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अस्पताल के गेट पर डाला ताला
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Fri, 16 Sep 2016 11:32 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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स्वास्थ्य संविदा चिकित्सकों और कर्मियों की हड़ताल से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह चरमरा गईं हैं। शुक्रवार को संविदा चिकित्सक-कर्मियों ने जिला अस्पताल के गेट पर ताला डाल दिया। इससे मरीज हलाकान हो गए। घंटों डॉक्टरों के आगे गिड़ग़िड़ाने के बाद भी उपचार नहीं मिला तो घबराकर कई मरीजों को उनके तीमारदार निजी अस्पताल ले गए।
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले जिलेभर के संविदा चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ पिछले तीन दिन से हड़ताल पर है। इसके चलते सरकारी अस्पतालों में मरीजों को उपचार तक मयस्सर नहीं हो पा रहा है। आलम ये है कि अब मरीज सरकारी अस्पतालों को छोड़ निजी अस्पताल और अपंजीकृत चिकित्सकों की तरफ भाग रहे हैं।
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सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्था का आलम है। शुक्रवार को संविदा चिकित्सकों ने जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर भी ताला लगा दिया। मरीजों और डॉक्टरों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। मरीजों औरडॉक्टरों को इमरजेंसी वार्ड के गेट से अस्पताल आना-जाना पड़ा। जिलाध्यक्ष डॉ. संतोष गुप्ता ने कहा कि जब तक उनकी सभी मांगों को नहीं माना जाता है, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी।
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उन्होंने कहा कि हम भीख नहीं, बल्कि अधिकार मांग रहे हैं।
हड़ताल को आशा कार्यकत्रियों ने भी अपना समर्थन दिया। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. संतोष गुप्ता के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एडीएम प्रशासन को सौंपा।
इस मौके पर डॉ. अशोक, डॉ. इंदू सागर, डॉ. आशीष, डॉ. अरविंद सैनी, डॉ. तहसीन रजा, डॉ. अमित चौधरी, डॉ. भानुप्रताप सिंह, डॉ. कोमला यादव, दिनेश सिंह, सुदेश शर्मा, अनिल कुमार, गौरी, सुषमा, सुमन आदि रहे।