{"_id":"57a781724f1c1bbb532b8923","slug":"by-stirring-in-four-states-looking-drindon","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार राज्यों में दरिंदों की सरगर्मी से तलाश","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चार राज्यों में दरिंदों की सरगर्मी से तलाश
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 08 Aug 2016 12:14 AM IST
विज्ञापन
रेप, रोती हुई लड़की, तनावग्रस्त लड़की
- फोटो : डेमो फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाईवे पर हुई गैंगरेप के बाद पुलिस ने बावरियों के डेरों के बारे में जानकारी जुटाई है। पता चला है कि यूपी समेत चार प्रदेशों में बावरिया गिरोह ने वारदातों को अंजाम दिया है। उनके 38 डेरे चिन्हित किए गए हैं। हाईवे पर हैवानियत में बावरिया गिरोह का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने अब तक चार राज्यों में 38 स्थानों पर छापेमारी की है।
विज्ञापन
जनपद में बावरियाओं के ठिकाने अनूपशहर के मऊ गांव, चोला चौकी के निकट, अरनिया के रोहिंदा गांव, निठारी गांव, खुर्जा के किला रोड, अनूपशहर के रूंड गांव और नरसेना का चांसी गांव में हैं। इसके अलावा पश्चिमी यूपी, राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश शामिल हैं।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, इन ठिकानों पर सक्रिय और निष्क्रिय बावरिए अधिक संख्या में रहते हैं। जो दूर स्थानों पर जाकर डकैती, हत्या और लूटपाट की वारदातों को अंजाम देते हैं। हाईवे पर हैवानियत के बाद पुलिस नौ दिन बाद भी फरार आरोपियों की तलाश नहीं कर पाई है।
विज्ञापन
पुलिस टीमें चार राज्यों में आरोपियों को तलाश रही हैं। बावरिया और रईस गिरोह के साथ-साथ कच्छा बनियान समेत स्थानीय गिरोहों की जानकारी भी पुलिस जुटा रही है।
नैनीताल और अल्मोड़ा में भी पुलिस की दबिश
हाईवे के दो हैवानों के उत्तराखंड की वादियों में छिपे होने की जानकारी पर पुलिस की दो टीमें वहां भी दबिश डाल रही हैं। जांच से जुड़े एक अफसर की मानें तो सर्विलांस पर लगे फोनों की रिकॉर्डिंग से पुलिस को जानकारी मिली है कि हाईवे के दो हैवान नैनीताल और अल्मोड़ा में हैं।
वारदात के बाद ये हैवान खुर्जा से शिकारपुर होते हुए जहांगीराबाद क्षेत्र के एक गांव में रुके और फिर वहां से अनूपशहर, संभल, मुरादाबाद के रास्ते होते हुए नैनीताल और अल्मोड़ा की तरफ निकल गए। पुलिस की दो टीम इन हैवानों की तलाश में वादियों की भी खाक छान रही हैं।
कच्छा बनियान गिरोह पर भी नजर
बुलंदशहर। हाईवे पर मां-बेटी के साथ हुई हैवानियत के बाद सलीम बावरिया और रईस गैंग की तलाश कर रही पुलिस ने कच्छा बनियान गिरोह की भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडेय ने जनपद में पिछले पांच सालों में कच्छा बनियान गिरोह द्वारा कारित की गईं वारदातों की डिटेल से जानकारी मांगी है।
इस गिरोह के सदस्य रात में घूम-घूमकर वारदातों को अंजाम देते हैं। वारदात से पहले शरीर पर कच्छा और बनियान के अलावा हाथों पर तेल लगाते हैं। हाथों में लोहे की रॉड, डंडा और धारदार हथियार लेकर चलते हैं।
भिंड-मुरैना तक हैवानों की तलाश
बुलंदशहर। हाईवे पर हैवानियत के बाद हैवानों ने छिपने के लिए चंबल के बीहड़ को चुना है। पकड़े गए संदिग्धों और सलीम बावरिया के परिचितों की फोन रिकॉर्डिंग से मिले सबूतों के आधार पर पुलिस की चार टीमों ने बीहड़ में डेरा डाल दिया है।
पुलिस ने अब तक बावरिया गिरोह के संदिग्ध 11 लोग और रईस के चार साथियों को पुलिस ने उठाया है। बावरिया गिरोह के उठाए गए लोग सलीम गैंग के सदस्य हैं। पुलिस ने गिरोह की महिला सदस्यों के फोन सुने और गिरोह से जुड़े संदिग्धों को उठाया। इसके बाद पता चला है कि हाईवे पर हैवानियत करने वाले हैवान चंबल के बीहड़ में छिपे हुए हैं। इस पर पुलिस की चार टीमें चंबल पहुंच गई हैं। बताया जा रहा है कि बीहड़ से हैवानों को ढूंढने में एमपी पुलिस की भी मदद ली जा रही है।