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बेटा नहीं होने पर मां को मार डाला...अब हमें धमका रहे
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sun, 14 Aug 2016 12:16 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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मां की मौत के बाद अपने ही बेटियों की धमकी देने लगे थे। थाने से लेकर कप्तान के दरबार में न्याय की गुहार लगाते-लगाते परिवार थक चुका था। हाईकोर्ट की फटकार खाए बैठे कप्तान के दरबार में न्याय न मिलने पर बिटिया को खून से पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को भेजना पड़ा। जब मामला मुख्यमंत्री के दरबार में पहुंचा तो अफसर भी कुंभकर्णी नींद से जागे।
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शनिवार को मुख्यमंत्री से मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। 20 जून को मां अन्नू बंसल की मौत के बाद पिता पर हत्या का आरोप लगा। पिता के परिजनों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज हुई। मां अन्नू बंसल को बचाने में झुलसा पिता मनोज जिला अस्पताल में भर्ती हो गया।
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दोनों बच्ची लतिका और तान्या को देवीपुरा निवासी मामा तरुण जिंदल और कैंसर से ग्रस्त नानी ने आसरा दिया। लतिका और तान्या का हंसता-खेलता परिवार पलभर में उजड़ गया। मां की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग करने कोतवाली पहुंची तो वहां भी फटकार मिली। दोनों बहनों ने नगर कोतवाल आरके सिंह ने अभद्रता का आरोप लगाया।
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थाने से न्याय की उम्मीद टूटी तो वरिष्ठ अफसरों के दरबार में गुहार लगाई। लेकिन किसी भी अधिकारी के कान पर जूं नहीं रेंगी। हताश हो चुकी बड़ी बेटी लतिका ने एक दिन अपने खून से मुख्यमंत्री को खत लिख डाला। मामला मीडिया में उछला तो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कान खडे़ हो गए।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को मीडिया की खबरों और खून से लिख पत्र पढ़ने के बाद मामले पर संज्ञान लेते हुए ट्वीट किया था। ट्वीट की जानकारी मिलते ही एसएसपी अनीस अहमद अंसारी, एसपी सिटी मान सिंह चौहान और सीओ सिटी डॉ. धर्मेंद्र यादव देवीपुरा में नानी के घर रहने वाली दोनों बेटियों से मिलने पहुंच गए। उन्होंने दोनों की बात सुनने के बाद सही विवेचना कराने का आश्वासन दिया।
डीएम बोले-बेटियों की नानी का एम्स में कराएंगे इलाज
बुलंदशहर (ब्यूरो)। मां की मौत का इंसाफ मांग रही दोनों बहनों को मुख्यमंत्री ने पांच पांच लाख रुपये और अवास देने की आश्वासन दिया है। डीएम को शासन की ओर से उनकी नानी का एम्स में इलाज कराने का आदेश भी मिला है। दोनों बहनों ने शुक्रवार को खून से सीएम को चिट्ठी भेज न्याय की मांग की थी।
शनिवार को एसडीएम सिकंदराबाद अरूण कुमार यादव के साथ दोनों बहनें लखनऊ में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलीं। दोनों बहनों ने सीएम को आपबीती सुनाई। सीएम के आश्वासन पर डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि दोनों बहनों की कैंसर पीड़ित नानी को उपचार दिल्ली के एम्स में कराया जाएगा। एम्स प्रशासन से जल्द ही बात की जाएगी।
ठोकर खाते-खाते टूट चुकी थी बेटियों की आस
खुर्जा रोड स्थित आजाद पब्लिक स्कूल की 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली लतिका बंसल की पढ़ाई भी गोते खाने लगी। लीलावती कांवेंट स्कूल की कक्षा छह में पढ़ने वाली छोटी बहन तान्या की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। कई बार थाने और पुलिस अधिकारियों के दर पर ठोकरें खाने के बाद न्याय मिलने की उम्मीद टूटने लगी थी।
पुलिस ने जिला अस्पताल में पिता की हालत सुधरने के बाद जेल भेज दिया था। सिर से मां और बाप का साया उठ चुका था। न्याय की आस में दोनों बेटियां नानी के साथ मिलकर रोजाना रोती थीं।
अन्नू का पांच बार कराया था गर्भपात
मृतका अन्नू बंसल की मां ओमवति देवी ने बताया कि अन्नू के ससुरालियों को शुरू से ही बेटे की चाह थी। दो बेटी लतिका और तान्या के बाद लगातार अन्नू से बेटे की मांग करते थे। इसके लिए आए दिन ताने मारते थे। कई बार अन्नू की ससुरालियों ने पिटाई भी की। यही नहीं पांच बार ससुरालियों ने अन्नू का गर्भपात करा दिया। लेकिन उनके बेटे की चाह पूरी नहीं हुई। इसलिए उन्होंने अन्नू की जलाकर हत्या कर दी।
मामा ने नौकरी छोड़ भांजियों का दिया साथ
लतिका और तान्या के मामा तरुण बंसल ने बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। बड़ी बहन अन्नू बंसल की मौत के बाद बिखर गया था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर क्या किया जाए, लेकिन दोनों भांजियों को न्याय दिलाने की ठान ली थी। अफसरों ने कई बार अपने दफ्तर से टराकर भगा दिया था। तरुण ने बताया कि उसे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया है।