घर से कुछ कदम दूर मौत: छज्जा गिरने से दो बच्चों की गई जान, मलबे में दबे चचेरे भाई-बहन; चारा लेने निकले थे
हादसों में दो बच्चों की मौत से गांव में शोक छाया हुआ है। पूरा गांव पीड़ित परिवार के दुख में शामिल है। ग्रामीण पीड़ित परिवार को सांत्वना दे रहे हैं और ढ़ाढस बंधा रहे हैं। हादसे को लेकर गांव का माहौल पूरी तरह से गमगीन है। गांव में लोगों के चूल्हे तक नहीं जले हैं।
विस्तार
यूपी के बुलंशहर स्थित अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के तोरई गांव में बृहस्पतिवार को दिल दहला देने हादसे में छज्जे के मलबे में दबने से चचेरे भाई, बहन की मौत हो गई। बच्चों की मौत से परिवार में मातम छा गया। सूचना पर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। एसडीएम प्रियंका गोयल, सीओ शशांक श्रीवास्तव ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। एसडीएम ने गांव पहुंचकर भी घटना की जानकारी ली। हादसे को लेकर गांव में शोक छाया हुआ है।
चारा काटने जा रहे थे दोनों
अमित कुमार ने बताया कि उनके परिवार के दीपांशु (14 वर्ष) और उसकी चचेरी बहन रितिका (11 वर्ष) दोपहर के समय घर से महज 20 मीटर की दूरी पर स्थित घेर में पशुओं का चारा काटने के लिए जा रहे थे। जैसे ही दोनों ने घेर के मुख्य दरवाजे पर पहुंचे। तभी दरवाजे के ऊपर बना भारी-भरकम छज्जा अचानक टूटकर दोनों बच्चों पर गिर गया। जिससे दोनों बच्चे छज्जे के मलबे में दब गए। बच्चों के मलबे में दबने से चीख, पुकार मच गई।
अस्पताल में मत गई चीख पुकार
आसपास, अफरा-तफरी का महौल हो गया। लोग बच्चों को बचाने के प्रयास में तुरंत घटना स्थल की ओर दौड़े। वहीं, परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। आनन-फानन में मलबे को हटाकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया। परिजन तुरंत उन्हें लेकर अनूपशहर के सरकारी अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बच्चों के मृत घोषित किए जाने पर अस्पताल में मौजूद परिजनों में चीख, पुकार मच गई। अस्पताल में मौजूद गांव के लोग भी अपने आंसुओं को नहीं रोक पाए।
हादसे में हंसते खेलते परिवार की खुशियों को लग गया ग्रहण
हादसे ने दो सगे भाइयों के हंसते-खेलते परिवारों की खुशियों को ग्रहण लगा दिया। मृतक दीपांशु कक्षा 9वीं का छात्र था और चार भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर था। वहीं, रितिका कक्षा 5वीं में पढ़ती थी और तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी। दीपांशु के पिता राजपाल, रितिका के पिता महेश आपस में सगे भाई है। दोनों मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं।
गांव में नहीं जले चूल्हे
हादसों में दो बच्चों की मौत से गांव में शोक छाया हुआ है। पूरा गांव पीड़ित परिवार के दुख में शामिल है। ग्रामीण पीड़ित परिवार को सांत्वना दे रहे हैं और ढ़ाढस बंधा रहे हैं। हादसे को लेकर गांव का माहौल पूरी तरह से गमगीन है। गांव में लोगों के चूल्हे तक नहीं जले हैं। ग्रामीणों ने अपने छोटे बच्चों को बिस्कुट, या घर में रखे दोपहर के खाने को खिलाकर सुलाया।
घटना बेहद दुखद है और प्रशासन के संज्ञान में है। हल्का लेखपाल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिजनों से बात की है। नुकसान और हादसे की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जा रही है, ताकि नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाई जा सके। -प्रियंका गोयल, एसडीएम
शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस जांच कर रही है। कानून व्यवस्था संबंधी कोई समस्या नहीं है। - शशांक श्रीवास्तव सीओ अनूपशहर