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अवैध शराब पीने से दो की मौत, गांव में मचा कोहराम
Updated Thu, 12 Oct 2017 11:24 PM IST
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शराब पीने से दो की मौत, गांव में मचा कोहराम
- पुलिस ने तस्करों को लिया हिरासत में
- गांव में ही परचून की दुकान पर सस्ते दाम पर बिक रही थी अवैध शराब
- दोनों के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर किया अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के गांव राजगढ़ी में दो युवकों की बुधवार देर रात गांव में ही सस्ते दामों पर बिक रही शराब पीने से मौत हो गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। बृहस्पतिवार सुबह दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने घटना के बाद क्षेत्र से शराब पर रोक लगाने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है।
क्षेत्र में काफी समय से अवैध शराब की बिक्री का कारोबार चल रहा है। क्षेत्र के गांव राजगढ़ी में भी एक परचून दुकानदार अपनी दुकान पर सस्ते दामों में अवैध रूप से शराब की बिक्री करता है। बुधवार शाम को गांव के ही किरणपाल(25) पुत्र कालू जाटव और बलेश(30) पुत्र राणा जाटव ने उक्त परचून की दुकान से हिमाचल प्रदेश मार्का शराब के दो पव्वे खरीदकर पी लिए। कुछ देर बाद ही दोनों की तबीयत बिगड़ गई, दोनों के मुंह से झाग आने लगे और बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन किरणपाल ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि बलेश को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ देर बाद उपचार के दौरान बलेश ने रात करीब दस बजे दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही देर रात सीओ सिटी मौके पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों से वार्ता कर शवों का पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो परिजनों ने पीएम कराने से इंकार कर दिया। मृतकों के परिजनों ने पुलिस से लिखित में शिकायत देकर गांव में अवैध रूप से बेची जा रही गैर प्रांत शराब के कारोबार पर रोक लगाने की मांग की है। औरंगाबाद थाना प्रभारी तेज सिंह ने बताया कि शराब पीने के बाद दो युवकों की मौत का मामला संज्ञान में है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था। साथ ही कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
गांव - गांव बिक रही जहरीली शराब, पुलिस मौन
औरंगाबाद । अगौता थाना क्षेत्र और औरंगाबाद के प्रत्येक गांव में जहरीली शराब का कारोबार पुलिस के संरक्षण में फलफूल रहा है। पुलिस को शराब कारोबारियों का पता होने के बाद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। राजगढ़ी में शराब से दो युवकों की मौत के बाद पुलिस की नींद उड़ गई है। पुलिस ने कई गांवों में छापामारी कर शराब माफियाओं को उठाया है। पुलिस उनसे पूछताछ के नाम पर खानापूर्ति में लगी हुई है।
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बता दें कि गांव राजगढ़ी में सस्ती शराब पीने से दो दलितों की मौत का मामला कोई नया नहीं है। इससे पहले भी जनपद में सैकड़ों लोग जहरीली शराब पीने से काल के गाल में समा चुके हैं। पुलिस और आबकारी अधिकारी छापामारी के नाम पर सिर्फ जेब गर्म करने में लगे हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार दो दिन पहले ही गांव में एक परचून की दुकान पर छापामारी की थी, जिसमें उक्त युवक अवैध शराब बेचता पकड़ा गया था। मगर, माफिया से सांठ-गांठ के बाद मामला रफा दफा कर दिया गया। बुधवार रात दो युवकों की हुई मौत ने पुलिस को सख्ते में डाल दिया है। अफसरों की फटकार के बाद नींद से जागी पुलिस रात 11 बजे मृतकों के आवासों पर पहुंची। वहां महिलाओं ने पुलिस को तस्करी की शराब के पव्वे दिखाए। एसओ ने उक्त शराब के पव्वों को यूपी के ठेकों का होने की बात कहकर मामले को खारिज कर दिया। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने देर रात राजगढ़ी, खनोंदा, तोमड़ी, खाजपुर और मुक्तेश्वरा गांवों में छापामारी कर कुछ शराब माफियाओं को उठाया है। हालांकि पुलिस किसी के हिरासत में न लेने की बात कह रही है। उधर, मृतकों के परिजनों ने गांव में बेच रहे शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
एसओ औरंगाबाद तेज सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों ने थाने में तहरीर न दी है। जिस कारण मृतकों का पीएम नहीं कराया गया है। हालांकि उनके परिजनों ने शराब का सेवन करने से ही मौत होने की सूचना लिखित में दी है।
