{"_id":"586fd4534f1c1b3b3d158435","slug":"the-studies-did-not-mind-repeatedly-tied-families-to-flee-the-chains","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं लगता था पढ़ाई में मन, बार-बार भागने पर परिजनों ने बंधवा दी जंजीर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नहीं लगता था पढ़ाई में मन, बार-बार भागने पर परिजनों ने बंधवा दी जंजीर
अमर उजाला/बुलंदशहर
Updated Fri, 06 Jan 2017 11:00 PM IST
विज्ञापन
जंजीर से बंधा समर।
- फोटो : ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दस साल के बच्चे समर का पढ़ाई में मन नहीं लगता था। परिजन स्कूल भेजते तो वह भाग निकलता। स्कूल से सूचना पर वे उसे ढंूढ कर फिर स्कूल भेजते। थकहार कर परेशान परिजनों नेउसे नगर के एक मदरसे में भेजा और संचालकों को उसेजंजीर से बांधकर रखने को कहा। बृहस्पतिवार देर शाम एक बार फिर समर जंजीर और उससे बंधी भारी लकड़ी के साथ भाग निकला।
विज्ञापन
औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव चरौरा मुस्तफाबाद निवासी नवी हसन का पुत्र समर नगर स्थित एक मदरसे में पिछले करीब एक वर्ष से पढ़ रहा था।इससे पहले वह गांव के ही एक स्कूल में पढ़ता था। पढ़ाई में मन नहीं लगने पर वह आएदिन स्कूल से भाग जाता। परेशान परिजनों ने उसे मदरसे भेजा था।
विज्ञापन
परिजनों के ही कहने पर उसकी दाईं कलाई में जंजीर बांधकर लकड़ी के भारी पट्टे के साथ उसे रखा गया जसे वह भाग नहीं सके। बावजूद इसके बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे समर मदरसे से भाग गया। बुलंदशहर-औरंगाबाद-गढ़मुक्तेश्वर स्टेट हाईवे स्थित टाटा धर्म कांटे के सामने जंजीर से बंधे समर को रोते-बिलखते देख लोग जमा हो गए।
विज्ञापन
उसके दाएं हाथ में जंजीर बंधी थी और जंजीर का दूसरा सिरा लकड़ी के भारी फट्टे से जुड़ा था। लोगों ने उससे पूछताछ की तो पता चला कि वह गांव चरौरा मुस्तफाबाद का रहने वाला है जो मदरसे से भाग आया है। लोगों ने पुलिस को 100 नंबर पर सूचना दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और छात्र को थाने ले आई।
कुछ देर बाद छात्र के परिजन थाने पर पहुंचे और पूरा मामला बताकर उसे अपने साथ ले आए। पुलिस पूछताछ में परिजनों ने बार-बार मदरसे से भागने की बात बताई। इस पर पुलिस ने मदरसा संचालक को भी बुलवा लिया। दोनों पक्षों से पूछताछ के बाद समर को उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। पढ़ाई के लिए अब उसे मदरसा भेजा जाएगा या नहीं, इसका खुलासा परिजनों ने नहीं किया है।
छात्र के परिजन दिल्ली में रहते हैं। छात्र के करीब 10 बार भाग जाने के बाद परिजनों के कहने पर ही उसको बांधकर रखा गया था। छात्र को मदरसे से निकाल दिया गया है। - मदरसे के मौलाना
परिजनों ने थाने पर कोई तहरीर नहीं दी है। पूछताछ में उन्होंने खुद मदरसा संचालक से अपने बच्चे को बंाध कर रखने को कहा था। उन्हें ऐसा न करने की हिदायत दी गई है। -अरविंद कुमार, इंस्पेक्टर औरंगाबाद
समर कई बार मदरसे से भाग चुका है। इसलिए हमने उसे बांधकर रखने को कहा था। इस मामले में हम कोई पुलिस कार्रवाई नहीं चाहते हैं। इसीलिए पुलिस को तहरीर नहीं दी। -रजी हसन,छात्र समर के चाचा