{"_id":"88a91651db9531f91b51fc25b8b2bf70","slug":"child-drank-acid-in-confusion-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोलगप्पे का पानी समझ बच्चे ने पीया तेजाब","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
गोलगप्पे का पानी समझ बच्चे ने पीया तेजाब
बुलंदशहर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
मामा के घर आए 10 वर्षीय बच्चे ने घर में रखा तेजाब गोलगप्पे का पानी समझकर पी लिया।
जलन और उल्टी होने पर बालक ने परिजनों को तेजाब पीने की जानकारी दी तो परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बालक को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल में रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि तेजाब कम ज्वलनशील था।
इसके चलते मासूम अब खतरे से बाहर है। मासूम कक्षा चार में पढ़ाई करता है।
जानकारी के अनुसार मेरठ निवासी संजय कुमार का बेटा रूपक (10) अपनी मां के साथ अनूपशहर निवासी अपने मामा केदारशाह के यहां आया था।
बताया जा रहा है कि रविवार दोपहर रूपक घर में खेल रहा था, जहां बोतल में तेजाब रखा था। मासूम तेजाब को गोलगप्पे का पानी समझकर पी गया। तेजाब पीते ही उसके मुंह में जलन हो गई और उल्टी होने लगी।
यह देख परिजनों ने पूछताछ की तो पता बच्चे ने आपबीती बताई। सारी बात सुनकर परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में रूपक को अनूपशहर के ही निजी क्लीनिक में ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे की हालत खतरे से बाहर है। तेजाब काफी कम मात्रा में शरीर में पहुंचा है। तेजाब की ज्वलनशीलता भी काफी कम थी।
विज्ञापन
जलन और उल्टी होने पर बालक ने परिजनों को तेजाब पीने की जानकारी दी तो परिजनों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में बालक को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल में रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि तेजाब कम ज्वलनशील था।
इसके चलते मासूम अब खतरे से बाहर है। मासूम कक्षा चार में पढ़ाई करता है।
जानकारी के अनुसार मेरठ निवासी संजय कुमार का बेटा रूपक (10) अपनी मां के साथ अनूपशहर निवासी अपने मामा केदारशाह के यहां आया था।
बताया जा रहा है कि रविवार दोपहर रूपक घर में खेल रहा था, जहां बोतल में तेजाब रखा था। मासूम तेजाब को गोलगप्पे का पानी समझकर पी गया। तेजाब पीते ही उसके मुंह में जलन हो गई और उल्टी होने लगी।
विज्ञापन
यह देख परिजनों ने पूछताछ की तो पता बच्चे ने आपबीती बताई। सारी बात सुनकर परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में रूपक को अनूपशहर के ही निजी क्लीनिक में ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे की हालत खतरे से बाहर है। तेजाब काफी कम मात्रा में शरीर में पहुंचा है। तेजाब की ज्वलनशीलता भी काफी कम थी।