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मिसाल : फौजियों के गांव सैदपुर में 2154 ने लिए वैक्सीन के डोज
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मिसाल : फौजियों के गांव सैदपुर में 2154 ने लिए वैक्सीन के डोज
बीबीनगर। फौजियों के गांव के नाम से मशहूर सैदपुर गांव के लोगों ने टीकाकरण कराने में भी मिसाल बनाई है। बीस हजार की आबादी वाले गांव में अब तक 2154 लोग टीका लगवा चुके हैं। गांव में जागरूकता का ही नतीजा है कि यहां दूसरी लहर में सिर्फ 31 लोग पॉजिटिव हुए। पंचायत चुनाव के बाद जहां गांवों में संक्रमण तेजी से फैला वहीं इस गांव में कोरोना से सिर्फ एक ही मौत हुई।
सैदपुर गांव के अधिकांश परिवारों में से कोई न कोई सदस्य फौज में है। देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों की संख्या भी यहां बड़ी है। कोरोना की दूसरी लहर आई तो गांवों में मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन और टीकाकरण के संबंध में कई भ्रांतियां बाधा बन गईं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को जागरूकता के लिए लगातार काम करना पड़ा। लेकिन सैदपुर गांव ने सतर्कता और जागरूकता की अनूठी मिसाल पेश की। नतीजा यह रहा कि गांव की 20 हजार की आबादी में से सिर्फ 0.15 फीसदी लोग ही संक्रमण की चपेट में आए। पीएचसी प्रभारी डा. सुशील कुमार जैन ने बताया कि गांव में जांच के दौरान कुल 31 मरीजों को ही कोविड संक्रमण और एक मौत की पुष्टि हुई। पीएचसी सैदपुर पर चार मार्च से टीकाकरण शुरू किया गया था। अभी तक 65 दिन में 2154 लोगों को टीका लगाया जा चुका है।
बोले लोग
एक दूसरे को बता रहे हैं टीके का फायदे
गांव में कई लोगों ने टीका लगवा लिया है। टीकाकरण के बाद कोरोना से खतरा कम होगा इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। - हरेंद्र सिंह
जागरूक रहेंगे तो नहीं होगा कोरोना
कोरोना से अधिक खतरा लोगों में जागरूकता के अभाव से है। यदि प्रत्येक व्यक्ति जागरूक हो जाएगा तो गांव में कोरोना नहीं घुस सकेगा। - कुलदीप सिरोही
दूसरोें को कर रहे प्रेरित
अभी कुछ लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इन्हें वैक्सीन के फायदे बताकर हम प्रेरित करते हैं और इसका असर भी हो रहा है। - दिनेश सिरोही
जागरूकता और सतर्कता ही कोरोना से बचाव का सबसे बड़ा हथियार हैं। समय-समय पर गांव में जांच शिविर के साथ सैनिटाइजेशन और वैक्सीनेशन भी कराया जा रहा है। हम सभी लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। - अमित कुमार, ग्राम प्रधान सैदपुर
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बीबीनगर। फौजियों के गांव के नाम से मशहूर सैदपुर गांव के लोगों ने टीकाकरण कराने में भी मिसाल बनाई है। बीस हजार की आबादी वाले गांव में अब तक 2154 लोग टीका लगवा चुके हैं। गांव में जागरूकता का ही नतीजा है कि यहां दूसरी लहर में सिर्फ 31 लोग पॉजिटिव हुए। पंचायत चुनाव के बाद जहां गांवों में संक्रमण तेजी से फैला वहीं इस गांव में कोरोना से सिर्फ एक ही मौत हुई।
सैदपुर गांव के अधिकांश परिवारों में से कोई न कोई सदस्य फौज में है। देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों की संख्या भी यहां बड़ी है। कोरोना की दूसरी लहर आई तो गांवों में मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, सैनिटाइजेशन और टीकाकरण के संबंध में कई भ्रांतियां बाधा बन गईं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को जागरूकता के लिए लगातार काम करना पड़ा। लेकिन सैदपुर गांव ने सतर्कता और जागरूकता की अनूठी मिसाल पेश की। नतीजा यह रहा कि गांव की 20 हजार की आबादी में से सिर्फ 0.15 फीसदी लोग ही संक्रमण की चपेट में आए। पीएचसी प्रभारी डा. सुशील कुमार जैन ने बताया कि गांव में जांच के दौरान कुल 31 मरीजों को ही कोविड संक्रमण और एक मौत की पुष्टि हुई। पीएचसी सैदपुर पर चार मार्च से टीकाकरण शुरू किया गया था। अभी तक 65 दिन में 2154 लोगों को टीका लगाया जा चुका है।
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बोले लोग
एक दूसरे को बता रहे हैं टीके का फायदे
गांव में कई लोगों ने टीका लगवा लिया है। टीकाकरण के बाद कोरोना से खतरा कम होगा इसके लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। - हरेंद्र सिंह
जागरूक रहेंगे तो नहीं होगा कोरोना
कोरोना से अधिक खतरा लोगों में जागरूकता के अभाव से है। यदि प्रत्येक व्यक्ति जागरूक हो जाएगा तो गांव में कोरोना नहीं घुस सकेगा। - कुलदीप सिरोही
दूसरोें को कर रहे प्रेरित
अभी कुछ लोग वैक्सीन लगवाने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इन्हें वैक्सीन के फायदे बताकर हम प्रेरित करते हैं और इसका असर भी हो रहा है। - दिनेश सिरोही
जागरूकता और सतर्कता ही कोरोना से बचाव का सबसे बड़ा हथियार हैं। समय-समय पर गांव में जांच शिविर के साथ सैनिटाइजेशन और वैक्सीनेशन भी कराया जा रहा है। हम सभी लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। - अमित कुमार, ग्राम प्रधान सैदपुर
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