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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   The treatment did not see the old, died while being taken to Delhi

पुराने नोट देख नहीं किया इलाज, दिल्ली ले जाते वक्त मौत

Tue, 15 Nov 2016 10:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Tue, 15 Nov 2016 10:58 PM IST
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The treatment did not see the old, died while being taken to Delhi
क्राइम - फोटो : अमर उजाला

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पुराने नोट देखकर एक अस्पताल ने मरीज का इलाज करने की जगह उसे रेफर कर दिया। नतीजतन दिल्ली ले जाते वक्त मरीज ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हालांकि मरीज के परिजन की तरफ से इस बाबत लिखित में कहीं कोई शिकायत नहीं की गई है।

नगर के उपरकोट क्षेत्र के एक व्यक्ति को सोमवार रात सीने में दर्द हुआ, जिसके बाद उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे कालाआम चौराहे के पास मौजूद एक निजी अस्पताल में लाया गया। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के परिजनों से भुगतान के लिए नोटों की व्यवस्था के बारे में पूछा।
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इस पर परिजनों ने 500-1000 रुपये के पुराने नोट होने का हवाला दिया। इसके बाद अस्पताल के डॉक्टर ने मरीज को देखा और उसकी गंभीर हालत का हवाला देते हुए उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। दिल्ली ले जाते वक्त रास्ते में ही मरीज ने दम तोड़ दिया। हालांकि मरीज के परिजनों की तरफ से इस बाबत कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है।
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 मरीज के परिजनों में डॉक्टर के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। मंगलवार को मरीज को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। समाचार लिखे जाने तक पीड़ित पक्ष की तरफ से कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है। वहीं सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी का कहना है कि पीड़ित पक्ष की तरफ से कोई शिकायत नहीं की गई है। शिकायत मिलने के बाद ही कोई कार्रवाई की जा सकती है।

प्राइवेट अस्पतालों में परेशान हो रहे मरीज
जिलेभर के प्राइवेट अस्पतालों में 500-1000 के नोट नहीं चलने से बड़ी संख्या में मरीज परेशान है। मरीजों को खुले पैसों के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। कई अस्पताल तो ऐसे हैं, जहां नए मरीजों को भर्ती ही नहीं किया जा रहा है। ऑपरेशन आदि भी नहीं किए जा रहे हैं।

खुदकुशीः दो बहनों का इकलौता भाई था सुमित
अनूपशहर। परिवार मूल रूप से गांव मलकपुर का रहने वाला है। सुमित से बड़ी दो बहनें ज्योति और प्रीति हैं। ज्योति बीएड कर रही है और प्रीति एमएससी कर रही है। जबकि सुमित भी जेपी विद्या मंदिर स्कूल का होनहार छात्र था। सुमित की मौत के बाद उसकी दोनों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बहनों को गम है कि वह अब किसके हाथ पर राखी बांधेंगी और भाई दूज पर किसके माथे पर टीका करेंगी।

नोटबंदी से जिले में गई दूसरी जान
आठ नवंबर को हुई नोटबंदी की घोषणा के बाद आम आदमी कठिनाईयों से जीवन व्यतीत कर रहा है। इसके चलते जिले में दो लोगों की जान चली गई। रविवार रात अहमदगढ़ थाना क्षेत्र के गांव मुरादपुर निवासी देशराज ने फंदे पर झूलकर अपनी जान दी थी। सोमवार शाम सुमित की मौत के बाद जनता में प्रधानमंत्री के फैसले के खिलाफ रोष है। लोग बैंकों में हो रही असुविधा से खासे नाराज हैं।

मृतक के दादा मोहन सिंह ने घटना के संबंध में तहरीर दी है। शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। - उदयवीर सिंह, कोतवाल, अनूपशहर


सुमित कक्षा 12 में कॉमर्स का छात्र था। सुमित पढ़ने में होशियार था। सुमित की स्कूल के होनहार छात्रों में गिनती थी। सुमित की मौत का गम पूरे स्कूल में दिनभर रहा। - मधु चौपड़ा, प्रधानाचार्य, जेपी विद्या मंदिर

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