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- पुलिस ने तस्करों को लिया हिरासत में
- गांव में ही परचून की दुकान पर सस्ते दाम पर बिक रही थी अवैध शराब
- दोनों के परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर किया अंतिम संस्कार
अमर उजाला ब्यूरो
औरंगाबाद। थाना क्षेत्र के गांव राजगढ़ी में दो युवकों की बुधवार देर रात गांव में ही सस्ते दामों पर बिक रही शराब पीने से मौत हो गई। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। बृहस्पतिवार सुबह दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने घटना के बाद क्षेत्र से शराब पर रोक लगाने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है।
क्षेत्र में काफी समय से अवैध शराब की बिक्री का कारोबार चल रहा है। क्षेत्र के गांव राजगढ़ी में भी एक परचून दुकानदार अपनी दुकान पर सस्ते दामों में अवैध रूप से शराब की बिक्री करता है। बुधवार शाम को गांव के ही किरणपाल(25) पुत्र कालू जाटव और बलेश(30) पुत्र राणा जाटव ने उक्त परचून की दुकान से हिमाचल प्रदेश मार्का शराब के दो पव्वे खरीदकर पी लिए। कुछ देर बाद ही दोनों की तबीयत बिगड़ गई, दोनों के मुंह से झाग आने लगे और बेहोश होकर जमीन पर गिर गए। ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर दोनों को अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन किरणपाल ने मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि बलेश को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ देर बाद उपचार के दौरान बलेश ने रात करीब दस बजे दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही देर रात सीओ सिटी मौके पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों से वार्ता कर शवों का पोस्टमार्टम कराने की बात कही तो परिजनों ने पीएम कराने से इंकार कर दिया। मृतकों के परिजनों ने पुलिस से लिखित में शिकायत देकर गांव में अवैध रूप से बेची जा रही गैर प्रांत शराब के कारोबार पर रोक लगाने की मांग की है। औरंगाबाद थाना प्रभारी तेज सिंह ने बताया कि शराब पीने के बाद दो युवकों की मौत का मामला संज्ञान में है। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया था। साथ ही कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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गांव - गांव बिक रही जहरीली शराब, पुलिस मौन
औरंगाबाद । अगौता थाना क्षेत्र और औरंगाबाद के प्रत्येक गांव में जहरीली शराब का कारोबार पुलिस के संरक्षण में फलफूल रहा है। पुलिस को शराब कारोबारियों का पता होने के बाद भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। राजगढ़ी में शराब से दो युवकों की मौत के बाद पुलिस की नींद उड़ गई है। पुलिस ने कई गांवों में छापामारी कर शराब माफियाओं को उठाया है। पुलिस उनसे पूछताछ के नाम पर खानापूर्ति में लगी हुई है।
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बता दें कि गांव राजगढ़ी में सस्ती शराब पीने से दो दलितों की मौत का मामला कोई नया नहीं है। इससे पहले भी जनपद में सैकड़ों लोग जहरीली शराब पीने से काल के गाल में समा चुके हैं। पुलिस और आबकारी अधिकारी छापामारी के नाम पर सिर्फ जेब गर्म करने में लगे हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार दो दिन पहले ही गांव में एक परचून की दुकान पर छापामारी की थी, जिसमें उक्त युवक अवैध शराब बेचता पकड़ा गया था। मगर, माफिया से सांठ-गांठ के बाद मामला रफा दफा कर दिया गया। बुधवार रात दो युवकों की हुई मौत ने पुलिस को सख्ते में डाल दिया है। अफसरों की फटकार के बाद नींद से जागी पुलिस रात 11 बजे मृतकों के आवासों पर पहुंची। वहां महिलाओं ने पुलिस को तस्करी की शराब के पव्वे दिखाए। एसओ ने उक्त शराब के पव्वों को यूपी के ठेकों का होने की बात कहकर मामले को खारिज कर दिया। सूत्रों के अनुसार पुलिस ने देर रात राजगढ़ी, खनोंदा, तोमड़ी, खाजपुर और मुक्तेश्वरा गांवों में छापामारी कर कुछ शराब माफियाओं को उठाया है। हालांकि पुलिस किसी के हिरासत में न लेने की बात कह रही है। उधर, मृतकों के परिजनों ने गांव में बेच रहे शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
एसओ औरंगाबाद तेज सिंह ने बताया कि मृतकों के परिजनों ने थाने में तहरीर न दी है। जिस कारण मृतकों का पीएम नहीं कराया गया है। हालांकि उनके परिजनों ने शराब का सेवन करने से ही मौत होने की सूचना लिखित में दी है।