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बंद बिजलीघर में तैनाती दिखा सात लाख का ‘गोलमाल’
ब्यूरो, अमर उजाला/ बुलंदशहर
Updated Thu, 08 Dec 2016 12:37 AM IST
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लाल बल्ब
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पावर कारपोरेशन में रोज वेतन के नाम पर फर्जीवाड़े का खुलासा हो रहा है। इस बार भी डिबाई खंड में बंद पड़े बिजलीघरों में संविदा कर्मियों की तैनाती दिखाकर लाखों का वेतन गोलमाल करने का मामला सामने आया है।
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अधीक्षण अभियंता ने जांच बैठाकर एक्सईएन डिबाई से रिपोर्ट तलब की है। डिबाई खंड में खुशरुपुर, खुशहालाबाद, चिरौरी, नरायनपुर, सुल्तानपुर, बिलौनी और गालिबपुर 33/11 उपकेंद्रों को बिजली देने से पहले ही इन जगहों पर कागजों में संविदाकर्मियों की तैनाती दिखा दी गई।
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इस फर्जी तैनाती के नाम पर सात लाख रुपये की सैलरी अफसर-ठेकेदारों ने बंदरबांट कर लिया। मामला खुलते ही अधीक्षण अभियंता ने जांच की तो पता चला कि वर्ष 2014-15 के बीच यह फर्जीवाड़ा किया गया है। मैसर्स कुमार इंजीनियरिंग वर्क्स नामक फर्म को इसका टेंडर जारी किया गया।
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इस फर्म को करीब सात लाख रुपये का भुगतान फर्जी तरीके से किया गया है। मामला चीफ इंजीनियर के संज्ञान में आते ही अधीक्षण अभियंता ने जांच के निर्देश देकर एक्सईएन डिबाई से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही फर्म को नोटिस जारी कर दिया है।
डिबाई में बंद पड़े बिजलीघरों में कागजों में संविदाकर्मियों की तैनाती दिखाकर करीब सात लाख रुपये का वेतन मैसर्स कुमार इंजीनियरिंग वर्क्स नामक फर्म को करने का मामला सामने आया है। फर्म को नोटिस जारी कर दिया गया है। पूरे मामले पर जांच बैठा दी गई है। एक्सईएन डिबाई से रिपोर्ट मांगी गई है। एके सिंह, अधीक्षण अभियंता