बुलावे पर मदरसा संचालक हाजी नूर मोहम्मद कुरैशी, डीएम द्वारा नामित किए गए अफसर डीडी कृषि डॉ. घनश्याम वर्मा और विकास भवन के प्रशासनिक अधिकारी मेरठ पहुंचे। विजिलेंस अफसरों ने स्क्रिप्ट समझाकर मदरसा संचालक को दो-दो हजार के 100 नोट पाउडर लगाकर सौंप दिए।

सीओ विजिलेंस शमशेर सिंह की अगुवाई में टीम ने दोपहर एक बजे कलक्ट्रेट स्थित डीएमओ दफ्तर के इर्द-गिर्द डेरा जमा लिया। प्लानिंग के तहत मदरसा संचालक नूर मोहम्मद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल के दफ्तर में पहुंचे। उन्होंने डीएमओ को दो लाख रुपये दिए और नोटों की गिनती करने को कहा।

डीएमओ ने बिना गिने दो-दो हजार रुपये के नोट पेंट की जेब में रख लिए। डीएमओ ने रिश्वत की रकम को जेब में रखा ही था कि विजिलेंस ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया। विजिलेंस अफसरों ने डीएमओ को कोतवाली में बंद करवाने के साथ उनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।

भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के खिलाफ सिटी कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इस संबंध में मदरसा संचालक ने शिकायत दी थी। शिकायत के बाद गोपनीय जांच कराई गई, जिसमें मामला सही निकला। इसके बाद आगे की कार्रवाई की गई। - केएस चौहान, इंस्पेक्टर विजिलेंस, मेरठ


जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को विजिलेंस द्वारा पकड़े जाने की सूचना है। रुपये क्यों लिए गए, यह कहना जल्दबाजी होगी। जांच के बाद ही सच का पता चल पाएगा। - अरविंद कुमार मिश्रा, एडीएम प्रशासन
मैने डीएमओ साहब से कई बार फाइल भिजवाने की इल्तजा की। मगर वह रिश्वत की मांग पर अड़े रहे। परेशान होकर विजिलेंस के पास जाना पड़ा।
- हाजी नूर मोहम्मद कुरैशी, मदरसा संचालक

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