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राशि मिली जूते-जुराब को, भर दिया बिजली का बिल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jun 2019 11:20 PM IST
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राशि मिली जूते-जुराब को, भर दिया बिजली का बिल
जूते-मोजे को मिली राशि, भर दिया बिजली का बिल
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बुलंदशहर। जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय में एक और लापरवाही का कारनामा सामने आया है। जूते-जुराब को मिली राशि में से बिजली का बिल भर दिया गया। जबकि, जूता-जुराब उपलब्ध करवाने वाली फर्म अपने पेमेंट के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही है। यह खेल वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय के एक बाबू द्वारा किया गया है। हालांकि, बाबू के अनुसार भुगतान के लिए फाइल ट्रेजरी में भेज दी गई थी।
परिषदीय स्कूलों के शैक्षिक वर्ष 2018-19 में बच्चों को जूते-मोजे के लिए शासन से 1.96 करोड़ की राशि मिली। इस राशि से 2399 परिषदीय स्कूलों में कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों के लिए जूते-जुराब एक फर्म से खरीदे गए। इस फर्म को कुछ राशि का पेमेंट कर दिया गया। जबकि अब इस फर्म ने जूते-जुराब का शेष पेमेंट करने के लिए अफसरों से संपर्क किया तो जो कारनामा सामने आया उसे देखकर अफसर भी हैरान रह गए। खुलासा हुआ है कि वित्त एवं लेखा अधिकारी कार्यालय के एक बाबू ने जूते-जुराब की राशि में से 27.79 लाख रुपये स्कूलों के बकाया बिजली बिल का भुगतान कर दिया। जब इस बाबू को अफसरों ने तलब किया तो उसने सफाई दी कि यह गड़बड़ी उसके स्तर से नहीं, बल्कि ट्रेजरी कार्यालय से हुई है। वहीं, अब अफसर सफाई दे रहे हैं कि किस स्तर से चूक हुई है इसकी जांच की जाएगी। साथ ही जूते-जुराब उपलब्ध करवाने वाली फर्म का पेमेंट करने के लिए शासन को राशि की डिमांड भेज दी है। राशि मिलते ही फर्म का भुगतान कर दिया जाएगा।
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सत्यपाल सिंह तोमर वित्त एवं लेखा अधिकारी ने कहा कि जूते-जुराब की राशि में से बिजली बिल का भुगतान हमारे कार्यालय से नहीं हुई है। बीएसए के माध्यम से 1.23 करोड़ की डिमांड भेज दी है। राशि मिलते ही जूते-जुराब उपलब्ध करवाने वाली फर्म को पेमेंट कर दिया जाएगा।
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अंबरीष कुमार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में है, मामले की जांच वित्त एवं लेखा अधिकारी को दी गई है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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