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कृष्णकांत हत्याकांड: तीन हत्यारोपी दोषी करार, आजीवन कारावास
Updated Fri, 02 Nov 2018 01:02 AM IST
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कृष्णकांत हत्याकांड: तीन हत्यारोपी दोषी करार, आजीवन कारावास
बुलंदशहर। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव जैनपुर निवासी युवक की सलेमपुर क्षेत्र में वर्ष 2015 में हुई हत्या के मामले में अपर सत्र एवं जिला न्यायाधीश सप्तम राजीव कुमार ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। तीनों को आजीवन कारावास समेत अर्थदंड सुनाया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूनम यादव ने बताया कि वादी हरीश कुमार शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा निवासी गांव जैनपुर कोतवाली देहात ने 18 अक्तूबर 2015 को सलेमपुर थाने में अपने भाई की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पीड़ित ने बताया था कि उसका भाई कृष्णकांत शर्मा गांव में खेतीबाड़ी करता था। एक अक्तूबर 2015 की शाम को कृष्णकांत बाजार सब्जी लेने के लिए कार से गया था। देर शाम तक वापस न लौटने पर जब उसे फोन किया तो उसने बताया कि वह ढकौली निवासी अलमीन को उसके गांव छोड़कर थोड़ी देर में घर पहुंच जाएगा, लेकिन वह पूरी रात घर नहीं आया। उसके बाद उसकी तलाश की गई तो दो अक्तूबर की सुबह कृष्णकांत का शव उसकी कार में सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव बदनौरा के निकट में पड़ा मिला था। पुलिस ने मामले में जांच के दौरान आरोपी अलमीन, इदरीश और शकील सैफी का नाम सामने आने पर रिपोर्ट दर्ज की थी। उसके बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी गई थी। मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 35-35 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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बुलंदशहर। कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव जैनपुर निवासी युवक की सलेमपुर क्षेत्र में वर्ष 2015 में हुई हत्या के मामले में अपर सत्र एवं जिला न्यायाधीश सप्तम राजीव कुमार ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। तीनों को आजीवन कारावास समेत अर्थदंड सुनाया गया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी पूनम यादव ने बताया कि वादी हरीश कुमार शर्मा पुत्र ओमप्रकाश शर्मा निवासी गांव जैनपुर कोतवाली देहात ने 18 अक्तूबर 2015 को सलेमपुर थाने में अपने भाई की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पीड़ित ने बताया था कि उसका भाई कृष्णकांत शर्मा गांव में खेतीबाड़ी करता था। एक अक्तूबर 2015 की शाम को कृष्णकांत बाजार सब्जी लेने के लिए कार से गया था। देर शाम तक वापस न लौटने पर जब उसे फोन किया तो उसने बताया कि वह ढकौली निवासी अलमीन को उसके गांव छोड़कर थोड़ी देर में घर पहुंच जाएगा, लेकिन वह पूरी रात घर नहीं आया। उसके बाद उसकी तलाश की गई तो दो अक्तूबर की सुबह कृष्णकांत का शव उसकी कार में सलेमपुर थाना क्षेत्र के गांव बदनौरा के निकट में पड़ा मिला था। पुलिस ने मामले में जांच के दौरान आरोपी अलमीन, इदरीश और शकील सैफी का नाम सामने आने पर रिपोर्ट दर्ज की थी। उसके बाद तीनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी गई थी। मामले में सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास व 35-35 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है।
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