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बच्चे खा रहे थे नकली दवा

Thu, 04 Feb 2016 10:45 PM IST
अमर उजाला, बुलंदशहर
अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Thu, 04 Feb 2016 10:45 PM IST
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Officials caught the fake drugs.
बच्चों को नकली दवा खिलाई जा रही है। गांव हृदयपुर में बच्चों को दिए जाने वाले ब्रांडेड कंपनियों के नकली सीरप बनाए जा रहे थे।
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औषधि आयुक्त के निर्देश पर मेरठ की टीम ने छापामारी कर रैकेट का पर्दाफाश कर लाखों की नकली दवाएं बरामद कीं। हालांकि छापेमारी से पहले आरोपी फरार हो गए। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।

मेरठ औषधि विभाग को सूचना मिली कि सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव हृदयपुर में बच्चों के ब्रांडेड कंपनियों के नकली सीरप बनाए जा रहे हैं।

औषधि आयुक्त बीके सिंह और ड्रग कंट्रोलर एके मल्होत्रा के निर्देश पर मेरठ की टीम ने गोपनीय जांच शुरू कर दी। पिछले सात दिनों से गोपनीय जांच के दौरान पता चला कि हृदयपुर गांव में एक मकान में बच्चों के विटामिन और खांसी-जुकाम आदि के नकली सीरप बनाए जा रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को ड्रग इंस्पेक्टर मेरठ संदीप कुमार और लवकुश के नेतृत्व में औषधि विभाग की टीम ने गांव ह्रदयपुर में सचिन ढाबे के पास जयप्रकाश के मकान पर छापा मार दिया।
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ड्रग इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि पकड़ी गई नकली दवाओं में 80 बोतल 500 एमएल विटामिन, 100 बोतल खाली, नामचीन ब्रांडेड कंपनियों की 90 शीशी 100 एमएल एंटी एलर्जिक और एंटी फीवर  सीरप, 1000 शीशी खाली आदि पकड़े गए।

यह सभी दवाएं बच्चों के लिए काम आती हैं। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि इन नकली दवाओं का दुष्प्रभाव बच्चों पर पड़ता है। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि छापेमारी से पहले ही आरोपी फरार हो गए। पुलिस में तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

जांच के लिए पांच कंपनियों ने हायर की पटना की एजेंसी
दवा सप्लाई करने वाले गिरोह की धरपकड़ के लिए पांच नामचीन कंपनियों ने बिहार के पटना की एक निजी एजेंसी से जांच शुरू कराई है। इसके बाद एक सप्ताह में ही मेरठ और बुलंदशहर में नकली दवाओं का बड़ा खेल सामने आ गया है।

छापामार कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे मेरठ के ड्रग इंस्पेक्टर संदीप कुमार ने बताया कि पटना की उक्त कंपनी ने जानकारी दी कि मेरठ के शिव शक्तिनगर में नकली दवाएं बनाई जा रही हैं। छापामारी में वहां से लाखों रुपये की नकली दवाएं मिलीं थीं। 

झूठ बोल किराये पर ली थी दुकान

मकान मालिक जयप्रकाश ने बताया कि आरोपी युवकों ने खुद को दादरी का निवासी बताकर दुकान किराए पर ली थी। मकान मालिक ने बताया कि आरोपी युवकों ने अगरबत्ती बनाने का काम करना बताया था।

नकली दवा सभी वर्ग के लोगों को नुकसान पहुंचाती है। चाहे बच्चा हो या बुजुर्ग, सभी को नकली दवाओं का दुष्प्रभाव झेलना होता है। बच्चों में रिएक्शन काफी जल्दी और आसानी से हो जाता है।

डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ

बच्चों को नकली सीरप पिलाने से मौत भी हो सकती है। इनसे बच्चों के किडनी, लीवर, आंत और फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है। इसके अलावा विटामिन सीरप भी नकली पिलाने से बच्चों की सेहत पर दुष्प्रभाव पड़ता है।-डॉ. अशोक तालियान,, डिप्टी सीएमओ
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